पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61350.260.63 %
  • NIFTY18268.40.79 %
  • GOLD(MCX 10 GM)479750.13 %
  • SILVER(MCX 1 KG)65231-0.33 %
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • Damoh
  • If The School Remains Closed For One And A Half Years, The Students Forget Their Studies, The Students Of Class IV Are Not Getting Even The World Of Five.

कोरोना इफैक्ट:डेढ़ साल स्कूल बंद रहे तो पढ़ाई भूले छात्र-छात्राएं, कक्षा चौथी के विद्यार्थियों को पांच का दूनिया तक नहीं बन रहा

दमोहएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहले दिन 20% उपस्थिति घर में रहने की वजह से बच्चों का शैक्षणिक स्तर कमजोर, सीखने की क्षमता भी घटी

प्राइमरी स्कूल सोमवार से खुल गए। 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ बच्चों को स्कूल बुलाया गया था, लेकिन पहले दिन बच्चों की उपस्थिति 15 से 20 फीसदी ही रही। इधर लगातार डेढ़ साल से स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। भास्कर ने बच्चों से जानकारी ली तो अधिकांश बच्चे पढ़ाई में काफी कमजोर दिखे।

शासकीय प्राइमरी स्कूल चेनपुरा में कक्षा चौथी की छात्रा भूमि अहिरवार से 8 का दूनिया पूछा तो भी वह बता नहीं पाई। वहीं मीरा अहिरवार से 4 का दूनिया भी नहीं बना। इसी स्कूल के कक्षा तीसरी के छात्र गौरव अहिरवार एवं वंदना से 2 का दूनिया एवं खड़ी नहीं बनी।

जबकि इन छात्रों का कहना है कि पहले उन्हें 20 तक बिना देखे दूनिया याद था। इसी तरह तीसरी चौथी की छात्रा नाजिया बारह खड़ी भी नहीं बोल पाई। अन्य स्कूलों में भी पढ़ाई का स्तर कमजोर नजर आया। शिक्षकों का कहना है कि पहले इन बच्चों की पढ़ाई का स्तर काफी अच्छा था।

छात्रों से ठसाठस भरी थी कक्षाएं

चेनपुरा प्राइमरी-मिडिल स्कूल के तीन कमरों में कक्षा पहली से आठवीं तक की कक्षाएं लगी थीं। एक कमरे में कक्षा छठवीं एवं सातवीं के छात्र-छात्राएं ठसाठस भरे थे। दूसरे कमरे में भी यही स्थिति थी। स्कूल में कुल बच्चों की दर्ज संख्या 132 है। सोमवार को 50 बच्चे आए। शिक्षकों ने बताया कि जगह की कमी है, ऐसे में मजबूरी में एक कक्षा में दो-दो क्लास के बच्चे बैठाना पड़ रहे हैं।

बिना सैनीटाइज कराए पढ़ाई शुरू

धरमपुरा शासकीय सरदार पटेल प्राइमरी स्कूल में सुबह 11.15 बजे तक बच्चे परिसर में घूम रहे थे। कक्षाओं में झाडू लगाई जा रही थी। सैनीटाइज भी नहीं किया गया। शिक्षकों ने बताया कि ऊपर से सैनीटाइजेशन के लिए कोई जानकारी ही नहीं आई है। स्कूल परिसर में सफाई का अभाव देखा गया। शौचालयों में भी गंदगी थी। पहले दिन कुल 194 में से महज 45 बच्चे ही आए थे।

पुत्री शाला में केवल 3 बच्चे आए

पुराना थाना के पास शासकीय पुत्री शाला में सुबह 11 बजे तक महज 3 बच्चे ही उपस्थित थे। जिसमें से दो मिडिल एवं एक बच्चा प्राइमरी से था। वहीं न्यू पुलिस लाइन स्कूल में 65 में से महज 6 बच्चे ही शिक्षकों ने बताया कि आज पहला दिन है। दोपहर तक कुछ और बच्चे आएंगे। अभिभावकों को सूचना दी जा रही है। एक-दो दिन में सभी बच्चे आने लगेंगे।

एक भी बच्चे के चेहरे पर मास्क नहीं

शासकीय प्राइमरी स्कूल जटाशंकर कॉलोनी का जायजा लिया तो यहां पर दो कमरों में कक्षाएं लगी थीं। एक कमरे में 12 बच्चे बैठे हुए थे। इस दौरान न तो शिक्षक व बच्चों के चेहरे पर मास्क नहीं था। स्कूल परिसर के चारों ओर कचरा फैला पड़ा था। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के गेट के सामने से ही आसपास के लोग शौच के लिए आते हैं। जिससे काफी परेशानी होती है।

हाई, मिडिल के बाद प्राइमरी भी अनलॉक

पहले चरण में 26 जुलाई से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खोले गए। दूसरे चरण में 1 सितंबर से 6वीं से 8वीं और 20 सितंबर से प्राइमरी स्कूल भी खुल गए हैं। हालांकि निजी स्कूल नहीं खुल पाए हैं। सीबीएसई स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षाएं चल रहीं हैं। 1 अक्टूबर से ही कक्षाएं चालू होंगी।

धीरे-धीरे व्यवस्थाओं में होगा सुधार

सोमवार को पहला दिन था। शासन की गाइड लाइन के अनुसार स्कूल खोले गए हैं। सभी स्कूल प्रभारियों को इस संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं। जहां कहीं भी अव्यवस्थाएं हैं, उनका धीरे-धीरे सुधार किया जाएगा।
- एसके मिश्रा, डीईओ दमोह

अब स्कूल आएंगे तो क्षमता बढ़ जाएगी

स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों के शैक्षणिक, शारीरिक और मानसिक विकास पर असर हुआ है। स्कूलों में पढ़ाई के दौरान बच्चों में जल्दी समझ विकसित होती है। जअब बच्चे स्कूल आएंगे तो उनमें सीखने की क्षमता बढ़ जाएगी।
- नरेंद्र नायक, रिटायर्ड प्राचार्य दमोह

खबरें और भी हैं...