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सिद्धू की सुरक्षा में बड़ी चूक:पटियाला जेल में ड्रग्स केस में बंद बर्खास्त इंस्पेक्टर के साथ रखा; सुपरिटेंडेंट ने आरोप नकारे

चंडीगढ़3 महीने पहले
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रोड रेज केस में पटियाला जेल में बंद नवजोत सिद्धू की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। जेल प्रबंधन ने सिद्धू को ड्रग्स केस में बंद बर्खास्त पुलिस इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के साथ रख दिया। इंद्रजीत से पुलिस ने ड्रग्स के साथ AK-47 भी बरामद की थी। हालांकि जब इसका खुलासा हुआ तो तुरंत इंस्पेक्टर की बैरक बदल दी गई। सिद्धू के लिहाज से यह अहम इसलिए है क्योंकि वह अपने राजनीतिक करियर में लगातार नशा तस्करों के खिलाफ बोलते रहे हैं। हालांकि मामला जेल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद चूक की जांच शुरू हो गई है।

जेल सुपरिटेंडेंट ने आरोप नकारे
पटियाला के जेल सुपरिटेंडेंट मनजीत सिंह टिवाना ने इन आरोपों को गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू को कभी बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के साथ नहीं रखा गया। पहले दिन से ही सिद्धू और इंद्रजीत अलग-अलग बैरकों में बंद हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती गई है।

जेल कर्मचारी भी थे हैरान, अफसर भी उठा रहे सवाल
सिद्धू को जब शुक्रवार को इंद्रजीत सिंह के साथ बंद किया गया तो जेल के कर्मचारी भी अफसरों के फैसले से हैरान थे। सिद्धू लगातार नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। वह नशा तस्करों की हिट लिस्ट पर हैं। पुलिस अफसर भी इस बात को मानते हैं कि पंजाब बेस्ड ड्रग तस्कर के साथ सिद्धू को रखना उनकी जान के लिए खतरा है। यही खतरा बिक्रम मजीठिया को भी है। अफसरों ने यह भी सवाल उठाया कि सिद्धू के नशे के खिलाफ उठाई आवाज को देखते हुए ड्रग्स केस वालों को साथ में नहीं रखा जाना चाहिए था।

कौन है इंद्रजीत सिंह
इंद्रजीत सिंह कपूरथला पुलिस में CIA का इंस्पेक्टर था। उसके घर से स्पेशल टास्क फोर्स को 2017 में AK-47 भी मिली थी। इसके अलावा उसके पास से 4 किलो हेरोइन, 3 किलो स्मैक और विदेशी हथियार भी बरामद हुए थे। उसके साथ कई और पुलिस अफसर भी शामिल थे।

34 साल पुराने केस में जेल गए सिद्धू
नवजोत सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने 34 साल पुराने रोड रेज केस में एक साल कैद की सजा सुनाई है। जिसके बाद शुक्रवार को सिद्धू ने पटियाला कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सिद्धू का पार्किंग को लेकर 1988 में पटियाला में बुजुर्ग गुरनाम सिंह से झगड़ा हुआ था। इसमें बाद बुजुर्ग की मौत हो गई। पहले सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को सिर्फ एक हजार जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालांकि पीड़ित परिवार ने पुनर्विचार याचिका दायर कर दी। जिसमें अब उन्हें एक साल कैद की सजा दी गई है।