पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57684.791.09 %
  • NIFTY17166.91.08 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47590-0.92 %
  • SILVER(MCX 1 KG)61821-0.24 %
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • The Work Is Not Completed Even In The Second Time, Because The Plan Of 391 Crores Is Based On The Box Contractor.

टाटा का टाइम आउट:दूसरी बार में भी काम पूरा नहीं, क्योंकि पेटी कान्ट्रेक्टर के भरोसे 391 करोड़ की योजना

सागरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सागर | मधुकर शाह वार्ड में पाइप लाइन बिछाने के बाद खुदी पड़ी सड़क। - Money Bhaskar
सागर | मधुकर शाह वार्ड में पाइप लाइन बिछाने के बाद खुदी पड़ी सड़क।
  • वाटर प्रोजेक्ट में लेटलतीफी - नगरीय प्रशासन मंत्री के गृह जिले की महत्वपूर्ण योजना का ऐसा हश्र
  • भास्कर सवाल : कंपनी ध्यान नहीं दे रही, अफसर मॉनिटरिंग में फेल तो फिर समय सीमा बढ़ाने की जगह टर्मिनेट क्यों नहीं?

शहरी विकास के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट की लेटलतीफी की वजह से आम जनता परेशान हैं तो दफ्तरों में बैठे अफसरों प्रोजेक्ट की मियाद पर मियाद बढ़ाते जा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि खुद नगरीय प्रशासन मंत्री का गृह जिला होने के बाद भी प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग नहीं होने से उनको गति नहीं मिल पा रही है। ऐसा ही एक प्रोजेक्ट 2020 में पूरा होना था, लेकिन उसकी मियाद बढ़ाते जा रहे हैं। टाटा कंपनी शहर में 24 घंटे 7 दिन पानी देने के लिए लाइन बिछाने, टंकियां बनाने जैसे कई काम कर रही हैं, जिसको काम तो वर्ष 2020 में ही समेट लेना था, लेकिन उसकी मियाद पहले 30 सितंबर 2021 की गई और अब उसे 6 महीने की ओर मोहलत दी जा रही है। जबकि कंपनी अभी भी कई स्थानों पर रि-रेस्टोरेशन जैसे कामों में कोई भी दिलचस्पी नहीं दिखा रही।

पहले ठेकेदारों ने बजट न मिलने का बहाना बनाकर प्रोजेक्टों को लेट किया और अब कोरोना के अनलॉक के बाद भी रफ्तार नहीं दे पा रहे है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगतना पड़ रहा है। टाटा कंपनी की पाइप लाइन की खुदाई से पूरा शहर परेशान हैं। प्रोजेक्ट अफसरों की मानिटरिंग नहीं होने से निर्माण एजेंसी टाटा प्रोजेक्ट भी मनमानी पर उतर आई हैं। शहर और मकरोनिया को मिलाकर प्रोजेक्ट में 495 किलोमीटर से अधिक की लाइन बिछाई जानी थी, लेकिन अभी तक 350 किलोमीटर का ही कम हो पाया है, हालांकि इसमें सबसे कम रि-रेस्टोरेशन का काम हैं, जो अभी कई महीनों से ऐसे ही पड़ा हुआ है।

अब भी कई इलाकों में खोदकर छोड़ी सड़क

शहर के कई वार्डों में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। जिनमें सड़कों को खोदकर लाइन तो बिछा दी गई, लेकिन स्थाई और अस्थाई सड़क निर्माण नहीं किया जा रहा है। हाल में ही कलेक्टर दीपक आर्य ने निर्माण एजेंसी टाटा के अधिकारियों को फटकार लगाई थी तो विधायक शैलेंद्र जैन ने यह तक कहा था कि एजेंसी का काम सबसे धीमे चल रहे हैं। फिर भी कंपनी पुरानी खोदी गई सड़कों का रि-रेस्टोरेशन कराने के लिए तैयार नहीं है। उधर, स्थानीय निकाय के पास मानिटरिंग न होने की वजह से काम मनमाफिक किया जा रहा है।

2020 से बढ़ाकर सितंबर 2021 की थी समय सीमा

मधुकरशाह वार्ड, गोपालगंज, इतवारा बाजार, विट्‌ठल नगर, वृंदावन वार्ड, बाइसा मोहल्ला जैसे कई इलाके हैं, जहां खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है।

  • योजना (24 घंटे 7 दिन पानी)
  • लागत : 391 कराेड़
  • वर्क ऑर्डर का साल : अगस्त 2018
  • टाइम लिमिट : दिसंबर 2020
  • बढ़ाई गई लिमिट : सितंबर 2021

मियाद बढ़ाई जाना है या नहीं इस पर विचार करेंगे

एजेंसी द्वारा किए गए अभी तक कितना काम किया है, इसको लेकर एक बार फिर से समीक्षा की जाएगी। अगर काम की गति धीमी मिली हैं तो दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। अब उनकी मियाद बढ़ाई जानी है या नहीं इसको लेकर भी विचार किया जाएगा। - मुकेश शुक्ला संभागायुक्त

खबरें और भी हैं...