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परीक्षा परिणाम:12वीं में सब पास, रिजल्ट से ना ज्यादा खुशी, ना ज्यादा गम

नीमच2 महीने पहले
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  • दसवीं के अंकों के आधार पर तैयार किया गया रिजल्ट 100%

कोविड-19 की दूसरी लहर में संक्रमण फैलने की वजह से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बिना परीक्षा के ही गुरुवार को 12वीं का परिणाम जारी किया। इसमें जिले के सभी 7631 विद्यार्थी बिना परीक्षा दिए ही पास हो गए। 12 साल बाद सबसे ज्यादा जिले का परिणाम 100 फीसदी रहा। इससे पहले 2009 में 91.89 प्रतिशत था। इस बार परीक्षा न होने के कारण 12 वीं का रिजल्ट 10 वीं के आधार पर तैयार किया है।

जिले के 105 सीनियर सेकंडरी स्कूलों के 6719 नियमित व 912 प्राइवेट विद्यार्थियों ने 100 फीसदी अंक पाए। बोर्ड ने इस बार विद्यार्थियों को दसवीं के अंकों के आधार पर पास किया है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे माशिमं ने रिजल्ट अपनी वेबसाइट पर घोषित किया। इसमें भी 10वीं की तरह परिणाम तो शत प्रतिशत रहा लेकिन विद्यार्थियों व विभाग का उत्साह शून्य दिखा। पढ़ने वाले बच्चों की मेरिट में आने की आस अधूरी रह गई तो वहीं कमजोर विद्यार्थियों को उतना ही फायदा मिला। विद्यार्थियों ने वेबसाइट के माध्यम से ही अपना-अपना रिजल्ट देखा।

टॉपर विद्यार्थी बोले: परिणाम से संतुष्ट लेकिन वो मजा नहीं

परीक्षा होती तो और अच्छा रिजल्ट आता
10वीं प्रदेश की मेरिट में छटे स्थान पर रही जावद कन्या उमावि की छात्रा पायल लौहार इस बार 12वीं 99% अंकों के साथ पास हुई। उनका कहना हैं कि रिजल्ट से तो संतुष्ट हूं लेकिन उतनी खुशी नहीं जितनी मेरिट में आकर मिलती। अब कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होने से आगे की पढ़ाई के लिए कॉलेज हमें खुद ढूंढना पड़ेगा जबकि परीक्षा के साथ रिजल्ट बनता तो वे खुद ऑफर करते।

मेरिट की आस अधूरी रह गई
10वीं में प्रदेश की मेरिट में 10वां स्थान पाने वाली सिंगोली सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा क्षिप्रा ललिता शर्मा का 12वीं रिजल्ट 98 प्रतिशत रहा। उनका कहना भीं यही हैं कि परीक्षा होती तब भी उतना ही रिजल्ट आता। लेकिन इस बार मेरिट आने की आस अधूरी रह गई। परीक्षा में खुद की मेहनत साबित करके बताते है। इस बार पहले से ज्यादा पढ़ाई की थी।

यदि परीक्षा होती तो रिजल्ट स्पष्ट होता

10वीं जिला मेरिट में प्रथम रही शा. उत्कृष्ट उमावि नीमच की रितिका पिता चैनराम शर्मा के 12वीं 98% बने है। उनका कहना हैं कि परीक्षा के हिसाब से तैयारी थी उससे रिजल्ट स्पष्ट आता। बोर्ड ने सिर्फ 10वीं के आधार पर 12वीं रिजल्ट बनाया जबकि उन्हें 9 से लेकर 11 तक की कक्षाओं के परिणाम को मिलाकर रिजल्ट बनाना था। क्योंकि छात्रों का प्रदर्शन हर कक्षा में अलग होता है।

रिकाॅर्ड में रिजल्ट, 2009 में सबसे ज्यादा 91.89 प्रतिशत रहा था

12वीं परिणाम में नीमच जिले के अगर पिछले 12 वर्षों की परफॉरमेंस पर ध्यान दें तो साल 2009 में सबसे अच्छा परिणाम रहा। साल 2009 में 91.89%, 2010 में 75.36%, 2011 में 80.96%, 2012 में 79.91%, 2013 में 66.94%, 2014 में 76.76%, 2015 में 85.87%, 2016 में 79.74%, 2017 में 84.61%, 2018 में 88.77%, 2019 में 85.22% और 2020 में 81.68% फीसदी रहा। अब 100% रहा है।

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