पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • 16 Months In The Deadline And The Work Is Only 20% Complete, The Water Pipeline Is 1.3 Km. It Is Laid, People Will Still Face Trouble

सरफेस वाटर प्रोजेक्ट:डेडलाइन में 16 माह और काम महज 20% पूरा, पानी की पाइप लाइन 1.3 किमी. ही बिछी, लोग अभी परेशानी झेलेंगे

जालंधरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आदमपुर में सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का मॉडल। निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने साइट का दौरा किया और एजेंसी को हिदायतें दीं। - Money Bhaskar
आदमपुर में सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का मॉडल। निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने साइट का दौरा किया और एजेंसी को हिदायतें दीं।

आदमपुर में चल रहे सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का सिविल वर्क जारी है। अब तक महज 20 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। काम की गति काफी धीमी है और डेडलाइन भी नजदीक आ रही है। ऐसे में वीरवार काे निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने आदमपुर में प्लांट की प्रगति का जायजा लेने के लिए दौरा किया। धीमी गति से चल रहे निर्माण को लेकर उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों पर नाराजगी जताई और काम तेज करने के आदेश दिए।

उन्हाेंने प्राेजेक्ट काे निर्धारित डेडलाइन यानी सितंबर 2023 तक पूरा करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इसमें समय बढ़ाया नहीं जाएगा। काम पूरा करने के लिए मैनपावर भी बढ़ाई जाए। निर्माण एजेंसी ने अवगत कराया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की खुदाई में लगभग दाे लाख क्यूबिक मिट्टी निकलेगी, जिसे फेंकने के लिए अभी तक जगह नहीं मिली है।

इस वजह से निर्माण कार्य में देरी हाे रही है। इस दाैरान तय हुआ कि प्लांट पर दाे टैंक का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर दूसरे टैंक में मिट्टी काे जमा किया जाए। साथ ही चंडीगढ़ से मिट्टी की नीलामी के लिए मंजूरी जल्द मिलेगी। इसके बाद मिट्टी की नीलामी की जाएगी।

कमिश्नर की सख्ती पर आश्वासन : समय पर काम होगा
बता दें कि सरफेस वाटर प्राेजेक्ट में आदमपुर में पानी काे ट्रीट करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण जारी है। हालांकि निर्माण एजेंसी काे सितंबर 2023 में पूरा करना है। हालांकि इस प्राेजेक्ट के पूरा हाेने से लाेगाें का पानी संकट दूर हाे जाएगा। इसके बाद लाेगाें काे घराें में 24 घंटे पानी की आपूर्ति हाेगी।

वहीं निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने निर्माण एजेंसी और सीवर बाेर्ड के अधिकारियाें के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस दाैरान निर्माण एजेंसी ने अवगत कराया कि मार्च तक 2023 तक सिविल वर्क पूरा हाे जाएगा। इसके बाद माेटर लगाने का काम शुरू हाेगा। वहीं निर्माण एजेंसी ने निर्धारित समय में काम पूरा करने का वायदा भी किया।

नगर निगम से नई सड़कों पर काम की नहीं मिल रही मंजूरी
स्मार्ट सिटी का सरफेस वाटर प्राेजेक्ट 465 कराेड़ रुपए का हैं। इसमें आदमपुर से जालंधर में लाेगाें के घराें में पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए आदमपुर से सिटी तक 15 किमी. लंबी पेयजल लाइन बिछाई जाएगी, लेकिन अभी तक 1.3 किमी. लाइन बिछाने का काम पूरा हाे सका है। वहीं सिटी के अंदर करीब 103 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी हैं, इसमें अभी तक 12 किमी लाइन बिछाने का काम पूरा हाे सका है।

इसमें टैगाेर अस्पताल के सामने की सड़क, गढ़ा राेड, 120 फुटी राेड, लाडाेवाली राेड, हाेशियारपुर राेड, ढिलवां राेड समेत 10 जगह पर सीवर लाइन व पानी की ब्रांच लाइनें मिली हैं। इस वजह से काम में देरी हो रही है। सरफेस वाटर प्राेजेक्ट में पेयजल लाइन बिछाने के लिए सड़काें काे खाेद दिया है। वहीं सीवर बाेर्ड ने दाे से तीन नई सड़काें पर खुदाई के लिए मंजूरी मांगी है, जाे निगम ने नहीं दी है। इसमें निगम ने साफ कहा कि पहले पुरानी सड़काें का निर्माण किया जाए। वहीं सीवर बाेर्ड का तर्क है कि नई सड़काें पर काम की मंजूरी नहीं मिलने से काम में देरी हाे रही है।

प्रोजेक्ट प्राथमिकता के आधार एवं समय पर पूरा करने के निर्देश
सीवर बोर्ड के एसडीओ पदमदीप सिंह ने बताया कि नगर निगम से नई सड़कों पर काम शुरू करने के लिए लिखित में अनुमति मागी गई है, लेकिन मंजूरी देने में समय लग रहा है। इस वजह से काम में तेजी नहीं आ रही है। वहीं, निगम कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने बताया कि निर्माण एजेंसी काे सरफेस वाटर प्राेजेक्ट काे प्राथमिकता से निर्धारित समय में पूरा करने के आदेश दिए हैं। निर्माण एजेंसी सितंबर 2023 की डेड लाइन में काम पूरा करेगी। साथ ही निर्माण कार्य में तेजी के लिए मैनपाॅवर काे बढ़ाने के आदेश दिए हैं। हर हाल में काम समय पर पूरा करने की हिदायतें निर्माण एजेंसी को दी गई हैं।

खबरें और भी हैं...