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टिक्टों को लेकर एकसुर नहीं मोर्चा के सदस्य:दूसरी बार टाली गई उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट, पूरा दिन मंथन के बाद भी उम्मीदवारों का चयन नहीं

लुधियाना5 महीने पहले
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मीटिंग के लिए लुधियाना पहुंचे राजेवाल व अन्य नेता। - Money Bhaskar
मीटिंग के लिए लुधियाना पहुंचे राजेवाल व अन्य नेता।

पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ रहे किसान संगठनों का संयुक्त समाज मोर्चा उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट को लेकर एकसुर नहीं हो पा रहा है। उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट आज दूसरी बार फिर टालनी पड़ी है। आज संयुक्त समाज मोर्चा की सक्रीनिंग कमेटी की बैठक में आज फिर से इस पर फैसला नहीं हो सका है। पूरा दिन मंथन के बाद देर शाम पत्रकारवार्ता बुलाई गई थी और इसमें 45 उम्मीदवारों का एलान किया जाना था मगर इस पर फैसला नहीं हो पाया है। पहले पत्रकारों को वहां पर बुला लिया गया था मगर पत्रकारवार्ता ही रद्द कर दी गई। इससे पहले 14 जनवरी को भी पत्रकारवार्ता बुलाई गई थी और लिस्ट जारी की जानी थी। मगर इस दिन भी देर रात मना कर दिया गया कि वह 16 जनवरी को लिस्ट जारी करेंगे, मगर ऐसा नहीं हुआ है। किसान नेता जंगवीर सिंह और बलवंत सिंह बहिराम के ने कहा कि हां भी दूसरी सूची पूरी नहीं हो सकी है इस लिए हम लिस्ट जारी नहीं कर रहे हैं।
आज 45 उम्मीदवारों का होना था एलान
संयुक्त समाज मोर्चा की तरफ से आज अपनी दूसरी लिस्ट जारी होनी थी। इसके लिए मोर्चा की सक्रीनिंग कमेटी की तरफ से आज पूरा दिन बैठक की गई। इसमें बलवीर सिंह राजेवाल समेत अन्य नेता शामिल थे। बाद दोपहर जब लिस्टें फाइनल हो रही थीं तो सक्रीनिंग कमेटी के नेता ही आपस में उलझ गए और कैंसल कर देना पड़ा।
पहले दस उम्मीदवारों का एलान कर चुकी है पार्टी
इससे पहले किसानों की तरफ से अब तक पहली सूची में 10 उम्मीदवारों का एलान किया गया था। जिसमें समराला से बलवीर सिंह राजेवाल समेत मोगा से आप छोड़कर आए नवदीप संघा को चुनाव मैदान में उतारा गया था। आज पार्टी की तरफ से 45 अन्य की सूची जारी की जा रही है। इसका एलान जल्द ही किया जा सकता है।
निश्चित सरकार हमारी होगी, तब तक स्टेज नहीं दरियों पर बैठकर करेंगे संघर्ष
मोर्चा के सीनियर नेता रुलदू सिंह मानसा ने कहा है कि निश्चित तौर पर हमारी सरकार बनने जा रही है। हमारी तीन कमेटियां बनी हैं जो अब तक आई 1273 उम्मीदवारों में से अच्छे उम्मीदवार चुन रही है। हां देरी जरूर हो रही है मगर काम ही इतना बड़ा है कि देरी होना सवभाविक है। संयुक्त किसाना मोर्चा द्वारा निकाल देने पर उनका कहना है कि हा हम चुनाव लड़ रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि हमें स्टेज पर बोलने का हक नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो वह मोर्चा के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे और स्टेज पर ना जाकर हम दरियों पर बैठेंगे।

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