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यूपी नंबर की एंबुलेंस से कोर्ट पहुंचा था अंसारी:कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ बोले , एंबुलेंस नहीं बुलेट प्रूफ लग्जरी गाड़ी थी अंसारी की

जालंधर5 महीने पहले
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  • बिल्डर से फिरौती मांगने के मामले में मोहाली लेकर अाई थी पुलिस

मोहाली के बिल्डर से 10 करोड़ की फिरौती के मामले में बुधवार को मोहाली की कोर्ट में पेश किए गए यूपी के बाहुबली विधायक अंसारी की एंबुलेंस को लेकर विवाद बढ़ गया है। कहा जा रहा है जेल प्रशासन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा आगरा की एक अदालत को दिए पुराने आदेश को आधार बनाकर अंसारी को एंबुलेंस मुहैया करवाई। विवाद बढ़ने पर यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ ने कहा, पंजाब सरकार अंसारी को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। अंसारी को किसी एंबुलेंस में नहीं, बुलेट प्रूफ लग्जरी गाड़ी में ले जाया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, यूपी में माफिया के हाथों मारे गए भाजपा विधायक की पत्नी अलका राय ने सोशल मीडिया

पर लिखा, कांग्रेस सरकार डॉन को बचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही। जिस तथाकथित एंबुलेंस में अंसारी को कोर्ट में पेश किया गया वह उसे किसने मुहैया करवाई, इसकी जांच होनी चाहिए। विधायक अलका ने यह भी लिखा कि यूपी नंबर की एंबुलेंसनुमा लग्जरी गाड़ी किन हालात में पंजाब पहुंची, इसकी भी जांच होनी चाहिए। बुधवार दोपहर अंसारी को बाराबंकी नंबर की एंबुलेंस यूपी 41 एटी 7171 में लेकर रोपड़ पुलिस मोहाली लाई थी। आधे घंटे बाद इसी एंबुलेंस में अंसारी को वापस रोपड़ ले जाया गया था।

रोपड़ पुलिस बोली, नियमानुसार मुहैया कराई एंबुलेंस

रोपड़ के एसएसपी अखिल चौधरी बोले, अंसारी को पेशी पर ले जाने के लिए डीएसपी रैंक के एक अफसर को तैनात किया था। उस अधिकारी ने कोर्ट के आॅर्डर और आरोपी के मेडिकल रिकाॅर्ड के आधार पर एंबुलेंस की इजाजत दी थी। अंसारी को सिक्योरिटी भी नियम के मुताबिक ही दी गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी थी इजाजत... अंसारी के लिए एंबुलेंस का यह पहला मामला नहीं है। ऐसे ही एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंसारी कोे उनके खर्च पर एंबुलेंस मुहैया करवाने का आदेश दिया था।

गाड़ी के नंबर की रजिस्ट्रेशन की मियाद खत्म हो चुकी...
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिस नंबर की एंबुलेंस में अंसारी को लाया गया उसकी रजिस्ट्रेशन की मियाद 2015 और फिटनेस 2017 में एक्सपायर हो चुकी है। बाराबंकी के सेहत महकमे के पास यूपी 41 एटी 7171 नंबर की एंबुलेंस को लेकर कोई जानकारी नहीं है। यही नहीं, जिस अस्पताल के नाम पर एंबुलेंस रजिस्टर्ड बताई गई है, वह अस्पताल भी उस जगह पर नहीं है।

अदालत ने मेडिकल बोर्ड की याचिका ठुकराई... मोहाली की अदालत ने अंसारी की मेडिकल बोर्ड गठित करने संबंधी याचिका ठुकरा दी है। मुख्तार अंसारी ने कहा था कि वह गंभीर रूप से बीमार है और उसकी बीमारियों की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाए। कोर्ट ने याचिका मंजूर नहीं की।

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