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प्री-मेच्योरली हियर सेल डैमेज:सावधान! अगर आप भी ईयरफोन का करते हैं अत्यधिक इस्तेमाल, तो प्री-मेच्योरली हियर सेल डैमेज होने से बहरापन हो सकता, वैक्स जमने से फंगल इंफेक्शन

लुधियानाएक महीने पहले
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प्री-मेच्योरली हियर सेल डैमेज - Money Bhaskar
प्री-मेच्योरली हियर सेल डैमेज
  • कोविड के बाद बच्चों से लेकर बड़ों में ईयरफोन का अधिक इस्तेमाल बढ़ा रहा कानों की समस्याएं
  • ईयरफोन की बजाय हेडफोन यूज करें‌, आवाज ना हो तेज, ना ही लंबे समय तक लगाएं

मोबाइल की तरह ईयरफोन भी जीवन का जरूरी हिस्सा बन गया है, जोकि चिंता का विषय है। कोविड महामारी के दौरान घर से ऑनलाइन क्लासें और ऑफिस की मीटिंग अटैंड करने वाले लोगों, बच्चों में हेडफोन-ईयरफोन का यूज काफी बढ़ा, जोकि अब आदत में शामिल हो गया है।

माहिरों का कहना है कि कुछ समय के लिए तो ठीक है, लेकिन अधिक समय तक इनके इस्तेमाल से कानों पर बुरा असर पड़ रहा है। कई मामलों में ईयरफोन के माध्यम से असुरक्षित सुनने की आदतों से स्थायी या अस्थायी बहरेपन की समस्या आ रही है। ऐसे में अगर आप भी ईयरफोन का इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। यह आपके लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

ईयरफोन की बजाय हेडफोन यूज करें‌, आवाज ना हो तेज, ना ही लंबे समय तक लगाएं

ऊंची आवाजें लगातार सुनने से प्री-मैच्योरली हियर सेल डैमेज होने लगते हैं। इससे बहरेपन की समस्या हो सकती है। इसे हाई फ्रिक्वेंसी हियर लॉस कहा जाता है, लेकिन बाद में आम बोलचाल सुनने में दिक्कत आती है। पोस्ट कोरोना केस बढ़े हैं। इसमें वर्किंग लोग ही नहीं, बच्चे भी शामिल हैं। ईयरफोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जरूरी है तो हेडफोन लगाएं। कान में भारीपन, कम सुनना, चक्कर आना, आवाजें आना जैसी समस्या हो रही है। इस वजह से कान में वैक्स भी ज्यादा बन रही है। ईयर पॉड यूज किए जाते हैं, जिससे कान में घुमा फिक्स करना पड़ता है। इससे कान में प्रेशर बनता है। वैक्स अंदर जाती रहती है। कुछ दिनों में गोला बन जाता है। फिर इससे कान में इरिटेशन होने लगती है। इसके लिए कई लोग कान की सफाई करवाकर जाते हैं, लेकिन कई लोग घर पर ही ईयर बड्स से कान साफ करने की कोशिश करते है। इससे फंगल इंफेक्शन हो जाती है। -डॉ. रजत भाटिया, ईएनटी स्पेशलिस्ट, फोर्टिस

किशारों में भी हेडफोन और ईयरफोन का यूज काफी बढ़ गया है। इससे स्थायी डैमेज तक हो सकता है। तेज आवाज में ईयरफोन के लंबे समय तक उपयोग से लोगों में कान से जुड़ी दिक्कतें तेजी से बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में स्पीकर का उपयोग करें। नहीं तो कम उम्र में ही कम सुनाई देने की दिक्कत हो सकती है। ईयरफोन का लगातार इस्तेमाल करने वालों को कान की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किशोर और युवा तो कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल करने लगे हैं। रात को सोते समय तक कानों में ईयरफोन लगा होता है। कई बार तो कान में लगाकर ही सो जाते हैं। ईयरफोन के कारण कान में होने वाले नुकसान को कुछ सावधानियां बरतते हुए कम किया जा सकता है। सबसे पहले ध्यान रखें कि ईयरफोन की आवाज बहुत तेज ना हो और ना ही इसे लंबे समय तक लगाकर रखें। ईयरफोन के ज्यादा इस्तेमाल से समस्या बढ़ सकती है। लगातार कानों में ईयरफोन लगाए रहने के गंभीर नुकसान हो सकते हैं।

-डॉ. अरुण मित्रा, ईएनटी स्पेशलिस्ट

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