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खुशखबरी:शहर की जरूरत सिटी बस, एक सप्ताह के अंदर बंद पड़े रूटों पर दौड़ने लगेंगी सिटी बसें

लुधियाना8 महीने पहले
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फाइल फोटो - Money Bhaskar
फाइल फोटो
  • कोर्ट केस खत्म करने, रूटों पर बसें चलाने का काॅन्ट्रेक्टर ने निगम को सौंपा प्रपोजल
  • 37 बसों को बेचने की निगम लेगा मंजूरी

शहर में सप्ताह भर के अंदर बंद रूटों पर सिटी बसें दौड़ने लगेंगी, क्योंकि निगम और सिटी बस ऑप्रेटर के बीच चल रहा विवाद अब लगभग खत्म होने जा रहा है। गत दिनों मेयर बलकार सिंह संधू की तरफ से कैंप ऑफिस में आल पार्टी पार्षदों की मीटिंग बुलाकर ये फाइनल किया गया था कि सिटी बस ऑप्रेटर की मांगों को मानते हुए किराए में इजाफा किया जाएगा और उसके बताए गए रूटों को एक्सटेंशन दी जाए। लेकिन ऑप्रेटर द्वारा किए गए केस को वापिस लेना होगा। गौर हो कि लॉकडाउन से कई रूटों पर सिटी बसें बंद चल रही हैं।

जोन-ए में कॉन्ट्रेक्टर के साथ हुई निगम की मीटिंग, प्रस्ताव को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की मीटिंग में रखा जाएगा

इसी शर्तों के तहत कांट्रेक्टर के साथ निगम की मंगलवार को जोन-ए में मीटिंग हुई है। जहां काॅन्ट्रेक्टर ने निगम द्वारा मांगा गया प्रपोजल लिखित में सौंप दिया है। जिसमें ये माना गया है कि काॅन्ट्रेक्टर की तरफ से केस वापस ले लिया जाएगा। बता दें कि काॅन्ट्रेक्टर के सौंपे गए प्रपोजल को अब निगम की तरफ से सिटी बस सर्विस को लेकर बनाई गई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में रखा जाना है और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इस पर फाइनल मोहर लगाएंगे। बता दें कि दैनिक भास्कर की तरफ से ये मुद्दा गंभीरता से उठाया गया है कि शहर की जरूरत सिटी बस है। इस मुद्दे के बाद ही सिटी बसों को दोबारा से रूटों पर लाने के लिए गंभीरता दिखाई गई है।

काॅन्ट्रेक्टर के पास हैं 83 बसों का ठेका

बता दें कि भले ही निगम के पास 120 सिटी बसें हैं, लेकिन सिर्फ 83 बसों काे ही चलाने का ठेका निगम ने सिटी बस ऑप्रेटर को सौंपा था। ऐसे में अब कांट्रेक्टर की तरफ से 83 बसें ही रूटों पर उतारी जाएंगी। जबकि ये भी बताया जा रहा है कि मिनी बसों को छोटे रूटों पर उतारा जाएगा, जिनकी संख्या 40 हैं। इसके अलावा लंबे रूटों के लिए बड़ी बसें चलाई जाएंगी।

37 बसों को बेचने की निगम लेगा मंजूरी

गत दिनों हुई मीटिंग में मेयर बलकार सिंह संधू ने ये फैसला भी आल पार्टी मीटिंग में लिया था कि जो 37 बसें इस समय कंडम होकर खड़ी हैं, उन्हें बेचने की मंजूरी पीएमआईडी से ली जाए। इसके लिए भी निगम के अधिकारियों को प्रपोजल बनाकर भेजने को कहा गया है। ऐसे में जैसे ही बसों को बेचने की मंजूरी मिलेगी, उसके बाद निगम दोबारा से इनकी जगह पर इलेक्ट्रिक मिनी बसें खरीदेगा, जो चंडीगढ़ की तर्ज पर ली जाएंगी।

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