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उज्जैन समेत 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:आगर-मालवा में कालीसिंध नदी उफान पर, बाढ़ में फंसे दो लोगों को रेस्क्यू कर निकाला, मोहनपुरा डैम के 8, कुंडालिया डैम के 7 गेट खुले, कई रास्ते बंद

भोपाल3 महीने पहले
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आगर-मालवा में कंठाल नदी के उफान पर आने से रास्ता बंद हो गया।

सितंबर ने मध्यप्रदेश के कई जिलों को सूखे से बचा लिया है। 24 घंटों में इंदौर-भोपाल समेत प्रदेश के 52 में से 46 जिले तरबतर हो गए। आगर-मालवा, राजगढ़ और रायसेन में तो रातभर से जारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। आगर के सोयत में खेत पर काम करने गए महिला-पुरुष कालीसिंध नदी के उफान पर आने से फंस गए। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं, कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेट खोल दिए गए हैं। राजगढ़ में मोहनपुरा डैम के 8 गेट खुलने से नेवज नदी उफान पर है। इस कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया गया है। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड पर स्थित दुकानों में घुटने तक पानी घुस गया है। रायसेन में भी बारिश के कारण दो मंजिला जर्जर मकान ढह गया है। इधर, अगले 24 घंटे में उज्जैन, आगर और राजगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट है।

आगर मालवा में कंठाल नदी के उफान पर

आगर मालवा में हो रही लगातार बारिश से कंठाल नदी के उफान पर है। इस कारण सुसनेर-पिड़ावा मार्ग बंद हो गया है। नलखेड़ा-कानड़ मार्ग भी बंद है। प्रेमबाई और कालू कुशवाह कालीसिंध नदी और बरसारी नाले के उफान पर आने से खेत में फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने दोनों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला है। इसके अलावा नलखेड़ा में लखुंदर नदी के बड़े पुल तक पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग को बंद कर दिया गया है। सुसनेर और नलखेड़ा और बिजनाखेड़ी में निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पिलवास गांव तो टापू में तब्दील हो गया है। ​कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेटों को खोल दिए गए हैं।

मोहनपुरा डैम के 8 गेट खोले जाने से नेवज नदी उफान पर आ गई है।
मोहनपुरा डैम के 8 गेट खोले जाने से नेवज नदी उफान पर आ गई है।

राजगढ़ में मोहनपुरा डैम के 8 गेट खोले गए
राजगढ़ में शुक्रवार देर रात से झमाझम बारिश हो रही है। खिलचीपुर की गाड़ गंगा नदी के उफान पर आने से छोटा पुल डूब गया है। बारिश के कारण सोवारिया स्थित शिव मंदिर पर जाने का रास्ता बंद हो चुका है। लगातार पानी की आवक से मोहनपुरा डैम लबालब है। जलस्तर को मेंटेन करने के लिए डैम के 8 गेटों को खोलकर पानी निकाला जा रहा है। मोहनपुरा डैम से निकलने वाला पानी नेवज नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से नदी उफान पर आ गई है। पुराने बस स्टैंड में नदी का पानी पहुंचने से यहां स्थित दुकानों में घुटने तक पानी भर गया है।

रायसेन में कांग्रेस नेता का दो मंजिला मकान गिरा।
रायसेन में कांग्रेस नेता का दो मंजिला मकान गिरा।

बाल-बाल बचे लोग
रायसेन में बारिश के बीच शनिवार सुबह रामलीला गली स्थित कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष मुमताज खान का दो मंजिल मकान ढह गया। मकान खाली था, लेकिन पड़ोसी कुसुम शर्मा के मकान पर दीवार गिरने से उनका मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया। नगर पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से जर्जर मकान को ताेड़ा। यहां पिछले 24 घंटे में 24 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। बेगमगंज में 2 घंटे हुई मूसलाधार बारिश से सागर-भोपाल मार्ग कई घंटे बंद रहा। धान का गढ़ कहलाने वाले रायसेन में 2 लाख हेक्टेयर में किसानों ने धान की बोवनी की है। इस बारिश ने फसल को जीवनदान दे दिया है। अब तक इस सीजन में एक हजार मिमी बारिश हो चुकी है। जो औसत बारिश से 200 मिमी कम है।

राजगढ़ के खिलचीपुर की गाड़ गंगा नदी के उफान पर आने से छोटा पुल डूब गया है।
राजगढ़ के खिलचीपुर की गाड़ गंगा नदी के उफान पर आने से छोटा पुल डूब गया है।

मंदसौर में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी
मंदसौर जिले में बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। जिले में 24 घंटे में आधा इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। अब तक औसत बारिश 32.29 इंच हो चुकी है, यहां औसत बारिश का आंकड़ा 33 इंच है। बारिश के कारण गांधी सागर बांध के जलस्तर में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। गांधी सागर बांध का जलस्तर 1304 फीट के करीब पहुंच गया है।

आगर-मालवा: कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेट खोल दिए गए हैं।
आगर-मालवा: कुंडालिया डैम के 11 में से 7 गेट खोल दिए गए हैं।

धार में भी सुबह से हो रही रिमझिम
जिले में पिछले दो दिनों से रिमझिम का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई है। जिले में सबसे कम बारिश धरमपुरी में दर्ज की गई है। इस क्षेत्रों में अभी तक मात्र 13 इंच के करीब बारिश हुई है। साथ ही जिले में सबसे अधिक 33 इंच बारिश बदनावर में हुई है। ऐसे में कम बारिश अब किसानों को चिंतित कर रही हैं। साथ ही जिले के तीनों डैम अभी खाली है।

आगर मालवा: सुसनेर और नलखेड़ा और बिजनाखेड़ी में निचली बस्तियों में पानी भर गया है।
आगर मालवा: सुसनेर और नलखेड़ा और बिजनाखेड़ी में निचली बस्तियों में पानी भर गया है।

बैतूल में अभी 145 मिमी की दरकार
बैतूल में अभी भी सामान्य बारिश के लिए 145 मिमी बारिश की दरकार है। अब तक जिले के भैंसदेही में सबसे अधिक 1343 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे कम बारिश आठनेर विकासखंड में 600 मिमी दर्ज की गई है। जिले में अब तक सामान्य वर्षा 1083 मिमी के मुकाबले 938 मिमी ही दर्ज हुई है। जिले के भैंसदेही में 1343 मिमी, भीमपुर में 1068 मिमी, घोड़ाडोंगरी में 1066 मिमी, आमला में 964 मिमी, चिचोली में 912 मिमी, शाहपुर में 907 मिमी, प्रभातपट्टन में 885 मिमी, मुलताई में 850 मिमी, बैतूल में 787 मिमी और आठनेर में सबसे कम 600 मिमी बारिश हुई है। पिछले साल की तुलना में इस साल अब तक 114 मिमी वर्षा कम रिकाॅर्ड की गई है। पिछले साल 17 सितंबर तक 1052 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस बार यह आंकड़ा अभी 938 पर ही ठहरा हुआ है।

आगर-मालवा का पिलवास गांव टापू में तब्दील हो गया है।
आगर-मालवा का पिलवास गांव टापू में तब्दील हो गया है।

अगले 48 घंटे में एक और सिस्टम तैयार होने की संभावना
मौसम वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि अगले 48 घंटे में एक और सिस्टम तैयार होने की संभावना है। यह पहले 16 और फिर 17 में सक्रिय होना था, लेकिन अब 20 सितंबर के आस-पास सक्रिय होता दिख रहा है। यह भी अभी जारी सिस्टम की तरह ही बारिश करा सकता है। ऐसे में अब प्रदेश में सामान्य बारिश लगभग हो गई है। इससे डैमों की हालत भी सुधर गई है। भोपाल के केरवा समेत प्रदेश के कई डैमों के गेट खोले जा चुके हैं।

नलखेड़ा में लखुंदर नदी के बड़ी पुल तक पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग से आवागमन बंद कर दिया गया है।
नलखेड़ा में लखुंदर नदी के बड़ी पुल तक पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग से आवागमन बंद कर दिया गया है।

यहां जमकर हुई बारिश
राजगढ़ के सारंगपुर, सीहोर के श्यापुर, आगर शहर, सुसनेर, शाजापुर के गुलाना में 4-4 इंच, ब्यावरा, पचौर आगर के नलखेड़ा, शाजापुर के गिरवर, शुजालपुर और रायसेन के बेगमगंज में 3-3 इंच, जीरापुर, सिटी, खिलचीपुर, शाजापुर के बड़ोदिया और कालापीपल में 2-2 इंच पानी गिर गया।

लगातार बारिश से नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर के सामने से गुजरा नाला उफान पर है। इससे मंदिर जाने का रास्ता बंद हो गया है।
लगातार बारिश से नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर के सामने से गुजरा नाला उफान पर है। इससे मंदिर जाने का रास्ता बंद हो गया है।

शहरों की स्थिति यह रही
शाजापुर में 2.5 इंच, गुना में 2 इंच, भोपाल, मंडला, रायसेन, भोपाल शहर में 1-1 इंच तक पानी गिरा, जबकि इंदौर, सागर, उज्जैन, दतिया, ग्वालियर में आधा-आधा इंच बारिश हो गई। श्योपुरकलां, रतलाम, दमोह, सतना, रीवा, नौगांव, खरगोन, उमरिया, टीकमगढ़, जबलपुर, सीधी, खजुराह, पचमढ़ी और धार में भी पानी गिरा।

रायसेन के बाड़ी स्थित बारना डैम लबालब भर गया है।
रायसेन के बाड़ी स्थित बारना डैम लबालब भर गया है।

यहां के लिए अलर्ट जारी
अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तीन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राजगढ़, आगर और उज्जैन में तेज पानी गिर सकता है। इसके अलावा नीमच, शाजापुर, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, बड़वानी, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, देवास, गुना और डिंडोरी में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

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