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केस डायरी लेकर गया, 811 दिन बाद भी नहीं लौटा:रीवा एसपी ने जांच के बाद किया टर्मिनेट, अलीराजपुर का है कॉन्स्टेबल; मिली थी अनुकंपा नियुक्ति

रीवा4 महीने पहले
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पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर रीवा एसपी ने अलीराजपुर के आरक्षक को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के चलते मऊगंज थाने में पदस्थ आरक्षक के खिलाफ की गई है। आरक्षक करीब दो साल तीन महीने पहले जबलपुर हाईकोर्ट केस डायरी लेकर गया था। जिसके बाद वह मऊगंज थाने लौटकर नहीं आया। लगातार 811 दिन अनुपस्थित रहने के बाद पीएचक्यू ने मामले को संज्ञान में लिया।

ऐसे में पहले थाना प्रभारी ने जांच की। फिर डीएसपी हेडक्वार्टर ने अपनी जांच में अनुशासनहीनता पाई थी। अंत में पीएचक्यू द्वारा अलीराजपुर में आरक्षक के घर में जाकर नोटिस चस्पा कराई। जब जवाब नहीं आया तो पीएचक्यू ने एसपी नवनीत भसीन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ​ऐसे में 12 जनवरी को पत्र जारी कर आरक्षक विनोद सास्तिता थाना मऊगंज को पुलिस सेवा से टर्मिनेट कर दिया गया है।

ये है मामला
एसपी ने जारी आदेश में बताया कि 24 अक्टूबर 2019 से आज दिनांक तक आरक्षक विनोद सास्तिता निवासी सोण्डवा जिला अलीराजपुर फरार है। उसको 22 अक्टूबर 2019 को जबलपुर हाईकोर्ट केस डायरी देकर भेजा गया था। हालांकि वह केस डायरी लेकर गया, लेकिन थाने में दर्ज रिपोटिंग समय पर नहीं पहुंचा। इसके बाद अवकाश शाखा को आरक्षक के अनुपस्थित होने की सूचना भेजवा दी गई थी। इस दौरान आरोपी आरक्षक से कई बार रक्षित कार्यालय द्वारा संपर्क किया गया, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दिया।

24 अक्टूबर 2019 से अनुपस्थित

2 मार्च 2021 को तत्कालीन थाना प्रभारी को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई। थाना प्रभारी की जांच में आरोपी आरक्षक 24 अक्टूबर 2019 से अनुपस्थित पाया गया। 10 मई 2021 को डीएसपी मुख्यालय रीवा ने जांच की। जिन्होंने थाने पहुंचकर उपस्थित पंजी आदि का अवलोकन करने के बाद जांच रिपोर्ट के अंश 11 नवंबर 2021 को एसपी शाखा को भेज दिया था। 22 दिसंबर को 2021 को पीएचक्यू ने अपने स्तर से जांच कराई। साथ ही आरोपी आरक्षक के घर में जाकर नोटिस चस्पा कर कार्यालय में बात रखने का समय दिया था।

चार बार छोटी सजाओ से हो चुका था दंडित
रक्षित केन्द्र रीवा की मानें तो पिता के निधन पर विनोद सास्तिता को बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ती मिली थी। 2017 के पहले कम सेवा काल में ही कई बार अनुशासनहीनता कर चुका था। साथ ही चार बार छोटी सजाओ का दंड मिला था। ऐसे में 811 दिन लगातार अनुपस्थित रहने पर एसपी नवनीत भसीन ने 12 जनवारी 2022 को सेवा से पृथक कर दिया है।