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सगे भतीजे का बेरहमी से कत्ल:घर पर दोस्त लाने से चाचा रहता था नाराज, सोते समय लोहे की पाइप से वार करके जवान भतीजे का कर दिया कत्ल

कीरतपुर साहिब8 महीने पहले
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अमरजोत सिंह। - Money Bhaskar
अमरजोत सिंह।
  • गांव भरतगढ़ में सुबह पौने 6 बजे की घटना, चाचा ने रोक रहे दूसरे भतीजे पर भी की वार करने की कोशिश

करीबी गांव भरतगढ़ में घरेलू विवाद के चलते एक चाचा ने अपने सगे भतीजे का बेरहमी से कत्ल कर दिया और मौके से फरार हो गया। मरने वाले की पहचान अमरजोत सिंह (21) के रूप में हुई है। घटना सुबह पौने 6 बजे की है। उस वक्त अमरजोत अपने कमरे में सो रहा था कि उसके चाचा विशाखा सिंह ने उसके मुंह पर लोहे की रॉड से कई वार किए, जिससे अमरजोत की मौके पर ही मौत हो गई।

आरोपी से इतनी बेरहमी से वार किए कि अमरजोत का चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा। परिवार के अनुसार विशाखा सिंह की भतीजे के साथ इस बात को लेकर तकरार रहती थी कि अमरजोत अपने दोस्तों को घर लेकर आता है। सोमवार शाम को भी अमरजोत के कुछ दोस्त घर आए थे।

फिलहाल पुलिस ने गांव भरतगढ़ के सरपंच और अमरजोत के चचेरे भाई सुखदीप सिंह के बयानों के आधार पर विशाखा सिंह पर धारा 302 के तहत केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी फरार चल रहा है। बता दें कि अमरजोत के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और उसकी दो बहनें और मां है। वह चारा विशाखा सिंह के साथ एक ही घर में रहते थे।

चचेरे भाई ने बताया- घर पहुंचा तो अमरजोत के कमरे से चिल्लाने की आवाज आ रही थी अंदर जाकर देखा तो चाचा अमरजोत के चेहरे पर पाइप से जोर-जोर से वार कर रहा था

पुलिस स्टेशन कीरतपुर साहिब से जांच अधिकारी एएसआई केवल सिंह ने बताया कि गांव भरतगढ़ के सरपंच सुखदीप सिंह ने पुलिस को बयान दिया है कि उसके दो चाचा बड़े बतन सिंह और छोटे विशाखा सिंह है। बड़े चाचा बतन सिंह का देहांत हो गया है और उसकी दो बेटियां और एक बेटा अमरजोत सिंह (21) है। दोनों चाचा के परिवार उनके पुराने मकान में रहते हैं और वह खुद भरतगढ़ में अपने नए मकान में परिवार सहित रहते हैं।

बड़ी चाची अमरजोत सिंह की माता दविंदर कौर अपनी बेटी किरनजीत कौर के बच्चा होने के कारण उसकी देखभाल के लिए कई दिन से हमारे पास रह रही है। आगे सुखदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 5:45 बजे वह घरेलू काम के चलते चाचा के घर जा रहा था। जब घर के अंदर पहुंचा तो अमरजोत सिंह के कमरे से चिल्लाने की आवाजें आ रही थी।

कमरे में जाकर देखा तो चाचा विशाखा सिंह हाथ में पकड़ी लोहे की पाइप से चचेरे भाई अमरजोत सिंह के चेहरे पर लगातार जोर-जोर से वार कर रहा था। देखते-देखते विशाखा सिंह ने अमरजोत के चेहरे पर चार-पांच बार लगातार वार किए। इस पर उसने शोर मचाना शुरू कर दिया जिसे सुनकर विशाखा सिंह की पत्नी कमलजीत कौर भी मौके पर पहुंच गई।

जब चाचा को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की तो उसने हाथ में पकड़ी लोहे की पाइप उसकी तरफ करते हुए वार करने की कोशिश की, जिसके चलते वह डर गया। इसके बाद चाची कमलजीत कौर के सामने चाचा विशाखा सिंह लोहे की पाइप लेकर मौके से भाग गया। लोहे के पाइप से लगातार वार करने के कारण अमरजोत सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हालत ऐसी थी कि उसका चेहरा भी पहचान में नहीं आ रहा था।

पहले अमरजोत का फोन बाहर फेंका, फिर किए वार

कत्ल की वजह बताते हुए सरपंच सुखदीप सिंह ने बताया कि अमरजोत सिंह अक्सर अपने दोस्तों को घर लेकर आता था। इसे लेकर चाचा विशाखा सिंह अक्सर गुस्सा करता था और दोनों चाचा-भतीजा में तकरार होती रहती थी। सोमवार को भी अमरजोत सिंह अपने कुछ दोस्तों को घर लेकर आया था। इसी बात को चाचा विशाखा सिंह मन में रखे था।

चाची कमलजीत कौर ने बताया कि सुबह जब अमरजोत सिंह अपने कमरे में सो रहा था तो विशाखा सिंह ने बेड पर पड़ा उसका फोन उठाकर बाहर फेंक दिया। इस पर जब विशाखा सिंह को कहा कि अमरजोत का फोन बाहर क्यों फेंका, अब वह उठकर तुम्हारे साथ झगड़ा करेगा तो इतना सुनते ही विशाखा सिंह ने लोहे की पाइप उठाकर सो रहे अमरजोत सिंह के चेहरे पर अनेकों वार करके उसे जान से मार दिया।

पुलिस ने कहा- आरोपी को पकड़ने के लिए कर रहे छापेमारी

जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सरपंच सुखदीप सिंह के बयानों के आधार पर विशाखा सिंह के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि मृतक अमरजोत सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। बताया कि पुलिस विशाखा सिंह की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है।

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