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कल की कैबिनेट की बैठक पर कर्मियों की आंख:दूसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, कैबिनेट की बैठक में हल नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री ओर परिवहन मंत्री के हलके में प्रदर्शन

8 महीने पहले
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हडताल के दौरान सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुलाजिम। - Money Bhaskar
हडताल के दौरान सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुलाजिम।

पनबस/पीआरटीसी कंट्रेक्ट वर्कर यूनियन का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा है। आज कच्चे मुलाजिमों की हड़ताल जारी रही और उनकी तरफ से काम नहीं किया गया है। दूसरी तरफ से यूनियन के प्रदेश स्तर के अधिकारियों के साथ सरकार के नुमाइंदों से हुई बैठक में फिर आश्वासन मिला है, 9 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। इसमें उनकी बात रखने की बात कही गई है। इसके बाद यूनियन सदस्यों की तरफ से एलान किया गया है कि इसी लिए आज का एक्शन रद्द कर दिया गया था। अब अगर 9 दिसंबर को होने वाली बैठक में फैसला नहीं लिया जाता है तो वह संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए 10 दिसंबर से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के विधान सभा क्षेत्र में प्रदर्शन शुरू करेंगे। पहले यूनियन की तरफ से एलान किया गया था कि वह आज यानि 8 दिसंबर को मुख्यमंत्री की कोठी का घेराव करेंगे।

आश्सान देकर हल नहीं करने पर मुख्यमंत्री का घेराव

CM चरणजीत सिंह चन्नी ने आश्वासन दिलाया था कि मुलाजिमों को 20 दिन में पक्की नौकरी दी जाएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ है। इसके बाद परिवहन मंत्री ने भी बैठकों में आश्वासन दिया था, मगर उनका हल नहीं किया है। जिस कारण मुलाजिमों की तरफ से मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने का एेलान किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि सभी सरकारें प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को फायदा देने के लिए काम कर रही हैं। यही कारण है कि नई बसें नहीं डाली जा रही हैं। पंजाब रोडवेज की 2407 बसों में से 399 बसें ही रह गई हैं, पंजाब की आबादी 2 करोड़ है और कम से कम 10000 बसों की जरूरत है। सरकार फ्री बस सेवा देने के एेलान तो कर देती यह सब चुनावी जुमलों के सिवा कुछ नहीं है।

पक्की नौकरी को लेकर जारी रहेगी हड़ताल

पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कोर्पोरेशन यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह का कहना है कि यह संघर्ष सरकारी ट्रांसपोर्ट को बचाने लिए 10000 नई सरकारी बसें चलाने, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, एडवांस बुक्कर, डाटा एंट्री ऑपरेटरों का वेतन बढ़ाने और नाजायज कंडीशन के तहत निकाले गए मुलाजिमों को भर्ती करने तक जारी रहेगा। सरकार बार-बार कैबिनेट की बैठक बुला तो रही है तो उनके लिए भी विशेष कैबिनेट बैठक बुलानी चाहिए।

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