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पीयू की सीनेट मीटिंग:दलितों और ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा देकर पीयू को बनाएंगे देश की पहली यूनिवर्सिटी

पटियालाएक महीने पहले
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पंजाबी यूनिवर्सिटी की पांच साल बाद सीनेट मीटिंग करवाई गई। इसमें अलग-अलग महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और मंजूरी दी गई। सीनेट के सभापति डॉ. अरविंद वाइस चांसलर ने पंजाबी यूनिवर्सिटी की तरफ से पिछले समय दौरान की गई अहम प्राप्तियां और गतिविधियों के बारे में बताया और भविष्य की योजनाओं के बारे बात की गई। एक अहम टिप्पणी करते उन्होंने कहा कि इन दिनों पंजाबी यूनिवर्सिटी को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी में कभी भी अकादमिक गरीबी नहीं आई है, और न ही आने दी जाएगी।

कहा कि यूनिवर्सिटी के सुचारू प्रबंधन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह एक अहम सलाहकारी बॉडी है। मीटिंग पांच सालों बाद हो रही है, लेकिन भविष्य में यह मीटिंग रेगुलर तौर पर करवाई जाएगी। मीटिंग के दौरान सीनेट मेंबरों ने कन्वोकेशन हर साल करवाने का प्रस्ताव दिया। इस मौके वीसी डॉ. अरविंद ने कहा कि कन्वोकेशन का जल्द आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों, लड़कियां, दलितों और ग्रामीण क्षेत्रों में सम्बन्धित विद्यार्थियों की पहुंच में ऊंची शिक्षा को लाने जैसे पैमानों को आधार बनाया जाए तो यूनिवर्सिटी किसी भी रैंकिंग में देश की पहली कुछ यूनिवर्सिटियों में भी शामिल होगी।

भविष्य की योजनाएं : पर्यावरण की अनुकूलता के बारे में प्रोजेक्ट बनाया जा रहा

भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते बताया कि यूनिवर्सिटी की तरफ से पंजाब के पक्षियों और वृक्षों के विशेष प्रसंग में जहां पर्यावरण की अनुकूलता के बारे एक प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। इसमें एक लैब की सुविधा के साथ काम करते इस पर्यावरण को फिर साफ सुथरा करने के लिए जरूरी नुक्तों को खोजने की कोशिश की जाएगी। एक विशेष एंटरप्रेन्योर केंद्र स्थापित करने की भी तजवीज है।

एंटरप्रेन्योरशिप से ग्रामीण क्षेत्रों को होगा लाभ

सीनेट में तीन मशहूर शख्सियतें डॉ. स्वराजबीर, डॉ. अरुण ग्रोवर और डॉ. एसएस मरवाहा भी शामिल हुए है। प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री, पद्म भूषण अवार्डी और सीनेट मेंबर एसएस जौहल पूर्व वाइस चांसलर पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, जो कि केंद्रीय यूनिवर्सिटी बठिंडा के चांसलर और पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रह चुके हैं।

उन्होंने अपने विचार प्रगट करते पंजाबी यूनिवर्सिटी की विलक्षणता बारे बातचीत की और अपने कार्यकाल के अनुभवों के हवाले के साथ कुछ सुझाव पेश किए। मरवाहा ने कहा कि यूनिवर्सिटी यदि एंटरप्रेन्योरशिप केंद्र स्थापित करने का कदम उठाती है तो यह पिछड़े और ग्रामीण वर्गों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। सीनेट मेंबर और डीपीआई कालेजों परमजीत सिंह ने कालेजों की समस्याएं, उनके सुधार, यूनिवर्सिटियों की इस संबंधित भूमिका आदि के नुक्तों के हवाले के साथ अपनी बात रखी। मीटिंग का संचालन रजिस्ट्रार डा. वरिंदर कौशिक की तरफ से किया गया। धन्यवादी डीन अकादमिक मामले डा. बलवीर सिंह संधू ने किया।

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