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हमारा हनुवंतिया Vs सिंगापुर का सेंटोसा:शिवराज ने हनुवंतिया को सिंगापुर के आइलैंड सेंटोसा से खूबसूरत बताया, जानिए- दोनों में क्या है खास

हनुवंतिया9 महीने पहले
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के टूरिस्ट स्पॉट हनुवंतिया आइलैंड को सिंगापुर के सेंटोसा से खूबसूरत बताया है। शिवराज ने कहा कि सेंटोसा, हमारे हनुवंतिया से सुंदर नहीं है। अगले साल उन्होंने हनुवंतिया में हेलिकॉप्टर और स्कूबा डाइविंग शुरू करने की भी घोषणा की। हनुवंतिया खंडवा में इंदिरा सागर के बैक वाटर में बना टूरिस्ट स्पॉट है।

खंडवा जिले में स्थित हनुवंतिया टापू इंदिरा सागर के बैक वाटर में बना है। बाद में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने 20 करोड़ की लागत से इसे विकसित किया। ये टापू 62 हजार वर्गफीट में है। सेंटोसा सिंगापुर का एक द्वीप है, जो लगभग 5 वर्ग किमी में फैला है। हनुवंतिया में 20 नवंबर से वाटर फेस्ट शुरू हो गया है। फेस्ट जनवरी तक चलेगा।

शिवराज के दावे को देखें तो सेंटोसा और हनुवंतिया दोनों टूरिस्ट्स को पसंद आते हैं, लेकिन सेंटोसा जैसी फैसिलिटी के लिए सरकार को सिंगापुर की तरह प्रतिबद्धता दिखानी होगी। उनकी घोषणा इसी ओर इशारा भी कर रही है। आइए जानते हैं हनुवंतिया आइलैंड और सिंगापुर के सेंटोसा के बारे में ...

हनुवंतिया में पर्यटकों के लिए कॉटेज बने हैं।
हनुवंतिया में पर्यटकों के लिए कॉटेज बने हैं।

हनुवंतिया में पर्यटकों के लिए

  • पतंगबाजी, वॉलीबॉल, कैंप फायर, स्टार गेजिंग, साइकलिंग, पैरामोटरिंग, पैरासेलिंग, हॉट एयर बैलून, बर्ड वॉचिंग नौका विहार, क्रूज राइड आइलैंड वाटर स्पोर्ट्स के साथ-साथ क्लब हाउस, जिप लाइनर, क्लाइम्बिंग वॉल, किड्ज जोन, बैलगाड़ी की सवारी जैसी लैंड एक्टिविटीज होती हैं।
सेंटोसा में हर साल दो करोड़ पर्यटक पहुंचते हैं।
सेंटोसा में हर साल दो करोड़ पर्यटक पहुंचते हैं।

सेंटोसा में पर्यटकों के लिए

  • सिंगापुर से सेंटोसा आइलैंड तक केबल कार या मोनोरेल से जा सकते हैं। 600 फीट ऊंची स्काई ट्रेल पर चढ़कर फोर्ट सिलोसो देख सकते हैं। एक्वेरियम, वंडरलैंड पोर्ट, टाइगर स्काई टावर, वाटर फ्रंट स्टेशन, स्काई ब्लू रोपवे, स्लाइडिंग स्कूटर, समुद्री मैमल का शो, बटरफ्लाई रिजर्व, रिजॉर्ट्स वर्ल्ड सेंटोसा में विशाल कॉम्प्लेक्स है। यहां यूनिवर्सल स्टूडियो थीम पार्क, शॉपिंग मॉल, कसीनो और एसईए एक्वेरियम है। मेगा जम्प लगा सकते हैं। यहां मैडम तुसाद का म्यूजियम भी है।
हनुवंतिया में टेंट सिटी भी बनाई गई है।
हनुवंतिया में टेंट सिटी भी बनाई गई है।

प्राकृतिक सुंदरता में दोनों समान

  • हनुवंतिया टापू के आसपास एक विशाल जंगल है, जहां आप प्राकृतिक सौंदर्य के मध्य ट्रैकिंग करते हुए कुछ स्थानीय और विदेशी फूलों और वन्यजीवों को देख सकते हैं। ये बर्ड वाचर्स के लिए फेवरिट डेस्टिनेशन है। मोर, काले सारस, यूरोपीय ऑस्ट्रेलिया की कई प्रजातियां यहां हैं। यहां विदेशी सेंट्रल इंडियन बर्ड प्रजातियां भी देख सकते हैं।
सेंटोसा द्वीप का 70 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है।
सेंटोसा द्वीप का 70 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है।
  • सेंटोसा के पांच वर्गकिमी क्षेत्र में 70 प्रतिशत वन हैं। इसमें कई स्थानीय वन्यप्राणी रहते हैं और यह भी पर्यटकों को लुभाते हैं। इस क्षेत्र में भी पर्यटकों को ढेरों रोमांच के विकल्प मिलते हैं। पक्षियों का कलरव लोगों को आकर्षित करता है। बटर फ्लाई पार्क इस टापू में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
हनुवंतिया में जल महोत्सव के दौरान ही सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं।
हनुवंतिया में जल महोत्सव के दौरान ही सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं।

पर्यटकों की नजर में हनुवंतिया और सेंटोसा
सेंटोसा में हर साल दो करोड़ पर्यटक पहुंचते हैं। यहां समुद्री बीच भी पर्यटकों को लुभाता है। वर्ल्ड का सबसे सुंदर पर्यटन का खिताब सेंटोसा को मिला है। वहीं, हनुवंतिया में जल महोत्सव में ही सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। अक्टूबर से अप्रैल तक यहां पूरे साल पर्यटक वाटर स्पोर्ट्स आदि का आनंद उठाने पहुंचते हैं। यहां साल भर में 5 से 6 लाख लोग पहुंचते हैं। हनुवंतिया को नेशनल टूरिज्म अवॉर्ड मिल चुका है।

हनुवंतिया में वाटर स्पोर्ट्स के कई आयोजन।
हनुवंतिया में वाटर स्पोर्ट्स के कई आयोजन।

इस बार हनुवंतिया जल महोत्सव में ये है खास
जल महोत्सव के दौरान लग्जरी रीगल सीरीज बोट, 40 फीट हाई रोप स्विंग और जिप साइकिल, स्थानीय कला, शिल्प, लोक संगीत, नृत्य और व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के जीवन, संस्कृति, रीति-रिवाजों और समृद्ध परंपराओं का अनुभव कराया जाता है। यहां 104 लग्जरी स्विस टेंट्स बने हैं। एक नवंबर से ये टेंट सिटी पर्यटकों खुला है। कॉर्पोरेट सम्मेलनों के लिए एसी हॉल की भी सुविधा है। समृद्ध जैव विविधता वाले हरे-भरे द्वीप जल मार्ग साधनों द्वारा आपस में संबद्ध हैं।

ऐसे पहुंचा जा सकता है हनुवंतिया
इंदौर से सरवटे बस स्टैंड से खंडवा के लिए बसें हैं, जो साढ़े तीन से चार घंटे में पहुंचा देती है। एसी बस गीता भवन बस स्टैंड से मिलेंगी। खंडवा से सीधे हनुवंतिया जाने के लिए बसें मिलती हैं। खंडवा से मूंदी के लिए भी बसें हैं। मूंदी से हनुवंतिया करीब 12 किलोमीटर है। यहां से मैजिक वाहन चलते हैं। वहीं, ट्रेन से आप खंडवा आकर भी बस से हनुवंतिया जा सकते हैं। प्राइवेट गाड़ी से भोपाल से इंदौर होते हुए सनावद आएं। सनावद से नर्मदा नगर जाने वाले मार्ग से होते हुए मूंदी और फिर हनुवंतिया पहुंचा जा सकता है।

इतिहास की नजर में हनुवंतिया

  • 1984 में इंदिरा सागर बांध बनना शुरू हुआ था। 2016 में हनुवंतिया सरकार द्वारा बनाया गया कृत्रिम जल पर्यटन स्थल है। इस टापू का नाम मध्यप्रदेश के ही मंदसौर के करीब के गांव हनुवंतिया से ही इसे मिला है। बैक वाटर में बना यह टापू देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहला सैलानी टापू है। इसके आसपास 50 टापू हैं। सीएम ने उन्हें भी विकसित करने की बात कही है।
  • हनुवंतिया में पांच कॉटेज बने हैं, इसका फ्रंट नर्मदा की ओर है। इसका एक दिन का किराया चार हजार रुपए है। पर्यटक यहां क्रूज, वाटर स्कूटर, मोटर बोट, साथ-साथ इंदिरा सागर बांध, संत सिंगाजी की समाधि व थर्मल पावर स्टेशन देख सकते हैं। बैक वाटर के किनारे कश्मीरी लकड़ी के रो-हाउस व कैंटीन है। बगीचा व बीच बनाए हैं। हर साल नवंबर में यहां जल महोत्सव होता है।
सेंटोसा में आधुनिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम दिखता है।
सेंटोसा में आधुनिकता और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम दिखता है।

सेंटोसा द्वीप का इतिहास

  • सेंटोसा द्वीप का अतीत यातनाओं, खून, दर्द और भयानक तबाही से भरा हुआ है। भारत के अंडमान द्वीप की तरह सेंटोसा को भी कैदियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। कभी इसे मौत का द्वीप भी पुकारते थे। ये सिंगापुर के 63 द्वीपों में से एक है। 1830 में यह द्वीप 'पुलाऊ पंजंग' के नाम से जाना गया। यहां रहने वाले मलय ग्रामीण इसे ब्लैकंग माती कहते थे। मलय भाषा में इसका मतलब है 'मृत द्वीप', या 'मौत का द्वीप'।
  • मलेरिया ने इस द्वीप पर भयानक तबाही मचाई थी। ब्रिटिश शासन में इस द्वीप से होने वाले व्यापार पर डाकुओं का हमला होता रहता था। वे हिंसक वारदात को अंजाम देते थे। 1942 में ब्रिटिश के आत्मसमर्पण के बाद जापानियों का कब्जा हो गया था। तब 18-50 की उम्र के चीनी लोगों को गोलियों से भून दिया गया था। लाशों को समुद्र में फेंक दिया गया। द्वितीय विश्व युद्ध में यहां कैदियों को रखा जाता था।

1970 में सिंगापुर सरकार ने इस द्वीप को पर्यटन क्षेत्र में बदला
सिंगापुर सरकार ने इस द्वीप का नाम बदलकर ‘सेंटोसा द्वीप’ रख दिया। इसका अर्थ होता है 'शांति’। इसके बाद सिंगापुर सरकार ने इस द्वीप को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया। यूनिवर्सल स्टूडियो, रिसार्ट्स और कसीनो की शुरुआत के साथ सेंटोसा द्वीप को पर्यटन स्थल में बदल दिया गया। आज ये सिंगापुर का सबसे बड़ा टूरिस्ट स्पॉट है।

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