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  • Despite The Apology, Challans Of Up To 40 Thousand Auto Drivers Are Visible In The Records, No Yellow Line Made, No Medical Facility Available.

ये कैसा मजाक:माफी के बावजूद रिकॉर्ड में ऑटो चालकों के 40 हजार तक के चालान दिख रहे, ना बनी येलो लाइन, ना मिली मेडिकल सुविधा

लुधियानाएक महीने पहले
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शहर की सड़कों पर बिना येलो लाइन दौड़ते ऑटो। - Money Bhaskar
शहर की सड़कों पर बिना येलो लाइन दौड़ते ऑटो।

विधानसभा चुनाव से ऐन पहले आप के राष्ट्रीय सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहर पहुंच ऑटो चालकों से लंबे-चौड़े वादे किए। अब आप सरकार बने 60 दिन बीत चुके हैं, लेकिन ऑटो चालकों से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। यह ऑटो चालकों से सीधे तौर पर मजाक है।

उनकी मुख्य मांगों में जुर्माना माफी के बाद भी ऑनलाइन दिख रहे 40 हजार तक के चालान को लेकर आ रही समस्या का हल करना, शहर में ऑटो चालकों के लिए अलग से येलो लाइन की सुविधा और उनके लिए मुफ्त मेडिकल फेसिलिटी शामिल है, लेकिन ऑटो चालकों की मांगों पर अभी तक गौर नहीं करने से ऑटो चालकों में भारी रोष है। उनका कहना है कि आप सरकार अब वादों से पीछे हट रही है। बता दें कि अभी शहर की सड़कों पर करीब 30 हजार से अधिक ऑटो दौड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त ई-रिक्शा भी चालकों की रोजी-रोटी का साधन बन रहा है।

ऑटो रिक्शा वर्कर्स फेडरेशन ने केजरीवाल-मान को पत्र लिखा कहा, स्पष्ट बताएं मांगें पूरी होंगी या नहीं
जिला ऑटो रिक्शा वर्कर्स फेडरेशन के प्रधान सतीश कुमार मामा ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले जो भी वादे किए थे, इनमें से एक भी पूरा नहीं किया गया। पंजाब में 3 लाख ऑटो चालकों और उनके परिवारों की 20 लाख वोट हासिल कर सरकार ने दोबारा उनकी सुध तक नहीं ली।

उन्होंने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान को ऑटो चालकों की मांगों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की कि सरकार बने 60 दिन बीत चुके हैं, इसलिए अब उनकी मांगों की तरफ ध्यान दिया जाए। उन्होंने यहां तक लिखा है कि अगर उनकी मांगों का कोई हल नहीं कर सकते तो स्पष्ट तौर पर बताएं।

चन्नी सरकार ने भी किए थे वादे
चुनाव से पहले जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं ने वोट हासिल करने के लिए वादा किया था। वहीं, तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी उनके साथ कई वादे किए गए थे। इसमें ऑटो चालकों के चालान एक रुपए में भुगतान करने के लिए कहा था, लेकिन इसमें से सिर्फ 9 ऑटो चालकों के चालान तो एक रुपए में भुगते गए, परंतु 40 हजार रुपए तक के चालान ऑनलाइन अब भी बोल रहे हैं। इस वजह से पासिंग-परमिट का काम नहीं हो पा रहा।

इसलिए जरूरी ऑटो: रोज 4 लाख लोग करते हैं सफर
बता दें कि शहर में करीब 30 हजार ऑटो हैं। इसमें 4 लाख से अधिक लोग रोजाना सफर करते हैं। ऑटो लोगों के लिए अहम और सस्ती ट्रांसपोर्टेशन है। जिन जगहों पर बस सुविधा नहीं है, वहां पर ऑटो लोगों को मंजिल तक पहुंचा रहा है। स्टैंड ना होने के कारण चालकों को रोड पर ही वाहन खड़ा करना पड़ता है। इससे जाम लगता है और हादसे भी हो रहे हैं।​​​​​​​

ये हैं मुख्य मांगें

  • टैक्स लमसम (वन टाइम) किए जाए।
  • ऑटो चालकों के लिए येलो लाइन की सुविधा हो।
  • ऑटो चालकों के चालान 100 और 500 रुपए तक ही किए जाएं।
  • आयुष्मान-नीले कार्ड बनाए जाएं।
  • केंद्र की पॉलिसी के मुताबिक पुराने ऑटो चालकों को सब्सिडी मिले। अमृतसर के अलावा ये पॉलिसी कहीं और शुरू नहीं हुई।
  • डीएल के लिए थ्री व्हीलर पर ही ऑटो चालक का टेस्ट लिया जाए। सॉफ्टवेयर में भी इसे अपडेट किया जाए। 65 फीसदी ऑटो चालकों चालक बिना लाइसेंस के ऑटो चला रहे हैं।
  • इलाज के लिए मेडिकल सुविधा नहीं मिली।

चालकों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए।​​​​​​​आप की नई सरकार बने अभी सिर्फ दो महीने ही हुए हैं। ऑटो चालकों की मागों को लेकर मैं उसने जल्द मुलाकात करूंगा। अभी तक किसी ने मेरे साथ संपर्क नहीं किया है। किए गए वादों को हर हालत में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। -गुरप्रीत बस्सी गोगी, विधायक

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