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सागर में बारिश के बीच बंडा विधायक का धरना:किसान की मौत मामले में कार्रवाई की मांग, बोले- न्याय के लिए जेल भी जाना पड़े तो जाऊंगा

सागरएक महीने पहले
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बंडा थाना परिसर में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी रो पड़े। - Money Bhaskar
बंडा थाना परिसर में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी रो पड़े।

सागर के बंडा थाना परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने वाले किसान शीतल रजक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। किसान की मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में रोष व्याप्त है। बंडा विधानसभा से कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी ने किसान की मौत पर दुख व्यक्त किया। इसी बीच शुक्रवार रात वे बंडा थाना परिसर में पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने किसान को न्याय दिलाने और किसान की मौत के मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी। विधायक लोधी को थाने में बैठा देख समर्थकों की भीड़ जमा होने लगी। देखते ही देखते सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए। नारेबाजी कर किसान को न्याय दिलाने की मांग शुरू हुई। मामले की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी और एसडीएम मौके पर पहुंचे और विधायक से बात की।

काफी समझाइश के बाद भी विधायक धरने से नहीं उठे। वह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की मांग पर अड़े रहे। जब बात नहीं बनी तो एडिशनल एसपी और एसडीएम लौट गए। विधायक मृतक किसान के परिवार वालों और अपने समर्थकों के साथ धरने पर डटे रहे। मामले की सूचना मिलते ही रात करीब 1 बजे कलेक्टर दीपक आर्य बंडा पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे विधायक से बात की और समझाइश देकर धरना खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले में जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परिवार को सहायता दी गई है। लेकिन धरना रात 1.30 बजे तक चलता रहा। धरना खत्म करने के लिए प्रशासन लगातार विधायक से बात कर रहा है। देर रात मांगों को पूरा करने की शर्त पर विधायक ने धरना खत्म किया। लेकिन इस दौरान वे फफक उठे। उन्होंने पुलिस और नेताओं पर आरोप लगाते हुए जमकर कोसा।

मृतक किसान का परिवार भी पहुंचा धरनास्थल पर।
मृतक किसान का परिवार भी पहुंचा धरनास्थल पर।

बारिश में भी जारी रहा विधायक का धरना
थाना परिसर में धरने के दौरान बारिश का दौर शुरू हुआ। लेकिन विधायक तरवर सिंह लोधी अपने समर्थकों के साथ बारिश के बीच धरने पर डटे रहे। बारिश होते देख धरने पर बैठीं मृतक किसान की पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर बैठाया गया। ताकि पानी में भींग न सकें। विधायक लोधी ने कहा कि मैं सीना ठोक कर कहता हूं कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा मैं बैठा रहूंगा। धरने से उठूंगा नहीं। मुझे जेल जाना पड़े तो मैं जाऊंगा। प्रशासन को जो कार्रवाई करना हो करे। किसान की मौत के मामले में बीज भंडार, कंपनी वालों और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी। मैं नहीं उठूंगा।
थाना परिसर में किसान ने खुद को लगाई थी आग
किसान शीतल रजक निवासी चौका ने 9 अगस्त को बंडा थाना परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। उसका आरोप था कि कीटनाशक दाव डालने से खेत में लगी सोयाबीन की फसल खराब हुई है। किसान ने बंडा थाने में एक दिन पहले शिकायत की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर दूसरे दिन उसने खुद को आग लगा ली थी। किसान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से भोपाल रैफर किया गया था। भोपाल में इलाज के दौरान शुक्रवार को किसान शीतल की मौत हो गई।

मृतक किसान की पत्नी निशा ने आरोप लगाते हुए कहा था कि शंकर खाद बीज भंडार से कीटनाशक दवा खरीदी थी। खेत में लगी सोयाबीन की फसल में इल्ली और खरपतवार होने पर कीटनाशक दवा फसल में डाली। लेकिन दूसरे दिन फसल सूखने लगी और पीली पड़ गई। मामले में पति शीतल ने 8 अगस्त को बंडा थाने में शिकायत की थी। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। फसल खराब होने और मामले में सुनवाई नहीं होने के चलते शीतल ने आत्मघाती कदम उठाया था।

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