पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Khargone
  • Durga Was Named Only After The Slaying Of The Demon, By Adorning Maa Bagheshwari With Fruits And Vegetables, Praying To Rid The World Of The Corona Epidemic.

राक्षस वध के बाद ही नाम हुआ था दुर्गा:मां बाघेश्वरी का फल और सब्जियों से श्रृंगार कर विश्व को कोरोना महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना

खरगोन4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मां बाघेश्वरी का फल और सब्जियों से भव्य ‌श्रंगार। - Money Bhaskar
मां बाघेश्वरी का फल और सब्जियों से भव्य ‌श्रंगार।

खरगोन शहर के अति प्राचीन ब्राह्मणपूरी स्थित बाघेश्वरी माता मंदिर में शाकंभरी पूर्णिमा के दिन मां बाघेश्वरी का फल और सब्जियों से अद्भुत श्रृंगार कर पूजा अर्चना की गई। साथ ही विश्व को कोरोना महामारी से मुक्ति की दिलाने की प्रार्थना की गई। मां बाघेश्वरी का प्रातः 7 बजे स्नान के बाद फल और सब्जियों से भव्य ‌श्रंगार कर प्रातः 11 बजे महा आरती की। महा प्रसादी के रुप में विभिन्न फलों का भी प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर पुजारी जगदीश ठक्कर ने बताया कि मां बाघेश्वरी का श्रृंगार विभिन्न फलों और सब्जियों से किया गया।

इनमें केले, सेवफल, पपीता, नारियल पानी, अनार, पायनपल, शलजम, गन्ना, चीकू, कोतमिर, गाजर, मूली, पालक, मैथी, पत्तागोभी, गिलकी, मिर्ची, नींबू, लौकी आदि फल और सब्जियां शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि देवी पुराण में कहा गया है कि जो पौष पूर्णिमा के दिन मां शाकंभरी माता के दर्शन करते हैं उनका परिवार हरा-भरा खुशहाल रहता है। परिवार में सुख-समृद्धि आती है। शांकभरी नवरात्रि पौष माह में शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक मानी जाती है। इस दौरान देवी का भव्य श्रृंगार किया जाता है।

राक्षस वध के बाद नाम हुआ दुर्गा

जब दुर्गम दैत्य ने ब्रह्मा जी से वरदान में चारों वेदों को प्राप्त कर के चारों ओर आंतक मचाने लगा था। पाप इतना बढ़ गया था कि समस्त प्राणी जगत में इसके कारण सूखा महामारी जैसे रोग फैलने लगे थे। जिससे जीव-जंंतु दोनों मरने लगे थे। तब ऋषि-मुनियों ने मां शक्ति की पूजा-अर्चना एवं उपासना की और देवी मां को प्रसन्न किया। तब मां ने अपने ही शरीर से सभी सब्जियों और फलों को प्रकट कर सभी प्राणियों की भूख से रक्षा कर महामारी रोकने से कोशिश की। साथ ही उस दुगर्म दैत्य का वध भी किया था। तब से ही मां शक्ति का एक और नाम दुर्गा हुआ था।