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रीवा पुलिस ने फरार आरोपी को दी छूट:मऊगंज थाने से 300 मीटर की दूरी पर बैठकर व्यापार कर रहा धोखाधड़ी का आरोपी, 4 साल बाद भी नहीं प​​कड़ पाए

रीवा4 महीने पहले
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​शिकायतकर्ता विजय शंकर द्विवेदी - Money Bhaskar
​शिकायतकर्ता विजय शंकर द्विवेदी
  • डंके की चोट पर वैभव फर्नीचर नाम से दुकान संचालित कर रहा पुष्पराज जायसवाल

रीवा जिले की मऊगंज पुलिस पर आरोपी को संरक्षण देने के आरोप लगे है। एसपी नवनीत भसीन के नाम दिए शिकायती आवेदन में पीड़ित ने बताया कि मऊगंज थाने से महज 300 मीटर की दूरी पर बैठकर धोखाधड़ी का आरोपी व्यापार कर रहा। फिर भी पुलिस 4 साल बाद भी नहीं प​​कड़ पाई है।

आरोप है कि आरोपी डंके की चोट पर वैभव फर्नीचर नाम से दुकान संचालित कर रहा। ज​बकि आरोपी को ट्रायल कोर्ट, सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट ने भी जमानत का लाभ नहीं दिया है। ऐसे में अब मुख्य आरोपी पुष्पराज जायसवाल पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है।

ये है मामला
दुवगवां कुर्मियान निवासी विजय शंकर द्विवेदी ने बताया कि 6 अगस्त 2013 को उसकी मां राजकली द्विवेदी लापता हो गई थी। जिसकी गुमशुदगी मऊगंज थाने में दर्ज है। जो आज दिनांक तक लौट कर नहीं ​आई है। फिर भी 24 नवंबर 2018 को हरिशंकर जायसवाल ने उषा​ तिवारी नामक महिला को खड़े कर फर्जी रजिस्ट्री करा ली। धोखाधड़ी के बाद जबलपुर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण की याचिका दायर की गई। तक हाई कोर्ट के निर्देश पर मऊगंज थाने में अपराध क्रमांक 584/18 धारा 419, 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी भादवि का प्रकरण दर्ज किया गया।

5 आरोपी खा चुके जेल की हवा, रसूखदार को नहीं पकड़े
इस मामले में लापता राजकली द्विवेदी बनकर ​हरिशंकर जायसवाल के नाम रजिस्ट्री कराने वाली उषा​ तिवारी, सह आरोपी प्रदीप चतुर्वेदी, संतोष पटेल, राजकुमार विश्वकर्मा पहले ​ही गिरफ्तार हो चुके है। कई लोग जेल की हवा भी खा चुके है। जबकि जमीन खरीदने वाला हरिशंकर जायसवाल मर चुका है। लेकिन पूरे प्लान का मास्टर माइड पुष्पराज जायसवाल को पुलिस नहीं पकड़ पाई है।

... तो पीड़ित परिवार को जान खतरा
विजय शंकर द्विवेदी ने एसपी के नाम दिए एएसपी शिवकुमार वर्मा को ज्ञापन में जान का खतरा बताया है। कहा कि इन दिनों आरोपी खुले तौर पर धमकी दे रहा है। बोल रहा है जेल जाउंगा लेकिन तुम्हारे ​परिवार को खत्म कर। ऐसे में हर पल पूरे परिवार को खतरा है। जान माल की सुरक्षा के लिए आरोपी को गिरफ्तार करना अनिवार्य है।

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