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लुधियाना ब्लास्ट का मास्टरमाइंड काबू:अमृतसर के सम्मू और दिलबाग ने गगनदीप को दी IED, NIA ले सकती है रिमांड पर

लुधियाना3 महीने पहले
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पंजाब पुलिस लुधियाना कोर्ट में पिछले साल 23 दिसंबर को हुए ब्लास्ट के मास्टरमाइंड सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू और दिलबाग सिंह उर्फ बागो तक पहुंच चुकी है। दिलबाग सिंह ने पाकिस्तान से ब्लास्ट में इस्तेमाल IED मंगवाई और उसे सम्मू तक पहुंचाया। सम्मू ने IED गगनदीप सिंह को डिलीवर की। कोर्ट में IED लगाते समय हुए धमाके में गगनदीप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच लुधियाना ब्लास्ट की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी NIA सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू और दिलबाग सिंह उर्फ बागो को रिमांड पर ले सकती है। इन दोनों की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों और खालिस्तान समर्थकों की लोकल चैन काफी हद तक टूट चुकी है।

दरअसल पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने ड्रोन के जरिये बॉर्डर पार से भारत में 4 IED पहुंचाई। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक बसे बलड़वाल गांव में इन IED की डिलीवरी दिलबाग सिंह उर्फ बागो और उसके साथियों ने ली। दिलबाग सिंह अमृतसर जिले के चक्क अल्लाह बख्श का रहने वाला है। उसने इनमें से एक IED अमृतसर में ही चौगांवा गांव के अड्डे पर सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू ​​​​​​को दे दी। सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू अमृतसर के ही पंजू कलाल गांव का रहने वाला है। IED मिलने के बाद सम्मू उसे लेकर लुधियाना बाईपास पर पहुंचा और वहां पंजाब पुलिस के बर्खास्त मुलाजिम गगनदीप सिंह को उसकी डिलीवरी दे दी। कोर्ट में IED लगाने का जिम्मा गगनदीप सिंह को दिया गया था। IED लगाते समय हुए धमाके में गगनदीप सिंह मौके पर ही मारा गया था। जांच एजेंसियों ने लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट की जांच शुरू की तो इसके तार आतंकी जसविंदर मुल्तानी और हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा से जुड़े मिले।

दो दिन पहले ब्रेक किया मॉड्यूल

साल 2021 अगस्त के बाद पंजाब में कई जगह लावारिस IED मिले। पुलिस पता नहीं लगा पा रही थी कि बॉर्डर पार से पंजाब में इन IED को कौन रिसीव कर रहा है? और इसे आगे कौन डिलीवर करवा रहा है। 2 दिन पहले पंजाब पुलिस की बॉर्डर रेंज की STF ने अमृतसर में दिलबाग सिंह बागो और उसके 3 साथियों को गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल को ब्रेक किया। पकड़ में आए दिलबाग के साथियों में अमृतसर जिले के धनोए कलां गांव का हरप्रीत सिंह हैप्पी, सविंदर सिंह भल्ला के अलावा 8वीं कक्षा का एक नाबालिग छात्र भी है। यह पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। पंजाब के DGP वीके भावरा ने शनिवार देर शाम खुद इससे जुड़ा ट्वीट किया।

DGP के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में पंजाब पुलिस के अलावा केंद्रीय एजेंसी NIA ने भी काम किया। अमृतसर पुलिस ने ग्रामीण इलाकों में लगातार छापे मारकर कई लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर ही पुलिस दिलबाग सिंह और उसके साथियों तक पहुंची। उनसे हथियार, विस्फोटक सामग्री और हेरोइन मिली।

पाकिस्तानी तस्करों से संबंध
IG चावला के अनुसार, दिलबाग सिंह और सविंदर सिंह को 18 मई को गिरफ्तार किया गया। जांच में दोनों ने पाकिस्तान में बैठे बड़े ड्रग तस्कर हाजी अकरम से हेरोइन की खेप मंगवाने की बात कबूल की। दिलबाग सिंह ने पूछताछ में कबूल किया कि उसके पास 2 पाकिस्तानी सिम है जिनके जरिये वह पाकिस्तानी तस्करों से बात करता है। पुलिस ने उससे एक मोबाइल फोन और दोनों पाकिस्तानी सिम बरामद कर लिए। पूछताछ में दिलबाग सिंह उर्फ बागो ने ही बताया कि वह लुधियाना कोर्ट में हुए ब्लास्ट में शामिल रहा है। उससे पूछताछ में ही सुरमुख सिंह उर्फ सम्मू का सुराग मिला।

इसी साल बरामद हुए तीन IED
पंजाब में STF ने इसी साल जनवरी और फरवरी में अलग-अलग जगह से तीन IED बरामद की। इन IED का इस्तेमाल पंजाब में अलग-अलग जगहों पर धमाके करने में होना था। यह तीनों IED वही है जो पाकिस्तान में बैठे हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा ने ड्रोन के जरिये दिलबाग सिंह को डिलीवर की थीं।

छात्र को भेजा चाइल्ड केयर सेंटर

IG बॉर्डर रेंज मोहनीष चावला ने बताया कि 8वीं के जिस छात्र को पकड़ा गया, सविंदर, दिलबाग और हरप्रीत उससे मोबाइल पर इंटरनेट चलवाने में मदद लेते थे। छात्र की ड्रग या आर्म्स स्मगलिंग में कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई इसलिए उसे जुवेनाइल अदालत में पेश करने के बाद लुधियाना के चाइल्ड केयर सेंटर भेज दिया गया। बाकी तीनों को रिमांड पर ले लिया गया। STF ने यह कार्रवाई पंजाब में छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर मनाए जाने वाले घल्लूघारा दिवस से पहले की।