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बांस से जुड़े बिजनेस से करें कमाई:ग्रीन बैम्बू से बना रहे अगरबत्ती, और भी कई आइडिया पर कर सकते हैं काम

जबलपुर9 महीने पहले
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बांस की खेती और उसे बेचने से ही कमाई नहीं होती। बांस से अगरबत्ती सहित दूसरे उत्पाद बनाकर भी युवा कमा सकते हैं। वे कई हाथों को काम भी दे सकते हैं। जबलपुर शहर में एक किसान ने बांस लगाने के साथ इस पर आधारित अगरबत्ती का भी उद्योग लगाया है। इसका दोहरा फायदा ये है कि कच्चे माल के तौर पर अपने ही फर्म का बांस अगरबत्ती के लिए काड़ी बनाने से लेकर चारकोल बनाने में करते हैं।

अगरबत्ती फैक्ट्री का संचालन महिलाएं ही करती हैं। मशीन खराब होने पर उसे ठीक करने से लेकर अगर बत्ती के लिए मसाला तैयार करना, सेंटेड करना आदि पूरा काम ही महिलाएं संचालित करती हैं। 45 महिलाओं को पूरे साल काम मिलता है। बांस से कैसे बनाए अगरबत्ती? भास्कर खेती किसानी सीरीज-36 में आइए जानते हैं एक्सपर्ट सुभाष भाटिया (ग्रीन बैम्बू एवं अगरबत्ती के संचालक) से

बांस का चारकोल भी तैयार करते हैं।
बांस का चारकोल भी तैयार करते हैं।

बांस की खेती के बाद अगरबत्ती उद्योग लगाया

हमारे बैम्बू फार्म में 61 तरीके के बांस लगे हैं। बांस का अधिक और प्रभावी उपयोग करने के लिए अगरबत्ती उद्योग शुरू किया। आज देश में बांस की सबसे अधिक खपत अगरबत्ती की काड़ी बनाने में किया जाता है। अब तो बांस का चारकोल भी तैयार हो रहा है। इसका फायदा ये है कि अगरबत्ती बनाने के लिए लकड़ी कोयला की बजाए बांस का चारकोल भी उपयोग में ला सकते हैं।

अगरबत्ती की काड़ी को कलर कर सुखाना पड़ता है।
अगरबत्ती की काड़ी को कलर कर सुखाना पड़ता है।

रोज डेढ़ से दो हजार किलो अगरबत्ती का उत्पादन

इस फैक्ट्री में वियतनाम से अगरबत्ती बनाने की मशीन मंगवाई गई है। एक मशीन से एक मिनट में 100 अगरबत्ती बन जाती है। सभी अगरबत्ती एक 8 इंच की एक साइज में तैयार होती हैं। 45 महिलाओं का काम बंटा हुआ है। कुछ मशीन पर अगरबत्ती बनाती हैं। कई महिलाएं इतनी ट्रेंड हो चुकी हैं कि एक दिन में 100 किलो अगरबत्ती बना डालती हैं। रोज इस फैक्ट्री में 1500 से दो हजार किलो अगरबत्ती तैयार होती है।

रोज डेढ़ से दो हजार किलो अगरबत्ती होती है तैयार। 30 घंटे उसे सुखाने में लगते हैं।
रोज डेढ़ से दो हजार किलो अगरबत्ती होती है तैयार। 30 घंटे उसे सुखाने में लगते हैं।

रॉ मटेरियल के तौर पर बनती है अगरबत्ती

अगरबत्ती का सबसे बड़ा कारोबाद बैंगलुरु होता है। यहां रॉ अगरबत्ती तैयार होता है। 20 किलो की पैकिंग में 15 से 18 टन होने पर सीधे बैंगलुरु, मुम्बई, जयपुर, कानपुर, गोवा में सप्लाई कर दी जाती हैं। वहां की बड़ी कंपनियां इन रॉ अगरबत्ती को अलग-अलग पदार्थों से सुंगधित कर अपने ब्रांड के तौर पर पैकिंग कर फिर पूरे देश में सप्लाई करती हैं। प्रति किलो तीन से चार रुपए की बचत हो जाती है।

एक मिनट में 100 अगरबत्ती तैयार होती है।
एक मिनट में 100 अगरबत्ती तैयार होती है।

अगरबत्ती बनाने के लिए ये लगता है

अगरबत्ती बनाने की मशीन 70 से 75 हजार रुपए में आती है। बांस की काड़ी बनाने के लिए भी मशीन लगी है। अगरबत्ती के लिए बांस की काड़ी, चारकोल, वुड पाउड़र और वेटिंग एजेंट की जरूरत होती है। इसे बारीक पीस कर लेई जैसा माल तैयार करते हैं। फिर इसे मशीन की मदद से तैयार करते हैं। तैयार अगरबत्ती को 30 घंटे के लिए ड्राइ करते हैं। इसके बाद इसे महिलाएं बंच बनाती हैं। फिर काड़ी के नीचे के भाग को कलर कर सुखाया जाता है। इसके बाद इसकी 20-20 किलो की पैकिंग की जाती है।

फैक्ट्री में रोज डेढ़ से दो हजार किलो अगरबत्ती तैयार होती है।
फैक्ट्री में रोज डेढ़ से दो हजार किलो अगरबत्ती तैयार होती है।

एक मशीन लगाकर भी शुरू कर सकते हैं बिजनेस

युवा चाहे तो एक मशीन से भी अगरबत्ती बनाने का काम शुरू कर सकते हैं। पर बड़े पैमाने पर बनाने के लिए 30 से 40 लाख रुपए लगेंगे। एक मशीन से घर से ही अगरबत्ती बना सकते हैं। चाहें तो रॉ अगरबत्ती खरीद कर उसे सेंटेंड कर अच्छी पैकिंग कर बाजार में बेच सकते हैं। अगरबत्ती में काफी मुनाफा होने की संभावना रहती है। कारण की हर घर में पूरे साल और हर दिन अगरबत्ती का प्रयोग होता है। बांस की काड़ी बनाकर भी अलग से सप्लाई कर सकते हैं।

45 महिलाएं करती हैं फैक्ट्री में काम।
45 महिलाएं करती हैं फैक्ट्री में काम।

महिलाओं को काम देने की ये बताई वजह

तिलवारा के घाना में संचालित अगरबत्ती की इस फैक्ट्री की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में है। गांव में सबसे अधिक समस्या महिलाओं के रोजगार की है। पुरुष 10 किमी दूर भी जाकर रोजगार का इंतजाम कर लेता है। हमारा ध्येय है कि गांव की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करा सकें। हमारी फैक्ट्री में 45 महिलाएं काम कर रही हैं। मैं ट्रेनिंग भी महिलाओं को अगरबत्ती बनाना सिखाते हैं। दो से तीन महीने में ट्रेंड कर देते हैं।

भास्कर खेती-किसानी एक्सपर्ट सीरीज में अगली स्टोरी होगी बैंगन की खेती से कर किसान कमा सकते हैं लाखों ? खेती किसानी से संबंधित आपका कोई सवाल हो तो वॉट्सऐप नंबर 9406575355 पर मैसेज करें।

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