पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61765.590.75 %
  • NIFTY18477.050.76 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47184-1.49 %
  • SILVER(MCX 1 KG)62935-0.03 %

लक्ष्य:होशियारपुर के माहिलपुर की एथलीट हरमिलन बैंस ने वारंगल में 1500 मीटर रेस में किया नेशनल रिकार्ड ब्रेक

होशियारपुरएक महीने पहलेलेखक: अमरेन्द्र कुमार मिश्रा
  • कॉपी लिंक

तेलंगाना के शहर वारंगल में चल रही 60वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 1500 मीटर की दौड़ में होशियारपुर के माहिलपुर कस्बे की बेटी हरमिलन बैंस ने जैसे ही 4 मिनट 5 सेकेंड व 39 प्वाइंट के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया ताे खेल प्रेमियों व परिजनों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सबसे बड़ी बात यह रही कि नेशनल रिकॉर्ड अभी तक सुनीता रानी के नाम पर दर्ज था, जिसे उन्होंने 2002 में बुसान एशियन गेम में दर्ज किया था। वारंगल से फोन पर दैनिक भास्कर के साथ बातचीत करते हुए हरमिलन बैंस ने बताया कि इस रिकॉर्ड ब्रेक से उसे और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी, वहीं अब उसका लक्ष्य साल 2022 में एशियन गेम व कॉमनवेल्थ गेम पर मेडल जीतने के बाद असली लक्ष्य साल 2024 में पेरिस ओलंपिक में देश के लिए मैडल जीतना रहेगा।

एथलीट माता-पिता के नक्शे कदम पर चल रही हैं हरमिलन | होशियारपुर के माहिलपुर कस्बे की रहने वाली हरमिलन बैंस ने बतौर एथलीट के तौर पर अपने माता-पिता के नक्शे कदम पर चल होशियारपुर का नाम रोशन कर रही हैं। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि बचपन से ही स्कूल स्तरीय खेल मुकाबलों में भी हरमिलन बैंस अपने इंटरनेशनल एथलीट पिता अमनदीप सिंह बैंस व मां माधुरी ए. सिंह का नाम रोशन करती चली आ रही हैं।

इंटरनेशनल एथलीट है हरमिलन के माता-पिता
हरमिलन के पिता अमनदीप सिंह बैंस ने जहां साउथ एशियन गेम्स 1996 में 1500 मीटर रेस में सिल्वर मेडल हासिल किया था, वहीं मां अर्जुन अवार्डी माधुरी ने एशियन गेम्स बुसान (साऊथ कोरिया) 2002 में 800 मीटर रेस में सिल्वर मेडल हासिल कर होशियारपुर के साथ-साथ पंजाब व देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।

हरमिलन ने कहा- बरसों की तमन्ना हुई है पूरी
वीरवार देर शाम वारंगल से फोन पर बातचीत करते हुए गोल्ड मैडलिस्ट हरमिलन बैंस ने बताया कि वह अपने खेल कैरियर में हमेशा प्रेरित करने के लिए माता-पिता के साथ कोच सुरेश सैनी की शुक्रगुजार हैं। समय समय पर माता-पिता के साथ कोच ने मुझे कठिन चुनौतियों के लिए तैयार किया जिस वजह से आज वह इस मुकाम पर हुं। हरमिलन ने बताया कि उसका सपना शुरु से ही देश के लिए ओलिंपिक्स में मेडल हासिल करना रहा है।

खबरें और भी हैं...