पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आदतन अपराधी है पकड़ाया फर्जी अफसर:2019 में भी रीवा में खुद को अफसर बता सरकारी कर्मचारियों से कर चुका वसूली, अब भोपाल में अरेस्ट

रीवा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आरोपी को भोपाल से अरेस्ट किया गया। - Money Bhaskar
आरोपी को भोपाल से अरेस्ट किया गया।

सरकारी अफसरों और कर्मचारियों से EOW का अफसर बन वसूली करने वाला सरगना संजय मिश्रा आदतन अपराधी है। 2019 में भी लोकायुक्त का अधिकारी बनकर शासकीय कर्मचारियों से पैसे ठगी करने के मामले में सिविल लाइन थाना रीवा में उसके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हुआ था। इसमें भी वह फरार चल रहा था। न्यायालय से उसका गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। संजय मिश्रा दर्जनों सिम उपयोग करता था। बाप बेटे के पास से 4 मोबाइल और कई सिम बरामद हुए हैं।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से EOW अफसर बनकर एक दर्जन से ज्यादा अधिकारियों को छापा डलवाने की धमकी देकर लाखों रुपए ठगने वाले पिता-पुत्र सहित एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। EOW भोपाल के महानिदेशक अजय शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक मोहम्मद शाहिद अवसार ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

ऐसे में रीवा EOW एसपी वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर 16 जनवरी को भोपाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर रीवा लाया गया है। ​जहां विवेचना कार्रवाई पूर्ण कर सोमवार की शाम एक आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। जबकि पिता और पुत्र को तीन दिन की कस्टडी रीवा EOW पुलिस ने ली है।

ये है मामला
EOW एसपी वीरेन्द्र जैन ने बताया कि 10 रुपए का इनामी आरोपी संजय मिश्रा पुत्र रामलोचन निवासी तिलक नगर रीवा को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के साथ में 2 सहयोगी भी पकड़ में आए है। जिसमे एक आरोपी उसका बेटा आष्कृत मिश्रा और रघुराजा गर्ग निवासी पन्ना हाल निवास नया बसेरा कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल शामिल है। बता दें कि EOW और लोकायुक्त का अधिकारी बनकर संजय मिश्रा ने शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों को छापे का भय दिखाकर अपने खाते में पैसे डलवाता था। उसने अपने यूनियन बैंक आफ इण्डिया नेहरू नगर शाखा रीवा के एकाउन्ट में 50000, 100000, 25000, 10000 की राशि जमा करवाया था।

ऐसे हुआ खुलासा
रीवा EOW कार्यालय में शिकायत आई कि जयकिशन द्विवेदी जल संसाधन विभाग ने 22 जुलाई 2021 को 1 लाख जमा किए। वहीं रामनरेश साकेत रेंजर उचेहरा सतना के घर में छापा डलवा देने के एवज में 50 हजार मांगे।लेकिन रामनरेश साकेत ने राशि बैंक खाते में नहीं डलवाई। बल्कि EOW को शिकायत कर दी। इसी तरह कालीचरण दुबे उप यंत्री जल संसाधन विभाग जिला सागर से डीपी शर्मा इंस्पेक्टर ईओडब्ल्यू बनकर यूनियन बैंक वाले खाते में 25,000 जमा करने के लिए कहा। लेकिन कालीचरण दुबे ने उक्त राशि जमा नहीं की और ईओडब्ल्यू रीवा में शिकायत कर दी।

EOW ने दर्ज की एफआईआर
EOW एसपी वीरेन्द्र जैन ने सभी शिकायतों के आधार पर आरोपी संजय मिश्रा निवासी तिलक नगर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली। जहां 2 सितंबर 2021 को अपराध पंजीबद्ध होने के पूर्व संजय मिश्रा अपने बेटे आष्कृत मिश्रा के साथ रीवा छोड़कर भोपाल भाग गया। वह भोपाल में ही टीटी नगर क्षेत्र में एक कमरा किराए से लेकर रहने लगा। वहां पर उसने रघुराजा गर्ग निवासी पन्ना को अपना साथी बनाया। रघुराजा गर्ग के यूनियन बैंक टीटी नगर के बैंक खाते में शासकीय अधिकारियों को धमकी देकर पैसा जमा करवाने लगा।

इन जिलों के अधिकारियों से झांसा दिया
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि श्योपुर, सागर, रतलाम, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा और सतना आदि जिलों के अधिकारियों से धमकी देकर राशि वसूल की थी। दावा है कि आरोपी बाप और बेटे यहां रघुराजा उर्फ राहुल गर्ग को अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने के एवज में 10 प्रतिशत शेयर देते थे। रघुराजा गर्ग के अकाउंट में भी ठगी कर 4 महीने में लगभग 3,60,000 जमा हुए। जहां संजय मिश्रा और उसके बेटे आष्कृत मिश्रा ने 10% राशि 36000 रुपए रघुराजा गर्ग को उसका हिस्सा दे दिया।

EOW इंस्पेक्टर डीपी शर्मा बताता था नाम
दावा है कि आरोपी संजय मिश्रा योजनाबद्ध तरीके से अपने कुछ साथियों को अपना नाम अपने मोबाइल नम्बर संजय मिश्रा की जगह डीपी शर्मा इंस्पेक्टर ईओडब्ल्यू लिखवाता था। जिससे अधिकारियों को जब वह फोन करता था तब शासकीय अधिकारियों के फोन में टू कालर में डीपी शर्मा इंस्पेक्टर ईओडब्ल्यू लिखा प्रदर्शित होता था। जिस कारण से अधिकारी यह मान लेते थे कि फोन डीपी शर्मा इंस्पेक्टर ईओडब्ल्यू ने ही किया है।

10 लाख से ज्यादा रुपए का किया लेनदेन
संजय मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि पंचायत विभाग, सहकारिता विभाग, राजस्व विभाग, जलसंसाधन विभाग, खनिज विभाग, एमपीईबी विभाग के कई अधिकारियों का ठग चुका है। दावा है कि पिछले कई महीनों से बाप बेट और रघुराजा गर्ग के अकाउंट में फर्जीवाड़ा का पैसे डलवाता रहा है। तीनों के अकाउन्ट में 10 लाख रुपए से ज्यादा की राशि का लेनदेन हुआ है।

इस टीम को मिली सफलता
शातिर आरोपियों को गिरफ्तारी में भोपाल EOW के उपनिरीक्षक सौरभ, प्रधान आरक्षक सुनील ने सहयोग किया है। तब रीवा EOW के निरीक्षक प्रवीण चतुर्वेदी, उप निरीक्षक आशीष मिश्रा, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, आरक्षक भारतेन्दु सिंह, आरक्षक संतोष मिश्रा ने काफी प्रयत्न कर आरोपी संजय मिश्रा, आष्कृत मिश्रा, रघुराजा उर्फ राहुल गर्ग को भोपाल से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। EOW महानिदेशक अजय शर्मा ने इस टीम को इनाम देने की घोषण की है।

खबरें और भी हैं...