पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Punjab
  • Patiala
  • Allergy ; Can't Eat Wheat Rotis, Boiled Vegetables, Fruits And Juices For Lunch, Special Diet From Jail Administration Siddu

भास्कर खास:सिद्धू नहीं खा सकते गेहूं की रोटियां; उबली सब्जियां, फल और जूस का करते हैं लंच

पटियालाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शुक्रवार शाम तक सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को सरेंडर करना पड़ा। कोर्ट परिसर जाते वक्त सिद्धू का चेहरा मायूस था। किसी से बात नहीं की। मेडिकल ग्राउंड पर एक हफ्ते की राहत मांगने पर यूथ शिअद प्रधान परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा, वीरवार को हाथी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करते वक्त सिद्धू स्वस्थ थे। जेल जाना पड़ रहा है तो सेहत खराब की बात कह दी। इस पर सिद्धू के मीडिया सलाहकार सुरिंदर डल्ला ने कहा, सिद्धू जेल से नहीं डरते।

हाथी पर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। सिद्धू गेहूं की रोटी नहीं खा सकते। लिवर की प्रॉब्लम के कारण स्पेशल डाइट लेते हैं। पैर में प्रॉब्लम है, विशेष बेल्ट पहनते हैं। लंबे समय से वो गेहूं की रोटी नहीं खा रहे। जेल प्रशासन को उन्होंने डाइट बता दी है।

बख्शीखाने में जाने से पहले अमृतसर के पूर्व मेयर दत्ती को डाली जफ्फी
सिद्धू को मेडिकल के लिए ले जाया जा रहा था तभी अमृतसर के पूर्व मेयर सुनील दत्ती भावुक हो गए। सिद्धू ने आगे बढ़कर गले लगा लिया।

पूर्व विधायक नवतेज चीमा बने सारथी, 8 पूर्व विधायक कोर्ट पहुंचे
दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर सिद्धू कोर्ट परिसर जाने के लिए निकले तो उनकी कार पहले से स्टार्ट थी। इधर-उधर देखे बिना सीधे कार में बैठे। साथ चल रहे पूर्व एमएलए नवतेज चीमा से ड्राइविंग सीट पर बैठने का इशारा किया और काफिले के साथ अदालत रवाना हो गए। 8 पूर्व एमएलए कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। जिला कांग्रेस शहरी प्रधान नरिंदर लाली की अगुवाई में कई समर्थक वहां मौजूद थे।

सिद्धू पढ़े-लिखे हैं, फैक्टरी या लाइब्रेरी में मिल सकता है काम
सिद्धू पढ़े-लिखे हैं। इसलिए जेल में बनी फैक्टरी में उनसे काम लिया जा सकता है। यहां बिस्किट और फर्नीचर बनाया जाता है। उनसे लाइब्रेरी या जेल ऑफिस में भी काम लिया जा सकता है। उन्हें 8 घंटे काम करना होगा।

4 महीने जेल में काटने पड़ेंगेफिर आचरण देख मिलेगी पैरोल
सिद्धू को 4 महीने जेल में काटने पड़ेंगे। इसके बाद उनके आचरण के आधार पर पैरोल मिल सकती है। इसके लिए जेल सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट जरूरी है। सिद्धू को 28 दिन की पैरोल मिल सकती है।

सिद्धू से मांगे गए 5 नंबर, इन्हीं पर कर सकेंगे बात
जेल में बंद कैदी व हवालाती घर में बात कर सकें, इसके लिए जेल प्रशासन ने फोन करने की सुविधा दे रखी है। लेकिन कैदी व हवालाती उन्हीं पारिवारिक सदस्यों को फोन कर सकते हैं, जिनके नंबर संबंधित कैदी जेल प्रशासन को देता है। दिए गए नंबरों के अलावा किसी भी अन्य नंबर काल करने की सुविधा नहीं होती। क्योंकि वही नंबर रिकॉर्ड में रखे जाते हैं। जेल प्रशासन ने सिद्धू से कहा कि वे कोई भी 5 नंबर दे सकते हैं।