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श्राद्ध:पितराें की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध शुरू, पंडितों ने कहा- पौधरोपण भी करें

सागरएक महीने पहले
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चकराघाट पर क्यारियां बनाकर किया गया पितृ तर्पण। - Money Bhaskar
चकराघाट पर क्यारियां बनाकर किया गया पितृ तर्पण।

पितृ पक्ष का शुभारंभ सोमवार से हो गया। इस बार लाखा बंजारा तालाब पानी नहीं होने की वजह से चकराघाट पर अस्थाई क्यारियां बनाई गई है। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपने पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण किया। चकराघाट के अलावा मोंगा बंधान और राजघाट पर पंडितों द्वारा विधि विधान से तर्पण कराया गया, जो सर्व पितृ-मोक्ष अमावस्या तक रोज चलेगा।

पहले दिन पूर्णिमा का तर्पण हुआ। मंगलवार को प्रतिपदा का श्राद्ध हाेगा। चकराघाट पर बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अपने पितरों की शांति के लिए तर्पण किया। पंडित यशोवर्धन चौबे ने तर्पण कराए। उन्होंने लोगों से यह भी कहा है कि वे अपने पूर्वजों की याद में पौधरोपण जरूर करें। तुलसी, पीपल, बरगद, अशोक, आंवला, महुआ, श्वेत मंदार, नीम, भृंगराज, शतावरी, श्वेतार्क, हरित पर्ण, गुलर आदि का पौधरोपण कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से वैक्सीनेशन कराने के लिए भी कहा है।

ऐसे करें श्राद्ध

पंडित रामगोविंद शास्त्री के मुताबिक जिस तिथि को व्यक्ति की मृत्यु हुई हो, उसी तिथि में श्राद्ध करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति संन्यासी का श्राद्ध करता है, तो वह द्वादशी के दिन करना चाहिए। कुत्ता, सर्प आदि के काटने से हुई अकाल मृत्यु या ब्रह्मघाती व्यक्ति का श्राद्ध चौदस तिथि में करना चाहिए। यदि किसी को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद नहीं है, तो ऐसे लोग अमावस्या पर श्राद्ध कर सकते हैं।

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