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कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए एक और कोशिश:पटियाला में बनाई गई जीनोम सीक्वेंसिंग फैसिलटी लैब, अब नए वैरिएंट को पहचानना होगा आसान

लुधियानाएक महीने पहले
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सरकारी मेडिकल कॉलेज की इमारत यहां पर वायरस रिसर्च डायग्नौस्टिक लैब की गई है - Money Bhaskar
सरकारी मेडिकल कॉलेज की इमारत यहां पर वायरस रिसर्च डायग्नौस्टिक लैब की गई है

कोरोना की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए पंजाब सरकार अलर्ट है।इलके बदलते रूपों की पहचान के लिए पटियाला के मेडिकल कॉलेज में वायरस रिसर्च डायग्नौस्टिक लैब (VRDL) बनाई गई है, जो अपनी किस्म की ऐसी पहली कोविड-19 जीनोम सीक्वेंसिंग फैसिलटी वाली लैब है।

इस लैब से कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट की जांच के लिए एक माह का इंतजार नहीं करना होगा। सिर्फ 5-6 दिन में ही नए जानकारी मिल सकेगी।सेहत मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू के अनुसार कोविड के नए वैरिएंट के संदिग्ध मरीज़ों के सभी नमूने NCDS दिल्ली में भेजे जाते थे। जहां कोविड के नए वैरिएंट की पुष्टि करने में एक महीने से अधिक समय लगता था।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसी विशेष क्षेत्र में कोविड के नए वैरिएंट का कोई मामला पाया जाता है तो वायरस के फैलाव को आगे बढऩे से रोकने के लिए सभी संदिग्ध मरीज़ों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग करने की तुरंत जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला में जीनोम सीक्वेंसिंग फैसीलिटी की उपलब्धता से रिपोर्ट अब 5 से 6 दिनों में मिल रही हैं।

यूके बेस्ड कंपनी ने बनाई है यह लैब
लैबोरेटरी को UK आधारित निर्माता-ऑक्सफोर्ड नैनोपोर ने बनाया है। मिनआईओएन एम.के. 1 सी विशेष संक्षिप्त और पोर्टेबल यू.एस.बी. द्वारा संचालित उपकरण है, जो डी.एन.ए. और आर.एन.ए. दोनों के रियल-टाइम विश्लेषण के ज़रिए नतीजों तक तुरंत पहुंचने की सुविधा देता है। जीनोम सीक्वेंसर और सहायक उपकरण एक यू.एस. आधारित गैर-लाभकारी संगठन, पाथ द्वारा राज्य में चलाए जा रहे कोविड-19 रिस्पॉन्स स्पोर्ट के हिस्से के तौर पर दान किए गए हैं।

अब तक 150 सैंपल की जांच, किसी में नया वैरिंएंट नहीं
राहत की बात यह है कि अब तक इस लैब में नई तकनीक से यहां पर अब तक 150 नमूनों की जांच की जा चुकी है और किसी भी नमूने में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट की पहचान नहीं हुई। सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला के इंचार्ज द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सेहत मंत्री ने कहा है कि इस लैब को आई.सी.एम.आर. द्वारा समूचे भारत में कोविड-19 आर.टी.-पी.सी.आर. टेस्टिंग क्षमता में लैब को सर्वोच्च 5 लैबों में मान्यता दी गई है। लैब की मौजूदा क्षमता को बढ़ाने के लिए, रिसर्च असिस्टेंट्स और माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स की टीम, बैंगलोर आधारित सीक्वेंसिंग रिसर्च हब्ब, जीनोटाईपिक्स के विशेषज्ञों की टीम द्वारा कोविड-19 जीनोम सीक्वेंसिंग संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है।

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