पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मजीठा में कांग्रेसियों का RISK FREE दांव:चर्चाओं के बावजूद दिग्गज चुनावी दंगल में नहीं उतरे, पार्टी छोड़ने वाले लाली मजीठिया के चचेरे भाई को टिकट

अमृतसर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पंजाब की सबसे HOT सीटों में एक मजीठा पर सियासी गलियारों में चर्चाओं के बावजूद कांग्रेस ने RISK FREE दांव खेला है। पार्टी ने किसी दिग्गज नेता को न उतारकर नए नए चेहरे पर दांव लगाया है। कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी जॉइन करने वाले लाली मजीठिया के चचेरे भाई जग्गा मजीठिया चुनावी दलंग में हैं। हालांकि सीट से दो बड़े नामों के कांग्रेस से चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर थीं।

कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट में मजीठा विधानसभा सीट से जगविंदर पाल सिंह जग्गा मजीठिया नाम सबसे चौंकाने वाला रहा। कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची में यह नया नाम है। मजीठा में जग्गा का चेहरा हमेशा लाली मजीठिया के पीछे नजर आया। लाली अब आम आदमी पार्टी जॉइन कर चुके हैं और सीट से उम्मीदवार हैं। टिकट घोषणा से पहले कांग्रेस में मजीठा से दो बड़े नामों के चुनाव लड़ने की चर्चाएं थी। इनमें सांसद गुरजीत औजला थे, जो तकरीबन 2 लाख वोटों से जीते थे। दूसरा नाम भगवंत पाल सिंह सच्चर का था। सच्चर अमृतसर रूरल के प्रधान हैं और उम्मीदवारों के नाम घोषित होने से पहले मजीठा में प्रचार में भी जुट गए थे।

इसलिए बड़े लीडरों का मजीठा से किनारा

मजीठा हलका पूरी तरह से अकाली दल का गढ़ माना जाता रहा है। बिक्रम मजीठिया से पहले की बात करें तो 6 चुनावों और एक उप चुनाव में से 4 बार अकाली दल और 3 बार कांग्रेस जीती है। 2007, 2012 और 2017 के चुनावों में बिक्रम मजीठिया मजीठिया इस सीट से विजयी हुए। 2014 के लोकसभा चुनावों में कैबिनेट मंत्री अरुण जेटली जब कैप्टन अमरिंदर सिंह से करीब दो लाख वोटों से हारे थे, तब भी मजीठा एक हलका था, जहां से कांग्रेस को कम वोट मिले थे।