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MP में आज से 5वीं तक की क्लास:भोपाल-ग्वालियर के अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में नहीं लगी क्लास; जबलपुर में क्राइसिस मैनेजमेंट के फैसले के बाद ही खुलेंगे, इंदौर में रही छुट्टी

भोपालएक महीने पहले
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भोपाल के रशीदिया स्कूल में कुछ इस तरह से लगी पहली की क्लास।

मध्यप्रदेश में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं आज से शुरू हो गईं। पहले दिन भोपाल और ग्वालियर में अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में पांचवीं तक की कक्षाएं नहीं लगीं, लेकिन सरकारी स्कूल में गाइडलाइन के अनुसार ही पहली से 5वीं की क्लास लगीं। इंदौर में स्थानीय अवकाश होने की वजह से स्कूल नहीं खुले। अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में 9वीं और 12वीं के एग्जाम की वजह से अक्टूबर में क्लास लगेंगी। जबलपुर में क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी प्राइमरी स्कूलों को खोलने का निर्णय लेगी। प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों के सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। इसकी वजह से कक्षाएं शुरू नहीं हुईं।

गाइडलाइन के अनुसार पहले दिन 50% क्षमता के साथ क्लास लगनी थी। बच्चों को स्कूल में क्लास अटेंड करने के लिए पेरेंट्स से अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद पहली से 5वीं तक की क्लास लगाई जा रही है।

​​​​​छोटे बच्चों के क्लास खोलने को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के अपर मिशन संचालक लोकेश जांगिड़ ने बताया कि दूसरी क्लास के बच्चों को अभी पहली क्लास का ही पुराना पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। एक शिक्षक ही दोनों कक्षाओं की एक साथ क्लास लेगा।

इंदौर में प्राइवेट स्कूल अगले माह में खोलने की तैयारी
सोमवार को इंदौर में स्थानीय अवकाश होने की वजह से कोई स्कूल नहीं खुला। वहीं गोल्डन इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल रीना खन्ना ने बताया कि फिलहाल स्कूल में 9वीं से 12वीं की परीक्षा चल रही हैं। पहली से चौथी क्लास शुरू करने को लिए फिलहाल निर्णय नहीं लिया है, क्योंकि छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना होता है। वहीं एनी बेसेंट स्कूल के डायरेक्टर मोहित यादव ने बताया कि उनके यहां भी र्टम परीक्षा चल रही है। इसलिए अक्टूबर माह में बच्चों के स्कूल खोल सकते हैं।

मध्यप्रदेश में तीन चरण में खुले स्कूल
पहला चरण:
मध्यप्रदेश में 26 जुलाई से छात्रों के लिए क्लास खोले गए थे। सबसे पहले 11वीं और 12वीं की क्लास शुरू हुईं। क्लास में 50% से ज्यादा बच्चे मौजूद होने की पाबंदी थी। बच्चों के बैठने की जहां समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां सप्ताह में एक दिन छोटे-छोटे ग्रुप में क्लास लगाने के निर्देश दिए गए थे। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी थी।

रीवा में स्कूल में कुछ इस तरह मस्ती करते नजर आए छात्र।
रीवा में स्कूल में कुछ इस तरह मस्ती करते नजर आए छात्र।

दूसरा चरण: 1 सितंबर से 6वीं से 12वीं तक की सभी क्लासेस रोजाना (रविवार को छोड़कर) खोलने का निर्णय लिया था। क्लास में 50% बच्चे उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। यह निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।

तीसरा चरण : मुख्यमंत्री शिवराज ने 14 सितंबर को बैठक के बाद पहली से पांचवीं तक के क्लास खोलने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हॉस्टल वाले स्कूलों में 8वीं, 10वीं और 12वीं की क्लास 100% क्षमता के साथ खुलने के आदेश जारी हो गए, हालांकि अभी 11वीं क्लास के बच्चों को 50% क्षमता के साथ ही हॉस्टल में जगह दी जाएगी।​​​​​​

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