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रतलाम में बारिश से बर्बादी के निशान, VIDEO:घर का अनाज-सामान सब बहा ले गया पानी, जलभराव से कई घरों में चूल्हे भी नहीं जले, अभी तक नहीं पहुंची कोई राहत

रतलाम2 महीने पहले
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बाढ़ जैसे हालातों से जूझने के बाद भी इन परिवारों को अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।

रतलाम में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश का पानी तो उतर गया है, लेकिन आफ़त की बारिश अपने निशान पीछे छोड़ गई है। शहर में करीब 20 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए। सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना ईश्वर नगर क्षेत्र के लोगों को करना पड़ा। यहां मकान गिरने की वजह से घर का सामान पानी में बह गया। कई घरों में पानी घुसने से रविवार को चूल्हे तक नहीं चले। निचले इलाकों में पानी उतरने के बाद क्षेत्र के लोग जैसे तैसे अपना बचा हुआ सामान बटोरने में लगे हुए हैं।

रतलाम शहर रविवार को कुछ ही घंटे में 6 इंच से ज्यादा बारिश से जलमग्न हो गया था। शास्त्री नगर, मोमिनपुरा, ईश्वर नगर, पीएनटी कॉलोनी, चौमुखी पुल और सैलाना यार्ड क्षेत्र में घरों में पानी घुस गया था।

ईश्वर नगर क्षेत्र में रहने वाली नर्मदा बाई का घर भारी बारिश में गिर गया। घर का सामान मलबे में दब गया और कुछ सामान पानी के तेज बहाव में बह गया। नर्मदा बाई अपने बेटे अजय के साथ अब घर के मलबे में अपनी जरूरतों का सामान ढूंढ रही हैं। पास में ही रहने वाली सुनीता बाई के भी घर में रविवार शाम तक पानी भरा रहा। इसकी वजह से घर का अनाज कपड़े और बिस्तर गीले हो गए। सुनीता बाई ने बताया कि अब तक प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार उनकी मदद के लिए नहीं पहुंचा है।

मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
मकान क्षतिग्रस्त हो गया।

पेंटिंग का कार्य करने वाला पुखराज अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ईश्वर नगर में ही रहते हैं। इनके घर के पीछे की दीवार गिर जाने से बारिश का पानी घर में घुस गया। पुखराज ने बताया कि कल दिनभर घर में चूल्हा नहीं जला है।

रतलाम शहर में प्रशासन ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वे आज सुबह से ही शुरू किया है। लोगों के क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए राहत राशि भी 24 घंटे में जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। मूसलाधार बारिश से बने बाढ़ जैसे हालातों से जूझने के बाद भी इन परिवारों को अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी है।

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