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वज्रपात ने बिखेरा परिवार:इकलौते बेटे ने मां-बाप की गोद में तड़पते हुए दम तोड़ा, कमलाबाई की आंखों के सामने बेटी और सुहाग दोनों छिन गए

जबलपुर2 महीने पहले
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संसार में इससे बड़ा कोई बोझ नहीं। बेटे साहिल को कंधे पर उठा कर भागता पिता रम्मू और साथ में मां संध्या। - Money Bhaskar
संसार में इससे बड़ा कोई बोझ नहीं। बेटे साहिल को कंधे पर उठा कर भागता पिता रम्मू और साथ में मां संध्या।

आकाशीय बिजली ने दो भाईयों के परिवार की खुशियों को झुलसा दिया। मां-पिता की गोद में इकलौते बेटे ने दम तोड़ दिया तो कमलाबाई के सामने उसकी बेटी और सुहाग उजड़ गए। यादव भाईयों के परिवार पर हुए इस वज्रपात से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। इस आफत में बच गए लोगों की आंखों में खौफ साफ पढ़ा जा सकता है।

जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर जमुनिया गांव निवासी रामजी यादव और उनके भाई रम्मू यादव मजदूरी कर परिवार पाल रहे थे। खेती के नाम पर थोड़ी सी जमीन है। इसी में उड़द लगा दी थी। वैसे तो वो दूसरे के खेत में मजदूरी करने जाते थे, लेकिन मौसम साफ था, तो खेत में पक कर तैयार उड़द तोड़ने के लिए अपने खेत में चले गए।

यादव परिवार पर हुए वज्रपात से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।
यादव परिवार पर हुए वज्रपात से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।

रामजी यादव के कंधे पर पांच बच्चों की परवरिश की थी जिम्मेदारी

रामजी यादव के कंधों पर पत्नी कमलाबाई के अलावा बेटी माया यादव, शिवानी यादव, दुर्गा यादव, बेटे आदित्य यादव व अनुज यादव की जिम्मेदारी थी। बड़ी बेटी शिवानी के हाथ पहले ही पीले कर चुके हैं। इस हादसे में रामजी यादव के साथ ही उसकी दूसरे नंबर की बेटी माया (19) की मौत हो गई है। दोनों बेटे पांच व सात वर्ष के हैं। हादसे के वक्त कमलाबाई भी कमरे में मौजूद थी। उसकी आंखों के सामने ही बेटी और सुहाग छिन गए। वह भी मौके पर बेहोश हो गई थी, पर जिंदगी बच गई। उसका रो-रो कर बुरा हाल है।

इकलौते बेटे की मौत पर मां संध्या का विलाप देखकर लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।
इकलौते बेटे की मौत पर मां संध्या का विलाप देखकर लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।

छिन गया इकलौता चिराग

रामजी यादव के छोटे भाई रम्मू यादव भी पत्नी संध्या और इकलौता बेटा साहिल यादव (15) भी हादसे के वक्त इसी एक कमरे में छुपे थे। पति-पत्नी की गोद में ही बेटे साहिल ने दम तोड़ दिया था। रम्मू की तीन संतानों में बेटा साहिल बड़ा था। उससे छोटी दो बेटियां सेजल यादव और सानिया यादव उससे छोटी हैं। दोनों भाईयों पर पड़े वज्रपात से पूरा गांव दुखी है। मां संध्या यादव तो सदमे में रह-रह कर बेहोश हुए जा रही है।

बेहद गरीब है दोनों परिवार

रामजी यादव और रम्मू यादव बेहद गरीब हैं। मजदूरी कर किसी तरह बच्चों को पाल रहे थे। खेती के नाम पर थोड़ी सी जमीन ही है। उसी में उड़द लगाए थे। खेत में एक कमरा बना हुआ है। यह भी काफी जर्जर हो चुका है। बारिश के बाद दोनों भाई, पत्नी व बच्चों के साथ इस जर्जर मकान में ठौर लिए थे, लेकिन आसमान से गिरी बिजली ने दोनों परिवारों की खुशियों को झुलसा दिया।

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चार-चार लाख रुपए आर्थिक मदद

आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाने वाले रामजी, माया यादव और साहिल यादव के परिजनों को कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आरबीसी 6(4) के तहत 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद स्वीकृत की है। इस प्राकृतिक हादसे की जानकारी पर नायब तहसीलदार चरगवां कर्त्तव्य अग्रवाल भी गांव में पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ित परिवार को अंत्येष्टि सहायता भी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

आकाशीय बिजली ने पिता रामजी यादव-पुत्री माया यादव और भतीजे साहिल को छीन लिया।
आकाशीय बिजली ने पिता रामजी यादव-पुत्री माया यादव और भतीजे साहिल को छीन लिया।

ये थी घटना

चरगवां के जमुनिया गांव निवासी रामजी यादव पत्नी कमलाबाई, बेटी माया यादव, भाई रम्मू यादव, उसकी पत्नी संध्या यादव और भतीजे साहिल यादव के साथ मूंग उखाड़ने पहुंचे थे। शाम 5 बजे के लगभग बारिश शुरू हुई तो वे खेत में बने कमरे में छुपने के लिए चले गए। पास के खेत में मजदूरी कर रहे गांव के बाबूलाल झारिया, उसकी पत्नी चंदाबाई झारिया, मिठाईलाल झारिया भी वहां बारिश से बचने को पहुंचे थे। उसी दौरान इस जर्जर मकान पर आकाशीय बिजली गिरी। खिड़की के पास खड़े रामजी यादव (43), उसकी बेटी माया यादव (19) और भतीजा साहिल यादव (15) उसकी चपेट में आ गए। मेडिकल पहुंचने से पहले तीनों की मौत हो गई थी। जबकि अन्य बेहोश हो गए थे, और थोड़ी देर बाद ही वे होश में आ गए थे।

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