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अजीत विहार का गुरप्रीत सिंह सुसाइड केस:घर में थी एक रसोई तो देवरानी-जेठानी में होता था झगड़ा, कोर्ट ने पत्नी, साली और मौसी सास को बरी किया

जालंधरएक महीने पहले
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6 साल बाद 3 आरोपियों को मिली आत्महत्या के केस में राहत - Money Bhaskar
6 साल बाद 3 आरोपियों को मिली आत्महत्या के केस में राहत

एडिशनल सेशन कोर्ट ने 6 साल पहले रामामंडी के अजीत विहार फेज-2 में हुए गुरप्रीत सिंह सुसाइड केस में पत्नी राजदीप कौर, साली मनजीत कौर और मौसी सास जोगिंदर कौर को बरी कर दिया है। 19 सिंतबर, 2015 को अजीत विहार में हरजीत कौर ने बेडरूम में बेटे गुरप्रीत की लाश फंदे से लटकती देखी। हरजीत कौर ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसके दो बेटे हैं। बड़े बेटे की शादी करीब 6 साल पहले राजदीप कौर से हुई थी। उनकी एक बेटी है। बड़ा बेटा फैमिली संग पहली मंजिल पर रहता है तो छोटा नीचे के हिस्से में। बहू किसी न किसी बात पर बेटे से झगड़ा करती थी। 15 सिंतबर को बहू घर से चली गई तो बेटा उसे 18 सिंतबर को घर ले आया था। दोनों में फिर विवाद हुआ तो बहू फिर चली गई। बेटे ने बाजू ने ब्लेड मार सुसाइड की कोशिश की थी, पर छोटे बेटे ने पट्टी कर दी थी।

सास का था आरोप- बहू से होता था विवाद, बेटे ने अपनी बाजू पर मारे थे ब्लेड

18 सिंतबर की रात डिनर के बाद बेटा सोने के लिए बेडरूम में गया था। सुबह फंदे से लटकती लाश देखी। सास की शिकायत पर बहू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया था। मृतक का एक सुसाइड नोट सामने आने पर साली मनजीत कौर और मौसेरी सास जोगिंदर कौर को नामजद कर लिया गया था। सभी को कोर्ट से बेल मिल गई थी। ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष के एडवोकेट दर्शन सिंह दयाल ने हरजीत कौर से क्रॉस के दौरान सवाल किया कि क्या उनके घर में एक ही रसोई है। उन्होंने माना था कि रसोई नीचे है और दोनों फैमिली एक ही रसोई को इस्तेमाल करती हैं।

बचाव पक्ष ने साबित किया कि पत्नी-पत्नी के बीच झगड़े का कारण रसोई ही थी। राजदीप कौर वर्किंग लेडी है। वह सुबह 9 बजे जॉब पर जाती है और शाम 6 बजे लौटती थी। जॉब पर जाने से पहले बेटी और पति के साथ-साथ खुद का ब्रेकफास्ट और लंच तैयार करने के लिए रसोई में जाती थी तो उसकी देवरानी से कहासुनी हो जाती थी। रसोई को लेकर राजदीप पति से कहती थी कि वह उसे अलग रसोई बनाकर दे, मगर एेसा नहीं हुआ।

बचाव पक्ष ने सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट की आई रिपोर्ट कोर्ट में दिखाई। एक्सपर्ट ने कहा था कि सुसाइड नोट पर सिग्नेचर तो गुरप्रीत के हैं, मगर उस पर लिखी गई बातें गुरप्रीत ने लिखी हैं, यह पुख्ता नहीं है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि हर घर में पति-पत्नी के बीची कहासुनी सुसाइड का एक कारण हो सकता है. मगर एबेटमेंट (उकसाने) में नहीं आती है। कोर्ट ने पत्नी, साली और मौसेरी सास को बरी कर दिया गया।

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