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केजेएस सीमेंट प्रबंधन ने कराई यूनियन लीडर की हत्या:वाइस प्रेसीडेंट-श्रमिक नेताओं सहित 9 गिरफ्तार; दो लाख में दी थी मनीष शुक्ला की सुपारी

सतना2 महीने पहले
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मैहर के राजनगर स्थित अहलूवालिया समूह की केजेएस सीमेंट में कार्यरत सीटू यूनियन के नेता मनीष शुक्ला की हत्या केजेएस सीमेंट प्रबन्धन ने ही कराई थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट ने इंटक और अन्य श्रमिक संगठनों के नेताओं के जरिए अपराधियों से गठजोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में केजेएस सीमेंट के वाइस प्रेसीडेंट ( एचआर) संजय सिंह और इंटक नेताओं समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के मास्टर माइंड सहित 3 आरोपी अभी फरार हैं।

मैहर के केजेएस सीमेंट प्लांट के यूनियन लीडर मनीष शुक्ला की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा एसपी आशुतोष गुप्ता ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। एसपी ने बताया कि सीटू यूनियन के लीडर मनीष शुक्ला की हत्या के मामले में केजेएस सीमेंट के वाइस प्रेसीडेंट (एचआर) संजय सिंह पिता नंद किशोर सिंह 55 वर्ष निवासी केजेएस सीमेंट फैक्ट्री मैहर समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ये आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संजय सिंह के साथ ही मुकेश चतुर्वेदी पिता संतलाल चतुर्वेदी (52) निवासी मैहर, जय प्रकाश सोनी उर्फ विक्की पिता स्व रामसुंदर सोनी (40) राधाकृष्ण कॉलोनी मैहर, प्रमोद सिंह उर्फ गुड्डू पिता राम सोहावन सिंह (47) निवासी राधाकृष्ण कॉलोनी मैहर, शिवलोचन उर्फ सागर द्विवेदी पिता स्व लक्ष्मी प्रसाद द्विवेदी (38) निवासी सोनवारी मैहर, उपेंद्र कुमार पांडेय उर्फ श्याम जी पिता अवधेश पांडेय (36) साल निवासी बन्दरहा उचेहरा हाल निवासी कटिया मैहर, अशोक कुमार सिंह पिता गया सिंह (42) वर्ष निवासी हरदासपुर अहरी टोला मैहर, रवि शुक्ला उर्फ लाला पिता रामहेतु शुक्ला (36) निवासी सोनवारी मैहर तथा संजीव शुक्ला उर्फ दादू पिता रमाकांत शुक्ला (34) निवासी जिगनहट सतना शामिल हैं।

मास्टर माइंड समेत 3 फरार

घटना के तीन आरोपी आत्माराम शुक्ला पिता तीरथ प्रसाद शुक्ला 43 वर्ष निवासी हरदोखर नागौद,अमित उर्फ दीपू उरमलिया पिता हरवंश उरमलिया 23 वर्ष निवासी हरदोखर तथा दीपांशु उर्फ रीशु पिता स्व योगेंद्र सिंह 21 वर्ष निवासी पतौड़ा नागौद अभी फरार है। आत्माराम इंटक का उपाध्यक्ष और इस घटना का मास्टर माइंड है। उसने ही तीन हमलावरों संजीव शुक्ला,दीपू उरमलिया और रीशु परिहार को वारदात को अंजाम देने के लिए बाहर से बुलाया था।

पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपी।
पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपी।

दो लाख में हुई थी डील

एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि मृतक मनीष शुक्ला सीटू का यूनियन लीडर होने के नाते फैक्ट्री के श्रमिकों के हक की आवाज बुलंद करता रहता था। उसकी सक्रियता से कंपनी प्रबन्धन असहजता महसूस कर रहा था जबकि इंटक तथा एक अन्य यूनियन उत्कर्ष श्रमिक संगठन के नेता भी अपने घटते प्रभाव से परेशान थे। इसी मसले पर कंपनी की सीएसआर बिल्डिंग में एक बैठक भी हुई थी, जिसमें वाइस प्रेसीडेंट संजय सिंह ने जेपी सोनी और आत्माराम शुक्ला से इसी मसले पर चर्चा की थी। एसपी ने बताया कि इसी बैठक में मनीष शुक्ला को सबक सिखाने का फैसला हुआ था। इस काम के लिए आत्माराम शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई थी। इस काम के लिए 2 लाख रुपए देने की बात भी संजय सिंह ने आत्माराम से तय की थी।

18 को ही थी हमले की तैयारी
एसपी ने बताया कि मनीष शुक्ला पर हमला करने के लिए जेपी सोनी उसके साथियों से उसकी लोकेशन लेता रहता था। उसने 18 सितंबर को भी पुष्पेंद्र पटेल से मनीष की लोकेशन लेने के हिसाब से फोन पर सम्पर्क किया था, लेकिन उस दिन पुष्पेंद्र रीवा में था। उसने जेपी को यही बताया भी, लेकिन जेपी ने समझा कि मनीष भी उसके ही साथ रीवा में है, इसलिए उस दिन हमले की योजना टाल दी गई।

हरनामपुर बाइपास पर 3 बाइक सवारों ने किया जानलेवा हमला
गत 19 सितंबर को मनीष शुक्ला रात 10 बजे जब शिफ्ट खत्म कर के अपने घर लौट रहा था तभी बाइक सवार दीपू उरमलिया,रीशु और संजीव ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया।एसपी ने बताया कि 19 सितंबर को हुई मारपीट की घटना में घायल मनीष शुक्ला की 23 सितंबर को जबलपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। श्रमिकों एवं परिजनों ने मनीष की मौत को हत्या करार देते हुए इस साजिश में कंपनी प्रबन्धन के भी शामिल होने के आरोप लगाए थे। शव जबलपुर से आने के बाद यहां शव रख कर प्रदर्शन भी किया गया था। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई थीं। टीआई कोलगवां डीपी सिंह, टीआई मैहर संतोष तिवारी के अलावा साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह और टेक्निकल टीम को भी जांच में लगाया गया था।

मामले की जानकारी देते पुलिस अफसर।
मामले की जानकारी देते पुलिस अफसर।

ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे के लिए जांच पड़ताल में लगी टीम के हाथ एक सुराग मृतक के साथी पुष्पेंद्र के जरिए मिला। उसने पुलिस को बताया कि जेपी सोनी पिछले कई दिनों से मनीष की लोकेशन पता करता रहता था। पुलिस ने जब जेपी को पकड़ा तो परतें उधड़ने लगीं। इसी बीच एक ऑडियो रिकार्डिंग पुलिस के हाथ लगी जिसके जरिए अंततः यह खुलासा हुआ कि यूनियन लीडर मनीष शुक्ला की हत्या की साजिश में केजेएस सीमेंट कंपनी का वाइस प्रेसीडेंट संजय सिंह भी शामिल था। पुलिस ने संजय सिंह समेत इंटक और उत्कर्ष श्रमिक संगठन के नेताओ समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने इस खुलासे में अच्छा कार्य करने पर एडिशनल एसपी एसके जैन, टीआई कोलगवां डीपी सिंह ,टीआई मैहर संतोष तिवारी,साइबर सेल के सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह की सराहना की।

थाना-जेल में लगे जिंदाबाद के नारे

मनीष शुक्ला की हत्या के मामले में केजेएस सीमेंट के वाइस प्रेसीडेंट संजय सिंह समेत 9 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फैक्ट्री कर्मचारियों, श्रमिकों, परिजनों तथा आम लोगों में हर्ष है। पुलिस की इस कामयाबी पर लोगों ने मैहर थाना और जेल के बाहर पुलिस के समर्थन में नारे लगाए।

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