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  • 30 Vistadome Coaches For The Toy Train Were To Be Built In The Rail Coach Factory In December, Now They Will Be Ready After The Summer Season.

लेटलतीफी:रेल कोच फैक्ट्री में दिसंबर में बनने थे टॉय ट्रेन के लिए 30 विस्टाडाेम काेच, अब समर सीजन जाने के बाद तैयार हाेंगे

जालंधरएक महीने पहलेलेखक: संजू कुमार
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अंबाला रेल मंडल ने दिल्ली हेड क्वार्टर को रिमाइंडर भेजा है कि आरसीएफ से कोच जल्दी मिलें। - Money Bhaskar
अंबाला रेल मंडल ने दिल्ली हेड क्वार्टर को रिमाइंडर भेजा है कि आरसीएफ से कोच जल्दी मिलें।

रेल काेच फैक्ट्री कपूरथला काे पहली बार नैराेगेज लाइन के चलने वाली टाॅय ट्रेन के लिए विस्टाडाेम काेच बनाने का कांट्रेक्ट मिला, मगर प्राेजेक्ट समय से शुरू नहीं हाे सका। दिसंबर वर्ष 2021 में शुरू होने वाला प्राेजेक्ट लेट हाे गया है। अब समर सीजन बीत जाने के बाद अगले साल ही काेच तैयार हाेने की उम्मीद है। हालांकि इस समर सीजन में कालका-शिमला रूट पर यह काेच भेजे जाने थे।

अंबाला रेल मंडल द्वारा काेच जल्द से जल्द बनाने के लिए रिमाइंडर भी भेजा गया है। रेल काेच फैक्ट्री के अधिकारियाें की मानें ताे दिल्ली मुख्यालय से टेंडर लेट निकाला गया। काेच दिसंबर में बनने थे, लेकिन काम शुरू नहीं हाे सका। डिजाइन तैयार कर लिया गया है। डिजाइन बनाकर पहले ट्रायल के लिए भेजा जाएगा। ट्रायल में काेच पास हुआ ताे तीन-चार महीने के भीतर बाकी काेच भी तैयार कर दिए जाएंगे।

6 माह बाद भी प्राेजेक्ट शुरू नहीं
दिसंबर में शुरू हाेने वाले प्राेजेक्ट में 15 से 20 मीटर और 44 सीट वाले 30 टाॅय काेच बनने हैं। मगर अब काेच का निर्माण हाेने में समय लगेगा। रेल काेच फैक्ट्री कपूरथला के पीआरओ जीतेश कुमार के अनुसार पहला काेच बनाने में समय लगता है। उसके बाद नया काेच ट्रायल के लिए भेजा जाता है। ट्रायल के दाैरान जाे भी कमियां हाेती हैं, फिर उसकाे पूरा किया जाता है। पहला काेच बनाकर पास हाेने में समय लग जाता है। पहला सेल बनेगा, उसका ट्रायल हाेगा फिर फिनिशिंग हाेगी। इन सभी के पास हाेने के बाद तीन-चार महीने के भीतर दूसरे काेच तैयार कर लिए जाएंगे।

हर रोज दो हजार से ज्यादा सैलानी कर रहे सफर, 29 मई तक वेटिंग
कालका-शिमला रूट पर सात ट्रेनों का संचालन हो रहा है। इन ट्रेनों में दो हजार से अधिक सैलानी आते-जाते हैं। फिलहाल बुकिंग के लिए 29 मई तक की वेटिंग है। कालका-शिमला पर 30 टाॅय ट्रेनाें की रेलवे दिल्ली से डिमांड की। इसके बाद आरसीएफ कपूरथला काे काेच बनाने का वर्क हैंडओवर किया गया।​​​​​​​

दस किमी. रफ्तार भी बढ़ेगी
यह काेच नैराेगेज लाइन के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इन काेचाें में पारदर्शिता हाेगी। इन डिब्बाें के मुख्य आकर्षण का केंद्र छत और बड़ी शीशे वाली खिड़कियां है, जिनकाे यात्री आसानी से बंद और खाेल भी सकेंगे। ब्रेक सिस्टम और रफ्तार में सुधार किया गया। जाे पहले 25-35 किलाेमीटर प्रतिघंटे चलती थी अब 40-55 किलाेमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से टाॅय ट्रेन चल सकेगी। ये काेच सीसीटीवी कैमरे और फायर अलार्म जैसी आधुनिक सुविधा से लैस होंगे। सेंसर द्वारा दरवाजे ऑटाेमैटिक बंद और खुल सकेंगे। साथ ही सीट भी 180 डिग्री पर घूम सकेगी।​​​​​​​

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