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  • For The First Time In Sagar, With The Salute Of 63 Bomb Shells, The Flag Was Hoisted By The Minister Of Economy Durgashankar Mehta, The Tricolor Was Hoisted In Every House.

1947 की तर्ज पर मनेगी आजादी की 75वीं वर्षगांठ:सागर में पहली बार 63 बम गोलों की सलामी के साथ अर्थमंत्री दुर्गाशंकर मेहता ने किया था झंडावंदन, हर घर फहराया था तिरंगा

सागर4 महीने पहले
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सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय में सुरक्षित रखा है आजादी के जश्न का पहला सूचना पत्र।

भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ सागर में 1947 की तर्ज पर मनाई जाएगी। देश के आजाद होने पर सागर में धूमधाम से आजादी का जश्न मनाया गया था। 14 अगस्त 1947 की रात 12 बजकर 1 मिनट पर चकराघाट के फर्श पर ध्वजारोहण और 63 बम गोलों की सलामी दी गई थी। धार्मिक स्थलों पर रात 12 बजकर 1 बजे से लगातार 5 मिनट तक घंटे-घड़याल बजाई गई थी। साथ ही शहर में हर घर तिरंगा फहराया गया था।

कुछ इसी तर्ज पर आजादी की 75वीं वर्षगांठ सागर में मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने हर घर तिरंगा फहराने की अपील की है। सागर जिले में 5 लाख 87 हजार घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले सागर में 1947 में आजादी के दिन सभी घरों, दुकानों, कचहरी और अन्य सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था। सागर में मनाए गए आजादी के पहले कार्यक्रम का सूचना पत्र आज भी सुरक्षित है। सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय समिति में यह सूचना पत्र रखा हुआ है।

सत्यम कला एवं संस्कृति संग्रहालय समिति के संस्थापक दामोदर अग्निहोत्री बताते हैं कि सागर में मनाए गए आजादी के पहले कार्यक्रम का पत्र संग्रहालय में रखा हुआ है। इसमें उल्लेख है कि सागर में पहली आजादी किस तरह मनाई गई थी। सागर में पहला झंडावंदन चकराघाट पर हुआ था। ध्वजारोहण मध्यप्रांतीय अर्थ मंत्री दुर्गाशंकर मेहता ने किया था। उस समय भी हर घर, दुकान, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा झंडा फहराया गया था। उसी तर्ज पर आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर भी देश में हर घर तिरंगा फहराया जा रहा है।

1947 में सागर में मनाए गए आजादी के जश्न का सूचना पत्र।
1947 में सागर में मनाए गए आजादी के जश्न का सूचना पत्र।

सागर में ऐसे मनाया गया था आजादी का पहला जश्न
वर्ष 1947 में आजादी का जश्न मनाने के लिए सागर में सूचना पत्र जारी किया गया था। यह पत्र सागर के आलकाट प्रेस से प्रकाशित कराया गया था। जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन सभापति स्वामि कृष्णानंद, उप सभापति रामसेवक दुबे और पद्मकुमार जैन, शिवशंकर दुबे, कंछेदीलाल के नामों का उल्लेख है। इस पत्र में कहा गया था कि 14 अगस्त 1947 की रात 12 बजकर 1 मिनट से आजादी का जश्न शुरू होगा। चकराघाट पर ध्वजारोहण किया जाएगा। 63 बम गोलों की सलामी दी जाएगी। 15 अगस्त 1947 की सुबह मोहल्लों में प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी। किला, कचहरी, कोतवाली आदि स्थानों पर शहनाइयां बजाई जाएंगी। सभी घरों, दुकानों, निजी और सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराया जाएगा। सुबह 8 बजे आजाद मैदान में राष्ट्रीय झंडे का आरोहण और सलामी दी गई। पल्टन, पुलिस, राष्ट्रीय कार्यकर्ता, अखाड़े, कॉलेज, स्कूल के विद्यार्थी और जनता अपनी-अपनी जगहों पर खड़ी रहेगी।
सागर में पहली आजादी का यह था कार्यक्रम
-मध्यप्रांतीय अर्थ मंत्री पं. दुर्गाशंकर मेहता द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
-राष्ट्रीय गीत हुआ।
-राष्ट्रीय झंडे को फौजी सलामी दी गई।
-पल्टन और पुलिस की परेड।
-मंत्री मेहता का संदेश वाचन।
-शस्त्र पूजा।
-झंडा अभिवादन और फौजी सलामी हुई।

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