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MP का शातिर जालसाज दिलशाद गिरफ्तार:प्रदेश भर में हेल्थ, रेलवे व शिक्षा विभाग में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का झांसा देकर कर चुका है ठगी, जबलपुर में दबोचा

जबलपुर3 महीने पहले
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शातिर जालसाज दिलशाद खान को ओमती पुलिस ने दबोाचा। - Money Bhaskar
शातिर जालसाज दिलशाद खान को ओमती पुलिस ने दबोाचा।

जबलपुर की ओमती पुलिस ने एमपी के शातिर जालसाज रांझी निवासी दिलशाद खान को 25 अगस्त बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह एक साल से फरार चल रहा था। आरोपी ने फर्जी अंकसूची तैयार कराकर विक्टोरिया सहित कई अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन व रेडियोलॉजिस्ट की नौकरी लगवाई थी। कुल 4 लोगों को उसने फर्जी तरीके से नौकरी दिलवाई थी, पर अंकसूची के सत्यापन में पोल खुल गया। आराेपी की 28 नवंबर 2020 से पुलिस को तलाश थी।

ओमती टीआई एसपीएस बघेल के मुताबिक आरोपी दिलशाद काफी शातिर है। आरोपी ने फर्जी अंकसूची बनवाकर अरविंद रजक, साधना मर्सकोले, कढोरीलाल व संदीप बर्मन को लैब टेक्नीशियन की नौकरी लगवाई थी। सभी से उसने 10-12 लाख रुपए लिए थे। चारों की अंकसूची सत्यापन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडला भोपाल भेजा गया। वहां से बताया गया कि सभी अंकसूची फर्जी हैं। इस पर सीएमएचओ की ओर से 28 नवंबर 2020 को ओमती थाने में चारों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ था।

पूछताछ में सामने आया था दिलशाद का नाम

ओमती पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। चारों से पूछताछ में रांझी निवासी आरोपी दिलशाद खान का नाम सामने आया था। आरोपी इतना शातिर है कि पूर्व में नर्सों की भी इसी तरह से भर्ती करा चुका है। आरोपी के खिलाफ इसी तरह की एफआईआर भोपाल के निशातपुरा सहित अन्य जिलों में भी कई एफआईआर दर्ज है। आरोपी के खिलाफ ओमती में दो, रांझी में चार, भोपाल, सागर, रतलाम, शहडोल, उज्जैन आदि जिलों में भी एफआईआर दर्ज है। तब से ओमती पुलिस आरोपी को तलाश रही थी।

भोपाल की एसटीएफ भी गिरफ्तार कर चुकी है

53 वर्षीय दिलशाद के खिलाफ पहली एफआईआर रांझी में 1996 में दर्ज है। सभी मामले धोखाधड़ी व फर्जीवाड़ा से संबंधी है। पूर्व में दिलशाद को भोपाल एसटीएफ भी गिरफ्तार क चुकी है। तब भी उसे फर्जी तरीके से नौकरी दिलवाने के प्रकरण में ही गिरफ्तार किया गया था। अभी वह रेलवे और हेल्थ विभाग में कोविड के चलते होने वाली भर्ती के एवज में लोगों से पैसे ले रहा था। ओमती पुलिस आरोपी की तलाश में भोपाल, जबलपुर, कानपुर, लखनऊ आदि कई स्थानों पर दबिश दे चुकी थी।

रांझी आया था घर, पुलिस पहुंच गई।

आरोपी रक्षाबंधन पर रांझी अपने घर आया था। ओमती पुलिस को भनक लग गई। एसआई सतीष झारिया की अगुवाई में टीम ने उसके घर दबिश देकर दबोच लिया है। आरोपी की रांझी में डेयरी भी है। पूर्व में माफिया विरोधी अभियान में इसकी डेयरी भी तोड़ी गई थी। आरोपी को पुलिस ने 31 अगस्त तक रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह से ठगी के प्रकरण में मामला दर्ज है।

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