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एएसपी बनकर जालसाज ने शहपुरा में भी ठगी की:जबलपुर जिले के कई थानों में पहुंचा कॉल, माढ़ोताल क्षेत्र के तीन पेट्रोल पंप संचालक ठगी से बच गए

जबलपुर3 महीने पहले
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पुलिस कर्मियों को मोहरा बनाकर ठगी का नया फंडा। - Money Bhaskar
पुलिस कर्मियों को मोहरा बनाकर ठगी का नया फंडा।

एएसपी बनकर ठगी करने वाले जालसाजों के शिकार जिले में कई पेट्रोल पंप संचालक बने हैं। थानों के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालकों से जालसाज ने बात किया था। शहपुरा में भी जालसाज 50 हजार रुपए जमा कराने में सफल रहा। वहीं माढ़ाेताल में जालसाज एक पेट्रोल पंप से 70 हजार रुपए आरटीजीएस करा लिया था, लेकिन समय रहते टीआई को पता चल गया और उन्होंने बैंक से बात कर रकम होल्ड करा दी। इसी तरह सिहोरा और बेलखेड़ा में भी फोन पहुंचा था, पर वहां टीआई को पता चल गया और पेट्रोल पंप संचालक ठगी का शिकार बनने से बच गए।

पुलिस के मुताबिक राजस्थान के भरतपुर, अलवर व दौसा के आसपास ये जालसाज सक्रिय हैं। इन जालसाजों की ठगी का यही तरीका है। जालसाजों ने 28 जुलाई को पनागर थाने में एएसपी बनकर बात की थी। वहां के आरक्षकों को भेजकर कस्बे के पेट्रोल पंप संचालक प्रवीण मिश्रा से 49 हजार रुपए जमा करा लिए थे। शुक्रवार को ये मामला सामने आया तो जालसाजों के शिकार बने दूसरे लोग भी सामने आए।

शहपुरा में भी पेट्रोल पंप संचालक से ठगी

जालसाजों ने 27 जुलाई को शहपुरा के एक पेट्रोल पंप संचालक से डीएसपी बनकर बात की थी। जालसाज ने कस्बे के पेट्रोल पंप संचालक संजय जैन से कहा कि उसे बच्चे की फीस भरने के लिए तत्काल 50 हजार रुपए की जरूरत है, 29 जुलाई तक लौटा देंगे। डीएसपी का नाम बोलने से संजय जैन झांसे में फंस गए। उन्होंने बताए गए खाता नंबर में 50 हजार रुपए जमा कर दिए। जालसाज से उनकी 29 जुलाई तक बात होती रही। इसके बाद उसने मोबाइल नंबर बंद कर लिया। पनागर की घटना की जानकारी होने पर शुक्रवार 30 जुलाई को वे थाने पहुंचे और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।

तीन पेट्रोल पंपों से बात कराने के लिए किया फोन

जालसाज ने इसी तरह माढ़ोताल थाने में पदस्थ मुंशी रामेश्वर रजके पास 27 को काल किया। ट्रू-कॉलर में एएसपी सिंह साहब दर्शा रहा था। जालसाज ने बोला कि चीता और पेट्रोलिंग को भेजकर तुंरत पेट्रोल पंप संचालकों से बात कराओ। रामेश्वर ने एएसपी समझ चीता मोबाइल व पेट्रोलिंग को जैन पेट्रोल पंप के संचालक एके जैन और दो अन्य पेट्रोल पंप संचालकों के पास रवाना किया। एके जैन से जालसाज ने बात कर 70 हजार रुपए जमा कराने को बोला। इसी तरह पचौरी पेट्रोल पंप संचालक से 60 हजार रुपए जमा करने के लिए बोला। तीसरे पेट्रोल पंप संचालक तक पुलिस कर्मी नहीं पहुंच पाए थे, तभी भेद खुल गया।

माढ़ोताल में पदस्थ रहे पुराने एएसआई को काॅल लगाया तो खुला भेद

दरअसल एके जैन ने 70 हजार रुपए के बावत माढ़ोताल थाने में पदस्थ रह चुके एएसआई अशोक मिश्रा को कॉल कर एएसपी द्वारा पैसे जमा कराने के बारे में बताया। अशोक मिश्रा ने टीआई रीना पांडे को इसके बारे में बताया। रीना पांडे ने अधिकारियों से क्रास चेक किया और तुरंत पुलिस कर्मियों को पेट्रोल पंप दौड़ाया। वहां से पता चला कि एके जैन ने 15 मिनट पहले ही 70 हजार रुपए आरटीजीएस कर दिया है। तुरंत बैंक में बात कर इस रकम को होल्ड कराया। जबकि 60 हजार रुपए लेकर बैंक जमा करने निकल गए पचौरी पेट्रोल पंप के कर्मी को वापस बुलवाया।

सिहोरा और बेलखेड़ा थाने भी पहुंचा था कॉल

जालसाज ने इसी तरह बेलखेड़ा थाने में पदस्थ आरक्षक हरि नारायण के सीयूजी नंबर पर कॉल कर कस्बे के पेट्रोल पंप संचालक से बात कराने के लिए कहा। संयोग से थाने में टीआई विजय अंभोरे मौजूद थे। आरक्षक ने बताया कि एएसपी साहब का कॉल आया था और पेट्रोल पंप वाले से बात कराने के लिए बोल रहे थे। टीआई को संदेह हुआ। एएसपी को कॉल कर क्रास चेक किया तो पता चला कि उन्होंने तो बात ही नहीं की थी। इसी तरह सिहोरा थाने के आरक्षक ने भी समय रहते टीआई से घटना का जालसाज के फोन कॉल का जिक्र कर दिया और सच सामने आ गया।

जिले भर के पेट्रोल पंप संचालकों की पुलिस ने ली बैठक

पुलिस कर्मियों और थानों में फोन कर पेट्रोल पंप संचालकों से ठगी का प्रकरण सामने आने के बाद शुक्रवार को एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर सभी थानों में पेट्रोल पंप संचालकाें की बैठक बुलाई गई। थाने के सभी कर्मियों को सचेत किया गया। पेट्रोल पंप संचालकों को ताकीद की गई कि किसी अधिकारी के नाम पर कॉल आए तो पैसे कदापि नहीं जमा करने हैं। इसकी सूचना तुरंत संबंधित थाने या फिर कंट्रोल रूम नंबर 0761 2676100, 0761 2676102 पर दें। ऐसी ही बैठक एएसपी रोहित काशवानी ने कंट्रोल रूम में भी बुलाई थी।

ठगी का ये है तरीका

  • ट्रू कॉलर में एएसपी या डीएसपी नाम से नंबर सेव दर्शाता है।
  • थाने के लैंडलाइन या कर्मियों के सीयूजी नंबर पर जालसाज फोन कर रहे हैं।
  • जालसाज पुलिसिया भाषा जैसे, मेजर, मददगार, मुंशी, कार्यदिवस अधिकारी, चीता मोबाइल या पेट्रोलिंग टीम जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए बात करते हैं।
  • अर्जेंट में पैसे की जरूरत बता पेट्रोल पंप संचालक से बात करते हैं।
  • पेट्रोल पंप संचालक को भरोसा देते हैं कि दो दिन बाद ये पैसे लौटा देंगे।
  • खाते में पैसा जमा होते ही जालसाज उसे तीन-चार अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेता है।
  • सभी खाते अलवर, भरतपुर व दौसा जिले के निकल रहे हैं।

-पुलिस बनकर ठगी करने वाले गिरोह पूर्व में कटनी में एएसपी संदीप मिश्रा के नाम पर ठगी कर चुके हैं। प्रदेश के दूसरे जिलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। ये गिरोह राजस्थान के भरतपुर और अलवर क्षेत्र में सक्रिय है। जल्द ही एक टीम वहां जाएगी। राजस्थान पुलिस से भी मामले में मदद ली जा रही है।

राेहित काशवानी, एएसपी, जबलपुर

ASP बनकर पेट्रोल पंप संचालक से 49 हजार रुपए ठगे:जबलपुर के पनागर थाने में जालसाज ने ASP बनकर किया कॉल, पेट्रोल पंप संचालक से अलवर के अकाउंट होल्डर के खाते में जमा कराई रकम

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