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छतरपुर में किसानों का प्रदर्शन:खाद न मिलने से परेशान सैकड़ों किसानों ने बिजावर कृषि मंडी में की नारेबाजी व प्रदर्शन

छतरपुरएक महीने पहले
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ज्ञापन सौंपते किसान। - Money Bhaskar
ज्ञापन सौंपते किसान।

छतरपुर के बिजावर तहसील में खाद न मिलने से परेशान किसानों के सब्र का बांध टूटा, बिजावर जन अधिकार संगठन के सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की अगुवाई में सैकड़ों किसानों ने बिजावर कृषि मंडी में जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन किया।

4 से 5 घंटे चले इस प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर व प्रशासन के बीच कई बार तीखी नोंक-झोंक भी हुई किसानों की बढ़ती संख्या व आक्रोश के आगे प्रशासन के पैर भूलने लगे।

खाद के लिए हंगामा करते किसान।
खाद के लिए हंगामा करते किसान।

किसानों का कहना था कि यह किसानी क्षेत्र है किसानों का सारा रिकॉर्ड और कृषि रकबा सरकार के पास है, सरकार जानती है कि किसानों को कितना खाद चाहिए। फिर भी किसानों को इस तरह से तरसा तरसा कर एक बोरी खाद भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि एक छोटे किसान को 3 से 5 बोरियों की आवश्यकता है।

वहीं जहां समितियों पर बिल्कुल भी किसानों को खाद नहीं मिल रहा है वहीं व्यापारियों के पास पर्याप्त मात्रा में खाद है और खाद की कालाबाजारी हो रही है, 1200 रुपए में मिलने वाला खाद 1700 रुपए में बेचा जा रहा है। महंगे डीजल और जुताई के बाद इतनी महंगी खाद खरीदने के बाद मुनाफा तो दूर फसल की लागत निकाल पाना मुश्किल हो जाएगा, किसानी वैसे ही कई सालों से नुकसान में है। प्रशासन ऊपर से जितना खाद आया है उतना ही बांट पाएंगे की बात कह रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने प्रशासन और सरकार पर अदूरदर्शिता और तानाशाही का आरोप लगाया उनका कहना था कि प्रशासन जन समस्याओं और किसानों की समस्याओं को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है जब समस्या हद से ज्यादा बढ़ जाती है तो सरकार डंडे की दम पर जनता को हाँकना शुरू करती है।

अमित भटनागर ने प्रदर्शन के दौरान वह सरकार की इस तानाशाही और किसान विरोधी व अलोकतांत्रिक व्यवहार के खिलाफ तहसीलदार, थाना प्रभारी तहसीलदार व उपस्थित प्रशासन के सामने अपनी गिरफ्तारी की घोषणा कर दी। जिस पर किसानों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

बिजावर तहसीलदार दुर्गेश तिवारी ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अमित भटनागर व मौजूद किसानों से बातचीत की एवं उनकी मांगों को मानते हुए जन अधिकार संगठन व किसानों को खाद आवंटन की सूची उपलब्ध कराने की बात कही और किसी भी तरह की गलती होने पर ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। तुरंत वहां मौजूद किसानों को खाद बांटने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद देर रात तक किसानों को खाद बांटा गया।