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बीएमसी का स्त्री एवं प्रसूति विभाग ओवरलोड:एक माह में औसत 536 डिलेवरी केस, भर्ती करने के लिए सिर्फ 100 बेड

सागर2 महीने पहले
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जिला अस्पताल का स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग खाली होने के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में काम का दबाव बढ़ गया है। - Money Bhaskar
जिला अस्पताल का स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग खाली होने के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में काम का दबाव बढ़ गया है।

जिला अस्पताल का स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग खाली होने के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में काम का दबाव बढ़ गया है। हालत यह है कि यहां रोज प्रसव के 50 केस आ रहे हैं। जबकि 16 सिजेरियन डिलेवरी और करीब 22 सामान्य प्रसव हो रहे हैं। लेकिन मरीजों को भर्ती करने के लिए विभाग के पास सिर्फ एक वार्ड के 100 बेड हैं। बेड की कमी होने के कारण मरीजों के साथ डॉक्टर भी परेशान हो रहे हैं। हालांकि विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन ने प्रबंधन को वार्ड की संख्या बढ़ाने के लिए चिट्‌ठी लिखी है, लेकिन इस पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

फिलहाल वार्ड में अतिरिक्त बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जानकारों के अनुसार, जिलेभर से रैफर होने वाले केसों और सीधे पहुंचने वाले मरीजों को मिलाकर मेडिकल कॉलेज में एक माह में औसत 536 केस पहुंच रहे हैं। जगह की कमी होने के कारण विभाग के डॉक्टरों को केस की गंभीरता को देखते हुए मरीज भर्ती करने पड़ रहे हैं। विभागाध्यक्ष का कहना है कि काम का दबाव बढ़ने की वजह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित डिलेवरी पाइंटों व जिला अस्पताल से सामान्य डिलेवरी के केस भी रैफर होकर पहुंचना है। हालांकि मरीजों को अतिरिक्त बेड लगाकर भर्ती किया जा रहा है।

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