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सागर में उपयंत्री पर FIR होने पर प्रदर्शन:काम बंद कर कर्मचारियों ने दिया धरना, बोले-फर्जी एफआईआर जल्द निरस्त की जाए

सागर3 महीने पहले
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मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए कर्मचारी।

सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत उपयंत्री पद पर कार्यरत राघव शर्मा के खिलाफ 27 जुलाई को गोपालगंज थाने में एससीएसटी एक्ट और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। जिसके विरोध में शुक्रवार को स्मार्ट सिटी अधिकारी व कर्मचारी यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काम बंद कर धरना दिया और एफआईआर जल्द निरस्त करने की मांग को लेकर कलेक्टर, एसपी, स्मार्ट सिटी सीईओ और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने कहा कि उपयंत्री राघव शर्मा के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है।

शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट में लिखाया है कि राघव शर्मा ने स्मार्ट सिटी कार्यालय परिसर की पार्किंग में 11 बजे के आसपास उनके साथ मारपीट व गालीगलौच करते हुए जाति सूचक शब्दों के साथ अभद्रता की गई, जो कि पूर्णतः असत्य है। 27 जुलाई को राघव शर्मा करीब सुबह 10.30 से दोपहर 12.30 बजे तक स्मार्ट सिटी कार्यालय में उपस्थित थे। जिसकी पुष्टि सागर स्मार्ट सिटी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों से की जा सकती है। राघव शर्मा के खिलाफ किसी षड्यंत्र के तय केस दर्ज कराया गया है। गोपालगंज थाने में की गई उक्त एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए। मांग को लेकर सागर स्मार्ट सिटी संविदा यूनियन के कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए धरना दिया और कलेक्टर, एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा।

...तो काम बंद कर देंगे धरना

सागर स्मार्ट सिटी अधिकारी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पुष्पेंद्र द्विवेदी ने बताया कि उपयंत्री राघव शर्मा पर पुलिस विभाग ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। उक्त एफआईआर को तत्काल निरस्त किया जाए। एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर झूठा पाए जाने पर उक्त एफआईआर कर्ता पर कठोर कार्रवाई की जाए। हमारी मांगें नहीं मानी गई तो सभी कर्मचारी कार्यालयीन कार्यों का बहिष्कार कर सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक कार्यालय के सामने धरना देंगे।

पुलिस ने की एकपक्षीय कार्रवाई

उपयंत्री राघव शर्मा ने बताया कि 27 जुलाई को मेरे खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसने एफआईआर दर्ज कराई है मैं उसे नहीं जानता हूं। एफआईआर में बताए गए घटनाक्रम के समय पर में कार्यालय में मौजूद था। सीसीटीवी कैमरों में देखा जा सकता है। गोपालगंज थाना पुलिस ने केस दर्ज करने से पहले मामले की जांच नहीं की और एकपक्षीय कार्रवाई की है।

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