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  • The Ship Was Going From Cameron To Dubai, Anchored In Gaban Due To Malfunction, But Was Attacked By Pirates, Pankaj Lapat Of Gurdaspur After The Incident

समुद्री लुटेरों ने भारतीय इंजीनियर को अगवा किया:कैमरोन से दुबई जा रहे जहाज ने खराबी के कारण गैबान द्वीप पर लंगर डाला और हो गया हमला, गुरदासपुर का इंजीनियर लापता

अमृतसरएक महीने पहले
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शिप में बैठा भारतीय इंजीनियर संदीप, जिसे गैबान के समुद्री लुटेरों ने अगवा कर रखा है। - Money Bhaskar
शिप में बैठा भारतीय इंजीनियर संदीप, जिसे गैबान के समुद्री लुटेरों ने अगवा कर रखा है।

गैबान के समुद्री लुटेरों के हाथ में भारतीय शिप इंजीनियर पंकज की जान अटकी है। पंकज पंजाब के दीनानगर कस्बे के गांव चौंता निवासी बोधराज का बेटा है। परिवार पिछले दो सप्ताह से पंकज की सलामती के लिए दुआएं मांग रहा है। पंकज एक शिप इंजीनियर है और 17 लोगों के दल के साथ कैमरोन से जहाज लेने के लिए दुबई जा था। रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण गैबान के द्वीप पर लंगर डालना पड़ा, जहां समुद्री लुटेरों ने उन पर हमला कर दिया और पंकज को अपने साथ ले गए। क्रू मैंबर्स में से दो घायल हैं और बाकी 14 सुरक्षित हैं।

26 अगस्त को हुई थी आखिरी बात
पंकज के पिता बोधराज बताते हैं कि पंकज प्रोएक्टिव शिपिंग मैनेजमेंट फर्म के जहाज एमवी टैंपेन, जो कैमरोन में खड़ा था, उसको लेने गया था। पंकज के साथ 26 अगस्त को आखिरी बार बात हुई थी। 45 मिनट उसने पूरे परिवार से बात की। मां शोभा रानी और पत्नी नीताली को कहा कि वह अब समुद्र में निकल रहे हैं। तकरीबन दो महीने उन्हें दुबई पहुंचने में लगेंगे।

इस बीच अगर किसी द्वीप पर लंगर डाला तो ही बात हो पाएगी। इसके बाद परिवार पंकज के फोन का इंतजार करने लगा। 6 सितंबर को कंपनी से फोन आ गया। उन्होंने कहा कि पंकज के जहाज पर समुद्री लुटेरों या कुछ आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें चालक दल के दो सदस्य सीनियर अफसर विकास नौरियाल और हैड कुक सुनील घोष के पांव पर गोलियां लगी हैं। पंकज को लुटेरे साथ ले गए।

संदीप शादी के बाद अपने परिवार और पत्नी नीताली के साथ।
संदीप शादी के बाद अपने परिवार और पत्नी नीताली के साथ।

हैड कुक ने बताया, पंकज को साथ ले गए थे लुटेरे
पंकज के भाई संदीप ने जानकारी दी कि एक सप्ताह पहले ही कंपनी ने हैड कुक सुनील घोष के साथ उसकी बात कराई थी। कुक ने जानकारी दी कि 31 अगस्त को जब जहाज ने लंगर डाला था तो 5 लुटेरे हथियारों के साथ शिप पर पहुंचे थे। सीनियर अफसर, हैड कुक और पंकज का ही कमरा था। इसलिए तीनों को उन्होंने बंदी बना लिया और गन प्वाइंट पर साथ लेकर जाने लगे। पंकज को दो लुटेरे आगे लेकर जा रहे थे।

सीनियर अफसर और हैड कुक ने विरोध शुरू कर दिया। लुटेरों ने उनके पैरों पर गोली मारी और चले गए। इससे पहले कि वे कुछ कर पाते, पंकज उनकी आंखों से ओझल हो चुका था। हैड कुक और सीनियर अधिकारी गैबान में इलाज करा रहे हैं और शिप भी वहीं सुरक्षा में खड़ा है।

शिप, जिस पर समुद्री लुटेरों ने हमला किया।
शिप, जिस पर समुद्री लुटेरों ने हमला किया।

पहले भारत लाना था शिप, फिर दुबई लेकर जाने का संदेश आया
संदीप ने जानकारी दी कि पंकज की शादी डेढ़ साल पहले हुई थी। शादी के 6 दिन बाद ही वह शिप पर चला गया। अप्रैल के आसपास आया और दो महीने से पहले ही दोबारा कंपनी से फोन आ गया। तब कंपनी ने कहा था कि कैमरोन में शिप खराब हो गया है और उसे ठीक करके भारत लाना है। कंपनी के साथ उसका 4 महीने का कॉन्ट्रैक्ट हुआ। कैमरोन पहुंचने के बाद शिप को ठीक करने में 4 महीने लग गए तो उसका कॉन्ट्रैक्ट तीन महीने और बढ़ा दिया गया। पहले शिप को भारत लेकर आना था। बाद में शिप को दुबई लेकर जाने का आदेश मिला। इसके बाद 25 अगस्त को शिप दुबई के लिए निकल गया।

दो सप्ताह बाद आया विदेश मंत्रालय से फोन
संदीप ने जानकारी दी कि 6 सितंबर को फोन आने के बाद उन्होंने तुरंत दीनानगर पुलिस थाने में शिकायत दी। उन्होंने इस मामले में कोई भी मदद करने से मना कर दिया। इसके बाद वह डीसी ऑफिस भी गए और सांसद सन्नी दयोल के पीए को भी आवेदन किया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंत में उन्होंने विदेश मंत्रालय को खत लिखा। 14 सितंबर को उन्हें विदेश मंत्रालय से फोन आया और उन्होंने कहा कि पंकज की तलाश जारी है।

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