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विधायक कुंवर का CM मान को खत:बहबल कलां और कोटकपूरा गोली कांड की सुनवाई को सही ढंग से देखे सरकार

अमृतसरएक महीने पहले
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पूर्व आईजी व विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह। - Money Bhaskar
पूर्व आईजी व विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह।

विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को खत लिखकर बहबल कलां और कोटकपूरा गोली कांड के कोर्ट में चल रहे केसों व रिट पिटीशनों को सही ढंग से देखने के लिए कहा है। यह खत लिखकर पूर्व आईजी व विधायक कुंवर ने अपनी ही आम आदमी पार्टी की सरकार पर सवाल खड़ा कर दिया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को खत लिखने के साथ-साथ पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह व AAP पंजाब प्रधान जरनैल सिंह को भी खत की कॉपी भेजी है। विधायक कुंवर ने अपने खत में लिखा है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में बहबल कलां और कोटकपूरा गोली कांड को लेकर कई केस व रिट पिटीशन पेंडिंग हैं।

उन्हें एक माध्यम से पता चला है कि सरकार इन केसों को सही ढंग से नहीं देख रही। फरीदकोट सेशन कोर्ट में चल रहा केस भी आगे नहीं बढ़ रहा। 9 अप्रैल 2021 को तत्कालीन सरकार के रवैये को देखकर और रूलिंग पार्टी के चल रहे नेक्सस को देखते हुए ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा गया खत।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा गया खत।

आरोपी केसों को क्वैश कराने की कोशिश में

कुंवर विजय प्रताप सिंह के अनुसार, उन्हें पता चला है कि आरोपी पक्ष फरीदकोट कोर्ट में चल रही बहबल कलां मामले की सुनवाई व जांच को क्वैश करवाने की कोशिश में जुटे हैं और खुद को बरी करवाना चाहते हैं। 20 मई 2022 को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में कई मामले सुने जाने हैं। एक तरफ मामलों की सुनवाई सेशन कोर्ट में चल रही है और दूसरी तरफ आरोपियों की तरफ से सिविल लिटिगेशन दाखिल की गई है, जो आरोपियों के मंसूबों को साफ बयान कर रही है।

मेरे इस्तीफे के बाद SIT ने कुछ नहीं किया

विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके इस्तीफे के बाद पंजाब सरकार की तरफ से बनाई गई SIT ने कुछ नहीं किया और इन मामलों को निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया। इसलिए अनुरोध है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही पिटीशन की खिलाफ खड़े हों और फरीदकोट सेशन कोर्ट में चल रही सुनवाई को आगे बढ़ाएं।

एक महीने पहले एक पोस्ट ने भी डाला था बवाल

एक महीने पहले 9 अप्रैल को कुंवर विजय प्रताप सिंह की एक पोस्ट ने भी बवाल मचा दिया था। हालांकि इस पोस्ट को उन्होंने कुछ मिनटों में ही एडिट भी कर दिया था, लेकिन तब तक यह पोस्ट कई लोग पढ़ भी चुके थे। कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इस पोस्ट में भी बहबल कलां व बरगाड़ी गोली कांड का हवाला देते हुए दो सीनियर आईपीएस अधिकारियों प्रबोध कुमार को विशेष डीजीपी (इंटेलिजेंस) और अमृतसर के पुलिस कमिश्नर बने अरूण पाल सिंह की पोस्टिंग पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि यह दोनों अधिकारी SIT का हिस्सा थे और उनके द्वारा इस केस में कुछ नहीं किया गया था।