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प्राथमिक स्कूल का पहला दिन:कहीं तिलक लगाकर किया बच्चों का स्वागत, कहीं एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा, जांच टीम के पहुंचने से पहले ही साफ कर दी घास, जमीन पर बैठकर बनाया पंचनामा

खडंवाएक महीने पहले
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प्राथमिक स्कूल परिसर से गाजर घास हटा दी गई। - Money Bhaskar
प्राथमिक स्कूल परिसर से गाजर घास हटा दी गई।

डेढ़ साल से बंद और गंदगी से घिरा बिचपुरी प्राथमिक स्कूल सोमवार सुबह 8 बजे साफ नजर आया। दरअसल यह सफाई बच्चों के स्वागत के लिए नहीं बल्कि कार्रवाई से बचने के लिए की गई थी। भास्कर ने सोमवार के अंक में ‘झाड़ियों से घिरे स्कूल में आपका स्वागत है बच्चों’... शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। स्कूल के शिक्षक को यह खबर सुबह 7.30 बजे विभागीय साथी ने वाट्सएप पर भेज दी। उन्होंने तत्काल ट्रैक्टर में कल्टीवेटर लगाया और स्कूल परिसर को साफ कर दिया। जांच टीम सुबह 11 बजे पहुंची थी। हालांकि पहले दिन पहले दिन एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा।

आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त विवेक पांडे ने भास्कर में समाचार के बाद तत्काल विभागीय अफसरों को स्कूल निरीक्षण के निर्देश दिए। खालवा बीआरसी महेश सावनेर ने जनशिक्षा केंद्र प्रभारी सचिन जायसवाल व गोलखेड़ा हाईस्कूल प्राचार्य विजय शंकर मिश्रा को बिचपुरी स्कूल का निरीक्षण करने भेजा। वे सुबह 11 बजे स्कूल पहुंचे। परिसर तो साफ था लेकिन कक्षाओं में स्थिति ठीक नहीं थी। बारिश का पानी भरा हुआ था। स्कूल में बच्चों के लिए टाटपट्‌टी तो दूर शिक्षक के लिए टेबल-कुर्सी तक नहीं थी। दोनों निरीक्षणकर्ताओं को दालान में जमीन पर बैठकर पंचनामा बनाना पड़ा।

सेमल्या-मुहालखारी स्कूल भी नहीं खुले

प्राथमिक स्कूल सेमल्या भी सोमवार को नहीं खुल सका। कुछ छात्र स्कूल के पास मंडराते दिखे। रोशन, तियोश, राज आदि ने बताया शिक्षक नहीं आए। अब तक पुस्तक-कापी भी नहीं मिली। यही स्थिति मुहालखारी स्कूल की भी रही। गांव के रामकरण ने बताया स्कूल की चाबी मेरे पास है। दो माह से शिक्षक नहीं आए। नापालाल ने बताया बच्चों को पुस्तक तक नहीं दी गई है। बच्चे दिनभर खेलते रहते हैं।

प्रतिवेदन का इंतजार है

समस्या बताने के लिए भास्कर का आभार। आज जांच टीम स्कूल गई थी। प्रतिवेदन का इंतजार कर रहा हूं। उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -विवेक पांडे, सहायक आयुक्त, आजाक खंडवा

पहले दिन 30 फीसदी बच्चे पहुंचे

पंधाना | कोविड 19 प्रोटोकॉल के तहत क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय शुरू हुए। शासकीय निर्देशानुसार 50 फीसदी बच्चों की उपस्थिति की अनुमति थी, लेकिन शालाओं में 20 से 30 फीसदी बच्चे ही आए। प्राथमिक शाला के पहले दिन तो छात्रों ने निर्देशों का पालन किया। पहले से चल रही हाई स्कूल के छात्र कक्षा में बिना मास्क ही नजर आए।

मैदान में जलभराव व घास उगने से बच्चों को जहरीले जीव का खतरा

कुमठी | ग्राम बलरामपुर के तलाई मोहल्ले की प्राथमिक शाला भवन के सामने मैदान में बारिश से जलभराव व घास उग आई है। स्कूल स्टाफ ने पूर्व में घास की सफाई कराई थी, लेकिन बारिश के मौसम में मैदान में दो फीट पानी भरा रहता है, जिससे घास पुनः उग आई। जिससे सांप और जहरीले जीव जंतु का खतरा बना रहता है। वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रांगण में पानी की व्यवस्था के लिए हैंडपंप लगा है जिसके पास पंचायत ने जेसीबी से गहरा गड्ढा खुदवा दिया है। इससे बस्ती की नाली का पानी जमा होने से हैंडपंप का अस्तित्व ही खत्म हो गया है।

नौनिहालों का तिलक लगाकर किया स्वागत

गुडी | जनशिक्षा केंद्र की 25 प्रायमरी स्कूल सोमवार से प्रारंभ हुई। पहले दिन बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। उन्हें चॉकलेट बांटी गई। इस दौरान बच्चों में भी उत्साह देखने को मिला। लंबे समय बाद बच्चों ने स्कूल में बैठकर पढ़ाई शुरू की।

102 प्राथमिक स्कूलों में 5934 में से 1958 बच्चे ही पहुंचे

हरसूद | डेढ़ साल बाद शासकीय और निजी स्कूलों में प्राथमिक शालाएं सोमवार से शुरू हुई, लेकिन स्कूलों को लेकर बच्चे उत्साहित कम नजर आए। ब्लॉक की 102 प्राथमिक (एकीकृत सहित) शालाओं में दर्ज 5934 बच्चों में से पहले दिन मात्र 1958 की उपस्थिति रही। जो करीब 33% ही है। हालांकि शाला स्टाफ ने पहले दिन उपस्थिति बेहतर हो इसके लिए काफी जतन किए। प्राथमिक शालाओं में बच्चो के पहुंचने पर उनकी अगवानी तिलक लगाकर की गई। हाथ भी धुलाए गए। बच्चों से ड्राइंग, चित्र आदि बनवाए गए। कुछ शालाओं में गुब्बारे लगाकर साज सज्जा भी की गई।

सहमति का फॉर्मेट अब आया

शासन और शिक्षा विभाग के निर्देश है कि पालकों से सहमति के बाद ही प्राथमिक स्तर के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया जाए। निर्देश के पालन में विभाग ही पिछड़ गया। क्योंकि सहमति का फॉर्मेट सोमवार को ही शिक्षकों तक पहुंचा। सैनिटाइजर मास्क और सामाजिक दूरी का पालन औपचारिकता के साथ पूरा हुआ। पालकों से सहमति पत्र भरवा लेंगे

पालकों से सहमति अनिवार्य है। पहले दिन फॉर्मेट मिला है। इस हफ्ते में सभी पालकों से सहमति पत्र भरवा लिया जाएगा। -आरएस दिनकर, बीआरसी हरसूद

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