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5 महीने बाद भी नहीं मिला स्टाफ:जिले के 19 स्कूल किए थे अपग्रेड, स्कूलों का नया सेशन शुरू हुए भी दो महीने बीते

लुधियानाएक महीने पहले
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एजुकेशन डिपार्टमेंट ने दिसंबर 2021 में राज्यभर के 229 स्कूलों को अपग्रेड किया, मगर 5 महीने बाद भी इन स्कूलों को अभी तक स्टाफ नहीं मिल पाया। - Money Bhaskar
एजुकेशन डिपार्टमेंट ने दिसंबर 2021 में राज्यभर के 229 स्कूलों को अपग्रेड किया, मगर 5 महीने बाद भी इन स्कूलों को अभी तक स्टाफ नहीं मिल पाया।

एजुकेशन डिपार्टमेंट ने दिसंबर 2021 में राज्यभर के 229 स्कूलों को अपग्रेड किया, मगर 5 महीने बाद भी इन स्कूलों को अभी तक स्टाफ नहीं मिल पाया। हाई से सीनियर सेकेंडरी में अपग्रेड हुए स्कूल तो 11वीं में दाखिले के लिए महकमे के निर्देशों का अभी इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्राइमरी से मिडिल और मिडिल से हाई स्कूलों में अपग्रेड हुए स्कूलों को ना ही अध्यापक मिले हैं, ना ही इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है। ऐसे में इस सेशन में या तो इन स्कूलों में डबल शिफ्ट लगेगी या फिर स्टूडेंट्स की एडमिशन नहीं होगी।

21 दिसंबर को राज्य भर के 229 स्कूल, जिनमें 46 स्कूल प्राइमरी से मिडिल, 100 स्कूल मिडिल से हाई और 83 स्कूल हाई से सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड किए गए, लेकिन इन स्कूलों में अध्यापकों को अब तक ये जानकारी ही नहीं दी जा रही कि अध्यापक कब मिलेंगे। नई कक्षाएं शुरू करने के लिए कमरे, फर्नीचर कब मिलेगा। यही कारण है कि अधिकतर स्कूल नई क्लासों में स्टूडेंट्स को सोच कर ही दाखिला दे रहे हैं, ताकि बाद में कोई परेशानी ना उठानी पड़े।

सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में लेक्चर कैडर के चाहिए टीचर, महकमे ने नहीं दी कोई सूचना
अमृतसर के अवान वसाओ स्कूल में 108 स्टूडेंट्स के लिए 1 प्राइमरी कैडर अध्यापक और 1 वॉलंटियर हैं। इसी तरह मुक्तसर के गिल्जेवाल में प्री-नर्सरी से 5वीं तक 164 स्टूडेंट्स, 3 अध्यापक और 2 वॉलंटियर हैं। लुधियाना के तुगल स्कूल में 115 स्टूडेंट्स और 4 अध्यापक हैं। जबकि छठी से 8वीं के स्टूडेंट्स के लिए मास्टर कैडर अध्यापक लगाए जाते हैं। वहीं, मिडिल से हाई स्कूल में अपग्रेड हुए स्कूल में छठी से 8वीं तक चलने के कारण इन स्कूलों में अधिकतर 3 ही कमरे होते हैं। ऐसे में 9वीं-10वीं को बैठाने के लिए इनके पास कमरे नहीं हैं। अपग्रेड होने पर लाइब्रेरी, लैब भी चाहिए, लेकिन ये सुविधा भी अब तक नहीं मिली।

कई स्कूलों ने तो स्टूडेंट्स की एडमिशन होने पर पीटीए के तहत अध्यापक रखने के बारे में विचार किया है। जालंधर का मानक स्कूल सीनियर सेकेंडरी में अपग्रेड किया गया है, यहां पर 226 स्टूडेंट्स और 7 मास्टर कैडर अध्यापक हैं। स्कूल ने 12वीं में 87 स्टूडेंट्स को भी एडमिट कर लिया गया है। लुधियाना के सुनेत में 890 स्टूडेंट्स छठी से दसवीं तक पढ़ रहे हैं। 27 अध्यापक मास्टर कैडर के हैं, लेकिन अभी 11वीं के लिए विभाग ने अभी एडमिशन की नोटिफिकेशन जारी न होने के कारण इसमें एडमिशन शुरू नहीं हुई। गौर हो कि 11वीं-12वीं के स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए लैक्चर कैडर के अध्यापक नहीं हैं।

विभाग-सरकार इस पर गंभीरता से करे काम
^स्कूलों को अपग्रेड करने से पहले जो प्लानिंग और सुविधाएं तैयार होनी चाहिए, वो कागजों में स्कूल अपग्रेड करने के बाद शुरू किया जाता है। ऐसे में जब स्टूडेंट्स स्कूल में आ जाते हैं, उन्हें 3-4 साल तो वो सुविधाएं मिलती ही नहीं और अध्यापकों द्वारा अपने स्तर पर प्रयास किए जाते हैं। स्कूल अपग्रेड होता है तो उस इलाके के स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को बड़ी राहत मिलती है, लेकिन सुविधाएं ही पूरी नहीं होगी तो इससे ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा। विभाग और सरकार को इस ओर गंभीरता से काम करना चाहिए। -गुरप्रीत सिंह, जिला प्रेस सेक्रेटरी, डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट

स्कूल को हाई से सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अपग्रेड किया गया। विभाग ने लैक्चर कैडर और प्रिंसिपल की पोस्ट सैंक्शन करने के बाद अगली कार्रवाई शुरू होगी। इसकी अभी जानकारी नहीं आई है। 11वीं में एडमिशन विभाग के आदेशों के बाद शुरू की जाएगी। -रविंदर सिंह, हेडमास्टर, गवर्नमेंट स्कूल सुनेत

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