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अब बदमाशों के निशाने में पुलिस:रीवा शहर के पुलिस प्रशिक्षण शाला में चोरों ने लगाई सेंध, एक साल से बंद पड़े मेस से 30 हजार के वर्तन चोरी, जिम्मेदारों ने साधी ​चुप्पी

रीवाएक महीने पहले
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  • क्वार्टर मास्टर ने स्टोर व मेस का चार्ज देने से पहले किया निरीक्षण तो हुआ चोरी का खुलासा, जर्जर भवन के गेट को चोरों ने खिसकाया और ले गए सामान

रीवा शहर के चोर इन दिनों पुलिस को खुली चुनौती दे रहे है। आलम है कि अभी तक शातिर बदमाश गांव से लेकर शहर तक चोरी, लूट, डकैती,चैन स्नैचिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। लेकिन इस बार शहर के पॉश इलाके स्थित पुलिस प्रशिक्षण शाला में सेंध लगाकर सनसनी फैला दी है।

सेंध मारी का खुलासा उस समय हुआ जब क्वार्टर मास्टर स्टोर व मेस का चार्ज देने से पहले निरीक्षण किया। दावा है कि जर्जर भवन के गेट को अज्ञात चोरों ने खिसकाया और वर्तन सहित अन्य सामग्री ले गए।फिलहाल अमहिया पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए विवेचना शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक रविवार की दोपहर क्वार्टर मास्टर उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल के पास चोरी की शिकायत लेकर आए थे। हालांकि चोरी कब हुई है, इस बात का पता अभी तक नहीं चल पाया है। क्योंकि जिस मेस में चोरी हुई है।

वह कोरोना के कारण करीब एक साल से बंद पड़ा था। लेकिन दूसरे अधिकारी ने मेस का चार्च लेने से पहले निरीक्षण किया तो चोरी की बात सामने आई है। वहीं मेस के अधिकारियों ने दावा किया है कि करीब 30 हजार के वर्तन अज्ञात चोर ले गए है।

हर आने जाने वाले का नाम रजिस्टर में एंट्री, तो कैसे हो गई चोरी
सूत्रों की मानें तो पुलिस प्रशिक्षण शाला के मुख्य द्वार में हर पुलिस अधिकारी के आने जाने का रिकार्ड रजिस्टर में एंट्री रहता है। साथ ही इन और आउट होने वाले वाहनों का गाड़ी नंबर, नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज रहता है। इसके बाद भी पुलिस प्रशिक्षण शाला से वर्तन चुराकर बदमाश चले गए। लेकिन पुलिस को कानों कान खबर तक नहीं लगी।

अगर दूसरा अधिकारी चार्च न लेता तो न पता चलता
पुलिस प्रशिक्षण शाला के मेस से वर्तन चोरी की बात किसी ​अधिकारी को हजम नहीं हो रही है। ऐसे में जिम्मेदार कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। आला अधिकारियों ने विभागीय जांच की बात कही है। वहीं पुलिस प्रशिक्षण शाला के अंदर चर्चा रही कि अगर दूसरा अधिकारी चार्च न लेता तो विभाग को चोरी का पता न चल पाता।

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