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रतलाम-आगर में भारी बारिश, रेलवे ट्रैक डूबा:दोनों शहरों में 6 इंच तक पानी गिरा, घर-दुकानों में पानी घुसा, कई गाड़ियां बहीं; भोपाल-इंदौर में भी बारिश

भोपाल2 महीने पहले
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मध्यप्रदेश में मानसून अपने आखिरी दौर में भी जमकर बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान आगर-मालवा और रतलाम में 6 इंच तक बारिश ने बाढ़ के हालात बना दिए। नदी और नालों के उफान पर आने से रतलाम जिले में पानी के तेज बहाव में एक कार और एक बाइक बह गई। ग्रामीणों ने कार सवार युवक को बड़ी मुश्किल से बचाया। अन्य जगह भी गाड़ियां बहने की खबरें हैं।

रतलाम शहर के डाट की पुल, सैलाना बस स्टैंड और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर भी पानी भर गया, हालांकि फिलहाल ट्रेनें रोकने की नौबत नहीं आई है। ढाई बजे ट्रैक से पानी उतर गया। भोपाल और इंदौर समेत कई जगहों पर भी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम वैज्ञानिक के पीके साहा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान आगर-मालवा में सबसे ज्यादा छह इंच तक पानी बरस गया। रतलाम में भी 6 इंच तक बारिश ने बाढ़ के हालात बना दिए। सबसे ज्यादा बारिश आगर के लखेड़ा और सुसनेर में 6-6 इंच हुई। इसके अलावा शाजापुरा में 1 इंच, श्योपुर, भोपाल और धार में आधा-आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, भोपाल शहर, गुना, खंडवा, उज्जैन, सीधी, खरगोन, होशंगाबाद, रायसेन, ग्वालियर जबलपुर और दतिया समेत 143 केंद्रों पर बारिश रिकॉर्ड की गई।

रतलाम शहर में बारिश की वजह से सड़कों पर भरा पानी।
रतलाम शहर में बारिश की वजह से सड़कों पर भरा पानी।

मंदसौर में भी बारिश से स्थिति खराब
मंदसौर में बीते 24 घंटे से हो रही झमाझम बारिश ने जिले को तरबतर कर दिया है। पिछले 24 घंटों में जिले में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं जिले की औसत बारिश 33 इंच को पार करते हुए 33.39 इंच तक पहुंच गया है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के कई इलाकों में बनी छोटी पुलियों और रपटों के ऊपर तक पानी आ गया है। नाहरगढ़-बिल्लोड़ पुल के ऊपर तक पानी बहने से यहां पुल के दोनों ओर सैकड़ों वाहनों की लाइन लग गई है। वहीं पशुपतिनाथ मंदिर के पास शिवना पर बना छोटा पुल भी पानी में डूब गया है। कोलवा से डोडिया मीणा जाने वाला मार्ग भी कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ा है।

मंदसौर में नाहरगढ़-बिल्लोड़ पुल से बहता पानी।
मंदसौर में नाहरगढ़-बिल्लोड़ पुल से बहता पानी।

सामान्य से सिर्फ 2% कम बारिश हुई
बीते 18 दिन से प्रदेश भर में बारिश हो रही है। इस दौरान कई इलाकों में तेज बारिश भी हुई। यही कारण है कि अब बारिश का कोटा लगभग सामान्य हो गया है। 1 जून से 19 सिंतबर तक मध्यप्रदेश में 34 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 36 इंच बारिश होना चाहिए। अब महज 2% बारिश ही कम है।

10 जिले अब भी सूखे के संकट में
प्रदेश के 10 जिले अब भी सूखे के संकट में है। धार, खरगोन, होशंगाबाद, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, कटनी और छतपुर में अब भी 23% से लेकर 41% तक बारिश कम हुई है, हालांकि नरसिंहपुर, उमरिया, मंडला, सतना और हरदा भी अच्छी स्थिति में नहीं है।

सबसे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र
सीजन की शुरुआत में पिछड़ने वाला ग्वालियर-चंबल का इलाका सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाके में है। श्योपुर, शिवपुरी, भिंड, नीमच, गुना, अशोक नगर, विदिशा, राजगढ़, आगर मालवा, सिंगरौली में 25% से 101% तक पानी गिर चुका है। इन इलाकों में अब भी बारिश जारी है।

एक और सिस्टम तैयार हो रहा
वर्तमान में एक निम्न दाब क्षेत्र पश्चिमोत्तर मध्य प्रदेश/ पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक्टिव है। पश्चिम-मध्य अरब सागर और दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर भी चक्रवातीय गतिविधियां सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ बीकानेर और निम्न दाब क्षेत्र से होते हुए सतना, डाल्टनगंज, जमशेदपुर और दीघा से लेकर पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है।

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