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मरीज से लूट का नया खेल:नामी डॉक्टरों का नाम बता कमीशन वाले अस्पताल में छोड़ गया एम्बुलेंस ड्राइवर, चार दिन 60 हजार बिल बना दिया

जबलपुरएक महीने पहले
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दमोह निवासी हार्ट पीड़ित आजाद रानी नायक अपने बेटे वीरेंद्र नायक के साथ। - Money Bhaskar
दमोह निवासी हार्ट पीड़ित आजाद रानी नायक अपने बेटे वीरेंद्र नायक के साथ।

मरीजों से लूट का नया खेल शुरू हो गया है। इस खेल में एम्बुलेंस ड्राइवर और अस्पताल संचालक शामिल हैं। कमीशन के खातिर ग्रामीण क्षेत्र और सीमावर्ती जिलों से मरीजों को नामी डॉक्टरों का नाम लेकर किसी भी निजी अस्पताल में छोड़ दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला दमोह के एक मरीज के साथ सामने आया है। नामी हृदयरोग विशेषज्ञ का नाम लेकर एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। अस्पताल ने चार दिन में 60 हजार का बिल बना दिया। बड़ी मुश्किल से मरीज को लेकर परिजन 40 हजार रुपए देकर निकल पाए।

हार्ट विशेषज्ञ डॉ. पुष्पराज पटेल के नाम पर दमोह के बक्शवाहा गांव निवासी 63 वर्षीय आजाद रानी नायक को प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवर ब्रजेश शुक्ला ने आईटीआई माढ़ोताल स्थित संस्कारधानी अस्पताल में भर्ती करा दिया। महिला को दमोह के डॉक्टर ने हार्ट विशेषज्ञ डॉक्टर पुष्पराज पटेल को दिखाने के लिए 15 सितंबर को रेफर किया था। पर एम्बुलेंस ड्राइवर संस्कारधानी अस्पताल में ये कहते हुए भर्ती कराया कि डॉ. पुष्पराज पटेल इस अस्पताल में इलाज करने आते हैं।

संस्कारधानी अस्पताल द्वारा बनाया गया बिल।
संस्कारधानी अस्पताल द्वारा बनाया गया बिल।

अस्पताल प्रबंधन बोलता रहा झूठ

महिला मरीज आजाद रानी के बेटे वीरेंद्र नायक मुताबिक चार दिन तक अस्पताल प्रबंधक झूठ बोलते रहे। पहले बोले कि डॉक्टर पुष्पराज को कॉल कर दिया गया है, अभी आएंगे। फिर डॉ. बसंत चतुर्वेदी ने इलाज शुरू कर दिया। बोले कि डॉक्टर पुष्पराज को फोन पर मरीज के बारे में बता दिया है। उनके बताए अनुसार दवाएं शुरू कर दी गई हैं।

चार दिन तक अस्पताल यही झूठ बोलता रहा। भर्ती के समय 10 हजार रुपए जमा कराए थे। इसके अलावा 7 हजार से अधिक की दवाएं खरीदवा दी। जबकि उसके पास आयुष्मान कार्ड है। चार दिन बाद जब अस्ताल के धोखे का पता चला और उसने डिस्चार्ज करने को कहा तो 40 हजार रुपए का बिल जमा करने के लिए मजबूर किया गया। बड़ी मुश्किल से 20 हजार रुपए देने पर गेट पास बनाया गया।

परिजनों ने सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत

मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के झूठ को लेकर हंगामा किया। मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की। तब जाकर 40 हजार की बजाए 20 हजार रुपए अस्पताल प्रबंधन लेने को तैयार हुआ। टोटल 40 हजार रुपए ले लिए, लेकिन बिल मांगने पर 23 हजार रुपए ही दिए। वहीं 10 हजार से अधिक के दवाओं का बिल 5 हजार रुपए का ही दिया। इसके बाद परिजन वहां से डॉक्टर पुष्पराज के अस्पताल में मरीज काे ले जा पाए। यहां आयुष्मान कार्ड से महिला मरीज का नि:शुल्क इलाज हो रहा है।

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