पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX57107.15-2.87 %
  • NIFTY17026.45-2.91 %
  • GOLD(MCX 10 GM)481531.33 %
  • SILVER(MCX 1 KG)633740.45 %
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Barwah MLA Sachin Birla Joins BJP, Plays The Role Of Mandhata MLA Narayan Patel, Birla Attends Shivraj's Meeting In Sanawad

बड़वाह से कांग्रेस MLA भाजपा में शामिल:उपचुनाव के बीच BJP ने खेला बड़ा गेम, राहुल गांधी के करीबी सचिन बिरला ने भी छोड़ा साथ

मध्य प्रदेशएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

उपचुनाव के बीच कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। खरगोन के बड़वाह से पार्टी विधायक सचिन बिरला बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सनावद में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा में पहुंचकर बीजेपी की सदस्यता ली। बिरला, कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के समर्थक हैं।

बिरला को बीजेपी में लाने में मांधाता विधायक नारायण पटेल की अहम भूमिका बताई जा रही है। पटेल भी पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता अरुण यादव के समर्थक थे, लेकिन सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों में वे भी शामिल थे। खंडवा लोकसभा सीट के तहत आने वाले बड़वाह विधानसभा क्षेत्र से विधायक सचिन बिरला गुर्जर समाज से आते हैं। उन्हें बीजेपी में ले जाने वाले नारायण पटेल भी इसी समाज से हैं। बता दें कि 27 अक्टूबर को खरगोन में कांग्रेस नेता सचिन पायलट की सभा होने वाली है, लेकिन इससे पहले बीजेपी ने बड़ा गेम कर दिया।

राहुल गांधी के करीबी थे सचिन बिरला

भोपाल में कमलनाथ सरकार के शपथ समारोह में राहुल गांधी व कमलनाथ के साथ सचिन बिरला।
भोपाल में कमलनाथ सरकार के शपथ समारोह में राहुल गांधी व कमलनाथ के साथ सचिन बिरला।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सचिन बिरला उन नेताओं में शामिल थे, जिन्हें राहुल गांधी का करीबी कहा जाता है। मप्र में जब कांग्रेस सरकार बनी, शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राहुल गांधी ने सचिन से अलग से बात की थी। 39 साल के सचिन ने राहुल गांधी से दिल्ली में अब तक तीन बार मुलाकात की। बताया जाता है कि सचिन बिरला को राहुल गांधी के करीब ले जाने में अरुण यादव की ही भूमिका थी।

दिसंबर 2020 को बीजेपी ने शुरू किए थे प्रयास
सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने दिसंबर 2020 में सचिन बिरला को पार्टी में लाने के लिए प्रयास शुरू किए थे। उस समय बिरला ने इसे कोरी अफवाह बताया था। उन्होंने कहा था-'बीते कई दिनों से जिले में बीजेपी में जाने की अफवाह चल रही थी, जो सिर्फ कोरी अफवाह है। इसमें सत्यता नहीं है। मैं कांग्रेस में था और कांग्रेस में ही रहूंगा।'

वोट मांगने बीजेपी कार्यालय पहुंच गए थे बिरला
2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सचिन बिरला अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस दौरान रास्ते में बीजेपी कार्यालय पड़ गया था। फिर सचिन बिरला अचानक बीजेपी कार्यालय की ओर मुड़ गए थे। इतना ही नहीं वहां मौजूद विरोधी नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और कार्यालय के अंदर तक ले गए थे, लेकिन अब वे बीजेपी में शामिल हो गए।

सचिन बोले - देश की सबसे बड़ी पार्टी का सदस्य

सनावद के बेड़िया में चुनावी सभा के दौरान बड़वाह विधायक सचिन बिरला ने कहा कि अब देश की सबसे बड़ी पार्टी का सदस्य हूं। इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार मानता हूं। इस मौके पर शिवराज ने कहा कि बड़ी देर लगी नंदलाला। कांग्रेस जिसने देश-प्रदेश को बंटाधार कर दिया। सचिन भाई जब कमलनाथ के पास जाते थे, नर्मदा का पानी लाने से लेकर मिर्च मंडी की बात करते तो पैसे नहीं है, कहकर चलो-चलो कह देते थे, लेकिन नारायण पटेल के बाद सचिन बिरला ने भी जवाब देते हुए कहा कि चले-चलो।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पूर्व विधायक व सचिन बिरला के सामने चुनाव हार चुके हितेंद्रसिंह सोलंकी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बैर-भाव मत रखना, भाई का ध्यान रखना। इस माटी का अपमान मत करना। आगे कहा कि जो मुद्दे सचिन बिरला ने उठाए, उन्हें सरकार पूरा करेगी। बेड़िया मंडी को एशिया की सबसे शानदार मंडी बनाएंगे। मिर्च को दुनिया में स्थापित कराएंगे।

खरगोन एकमात्र जिला, जहां सभी 6 सीट कांग्रेस ने जीती थी, दो मंत्री रहे, अब 4 MLA
प्रदेश की राजनीति में 2018 के विधानसभा चुनाव में खरगोन एकमात्र जिला था, जिसकी सभी 6 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। हालांकि भगवानपुरा से केदार डाबर ने कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़कर सीट जीती थी। बाकी पांच में से 2 विधायक कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे, जिनमें कसरावद विधायक व अरुण यादव के भाई सचिन यादव कृषि मंत्री और महेश्वर से विधायक विजयलक्ष्मी साधौ संस्कृति मंत्री रही थी।

विधायकों में खरगोन से रवि जोशी, भीकनगांव से झूमा सोलंकी और बड़वाह से सचिन बिरला थे। अब सचिन बिरला और निर्दलीय विधायक केदार डाबर ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। कांग्रेस के पास 4 विधायक बचे है, भीकनगांव विधायक झूमा सोलंकी को खरगोन कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कमान दे रखी है।

केदार डाबर पहले दे चुके बीजेपी को समर्थन
इससे पहले खरगोन जिले से भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक केदार डाबर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। हालांकि उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण नहीं की है। वे सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

कमलनाथ ने बताया सौदेबाज