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क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से बोले शिवराज:अभी कुछ भी बंद नहीं होगा, लेकिन कोरोना से सावधान रहें; सरकार का भोपाल-इंदौर और जबलपुर पर ज्यादा फोकस

मध्य प्रदेश7 महीने पहले
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CM शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन और मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर-जबलपुर में सामने आ रहे पॉजिटिव केसों पर चिंता जताई है। बुधवार सुबह करीब 1 घंटे तक उन्होंने MP की डिस्ट्रिक, ब्लॉक और पंचायतों की क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि, अभी कुछ भी बंद नहीं होगा, लेकिन सावधान रहें, वरना हालात मुश्किल भरे हो जाएंगे। आज सावधानी नहीं रखी तो परिस्थितियां बहुत विकट वाली हो जाएंगी। हम नहीं चाहते कि फिर से लॉकडाउन लगे। काम-धंधे बंद हो जाएं और जिंदगी बहुत कठिन दौर से गुजरे। बात दें कि मध्यप्रदेश में 24 घंटे में 17 केस आए हैं, जिसमें भोपाल में फिर नए 9 केस, इंदौर में 5, जबलपुर में 2 और अशोकनगर में 1 पॉजिटिव शामिल हैं।

मीटिंग में मंत्री, सांसद, विधायक, अफसर के साथ डिस्ट्रिक, ब्लॉक और पंचायतों की क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्य वर्चुअली तरीके से जुड़े। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि कोरोना से मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। इसमें सभी को जोड़ें। मंत्री, सांसद, विधायक, कलेक्टर-एसपी समेत सभी जनप्रतिनिधि, अधिकारी आदि घर-घर दस्तक दें। जो लोग सेकेंड डोज लगवाने से छूट गए हैं, उन्हें डोज लगवाएं। इंदौर 2-3 दिन में सेकेंड डोज का टॉरगेट पूरा कर लें। भोपाल, जबलपुर समेत सभी जिलों के लोगों को भी सेकेंड डोज जल्द लगवाएं।

प्रदेश में 70 हजार टेस्ट रोज होंगे
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से कहा कि कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाएं। रोज 70 हजार टेस्ट करें। लोग भी थोड़े लक्षण मिलते ही टेस्ट कराएं। मैं भी हर शुक्रवार को टेस्ट करवाता हूं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि अभी प्रदेश में 53 से 58 हजार के बीच टेस्ट हो रहे हैं।

मीटिंग में भोपाल कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी भी वर्चुली तरीके से जुड़े।
मीटिंग में भोपाल कलेक्टर समेत अन्य अधिकारी भी वर्चुली तरीके से जुड़े।

अब होम आइसोलेशन न करें

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अब कोरोना पॉजिटिव को होम आइसोलेशन नहीं किया जाएगा। हॉस्पिटल में भर्ती कर उनका इलाज किया जाए। मध्यप्रदेश में कोरोना से लड़ने के लिए पर्याप्त दवाई उपलब्ध है। वहीं, 158 ऑक्सीजन प्लांट भी लगवाए गए हैं। आज ही उन्हें चालू करके देख लें। अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था भी बेहतर तरीके से की जाए।

कोरोना पॉजिटिव मिलने पर पर्चा लगाएंगे

CM ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव आने पर संबंधित के घर में पर्चा लगवाएं। कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। इससे दूसरे लोग संक्रमित होने से बच सकेंगे।

मास्क ही सबसे बड़ा हथियार
क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की मीटिंग में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मास्क पहनना अनिवार्य करें। यह कोरोना से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखें। कोरोना की तीसरी लहर नहीं आए, इसके लिए हमें अभी से सावधान और सतर्क रहने की आवश्यकता है।

कोरोना के मामले में भोपाल के बाद दूसरे हॉट स्पॉट इंदौर जिले के जनप्रतिधि और अधिकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुनते हुए।
कोरोना के मामले में भोपाल के बाद दूसरे हॉट स्पॉट इंदौर जिले के जनप्रतिधि और अधिकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सुनते हुए।

मीटिंग के बाद अवेयरनेस के लिए सड़क पर उतरे मंत्री, ऑक्सीजन प्लांट भी देखा

CM की मीटिंग खत्म होते ही प्रदेशभर में मंत्री, विधायक और अफसर अवेयरनेस और तैयारियों का जायजा लेने के लिए सड़क पर उतर गए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने भोपाल के नेहरू नगर चौराहे पर पहुंचकर बिना मास्क के घूम रहे मजदूरों को मास्क पहनाएं। वहीं, कलेक्टर अविनाश लवानिया ने जयप्रकाश हॉस्पिटल में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इसे चालू कराकर देखा गया। अन्य जिलों में भी ऑक्सीजन प्लांट चालू करवाकर देखे गए। बता दें कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मीटिंग के बाद सभी जनप्रतिधियों और अफसरों को ऑक्सीजन प्लांट चालू कराकर देखने को कहा था।

भोपाल में बिना मास्क के घूम रहे मजदूरों को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मास्क पहनाएं।
भोपाल में बिना मास्क के घूम रहे मजदूरों को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने मास्क पहनाएं।

आपात बैठक बुला चुके हैं एक दिन पहले
मुख्यमंत्री ने भोपाल-इंदौर समेत मध्यप्रदेश में कोरोना के बढ़ते केस के मंगलवार को मंत्री और अफसरों की आपात बैठक बुलाई थी। मुख्यमंत्री ने मास्क लगाने, कोरोना टेस्ट बढ़ाने, जरूरत होने पर छोटे कंटेनमेंट जोन बनाने और सोशल डिस्टेंसिंग की अपील करने को लेकर निर्देश दिए हैं। मंत्रियों से कहा गया है कि वे प्रभार वाले जिले में जाएं। भोपाल में मास्क नहीं लगाने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश कलेक्टर कर चुके हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर शाम प्रदेश की जनता को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि नवंबर माह में पॉजिटिव केस लगातार बढ़े हैं। विशेषकर पिछले एक सप्ताह से पॉजिटिव आने वालों की संख्या के साथ एक्टिव केस भी बढ़ते जा रहे हैं। विशेषकर इंदौर और भोपाल में रोज पॉजिटिव केस मिल रहे हैं। उन्होंने कहा- पुराना अनुभव बताता है कि ये केस फिर धीरे-धीरे लगातार फैलते और बढ़ते हैं। अफ्रीका में जो नया वैरिएंट मिला है उसने पूरी दुनिया को चिंतित कर दिया है। लगातार केस दुनिया में बढ़ रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि स्थिति न बिगड़े और हम तीसरी लहर को आने से रोक दें, इसके लिए अभी से सावधानी जरूरी है।

भोपाल के जयप्रकाश हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट को चालू करके देखते कलेक्टर अविनाश लवानिया व अन्य जनप्रतिनिधि।
भोपाल के जयप्रकाश हॉस्पिटल में ऑक्सीजन प्लांट को चालू करके देखते कलेक्टर अविनाश लवानिया व अन्य जनप्रतिनिधि।

कमलनाथ बोले- एकदम से प्रतिबंध हटाना ठीक नहीं था

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर और नए वैरिएंट का खतरा अभी बना हुआ है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। कई लोगों का वैक्सीनेशन होना बाकी है। ऐसे में एकदम से सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए प्रतिबंधों को हटाना ठीक नहीं था। स्कूलों को 100% क्षमता के साथ संचालित करने का निर्णय भी सोच-समझकर नहीं लिया गया। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के साथ कोरोना की रोकथाम के लिए गाइडलाइन का पालन कराया जाए।

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