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  • How To Save The Lives Of Devotees Due To Drowning In Shipra, Drawing design Is Not Final, How Will The Work Be Completed In 18 Months

कैसे बचे जान:शिप्रा में डूबने से श्रद्धालुओं की कैसे बचे जान, ड्राइंग-डिजाइन फाइनल नहीं, 18 माह में कैसे होगा काम पूरा

उज्जैन2 महीने पहले
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  • गुणवत्ता और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए जल्द कार्य शुरू करवा लिया जाएगा

शिप्रा में डूबने से श्रद्धालुओं को बचाने के लिए किए जाने वाले कार्यों के तहत प्राथमिक तौर पर घाट की गहराई का सर्वे तो करवा लिया है लेकिन ड्राइंग-डिजाइन ही नहीं बनाई है। इसमें अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि कितने फीट की दूरी तक घाट से नदी में लेवल यानी गहराई कम करना है और किस प्रकार की रेलिंग लगाई जाना है, जिसमें यह तय नहीं किया जा सका है कि पत्थर की, पोल की या कुछ और की रेलिंग लगाई जाए।

दैनिक भास्कर में 2 जुलाई के अंक में समाचार प्रकाशित होने के बाद स्मार्ट सिटी के इंजीनियर व जिम्मेदार नई प्लानिंग करने में जुट गए हैं। इसमें तात्कालीन रूप से जीआई पाइप के पोल या कुछ और लगाने पर विचार होने लगा है। विशेषज्ञों का मत है कि उच्च क्वालिटी का कार्य किए जाने के लिए यहां पत्थर के डेकोरेटिव पोल लगाए जाना पौराणिक स्थल के हिसाब से उचित होगा। अधिकारी तय नहीं कर पाए हैं कि रेलिंग कैसी लगाना है, लोहे या स्टील की लगाना है, कैसे लगना है और नदी में कितना अंदर तक लगाना है। नतीजतन कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। बारिश में पानी का तेज बहाव होने और पानी का ज्यादा भराव नदी में होने के बाद काम करना मुश्किल होगा। ऐसे में समय पर ड्राइंग-डिजाइन फाइनल कर कार्य शुरू किए जाने की आवश्यकता है। टेंडर की शर्तों के तहत 18 माह में कार्य पूरा किया जाना है लेकिन अधिकारी व इंजीनियर अब तक कार्य शुरू करवाए जाने की स्थिति में नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का कहना है कि टेंडर हो चुका है। इसके तहत कार्य शुरू करवाने की तैयारी है। गुणवत्ता और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए जल्द कार्य शुरू करवा लिया जाएगा।

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