पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61716.05-0.08 %
  • NIFTY18418.75-0.32 %
  • GOLD(MCX 10 GM)473880.43 %
  • SILVER(MCX 1 KG)637561.3 %
  • Business News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Used To Target Women Of A Particular Class, First Bought Bikes From Looted Money, And Used To Commit Crimes With That.

इंदौर में 3 लुटेरे गिरफ्तार:बाइक सवार मुस्लिम परिवार को बनाते थे निशाना; पहली लूट से बाइक खरीदी और उसी से करने लगे वारदात, रुपए गर्लफ्रेंड पर करते थे खर्च

इंदौर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

इंदौर में सांवेर पुलिस ने तीन शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। लुटेरे गर्लफ्रेंड को घुमाने और होटलों में खाना खिलाने के लिए अंजाम देते थे। ये लुटेरे हाईवे पर बाइक सवार मुस्लिम परिवार को ही निशाना बनाते थे। पकड़े गए आरोपियों ने कई वारदातें कबूल की हैं। आरोपियों ने बताया कि लूट के बाद से सबसे पहले उन्होंने बाइक खरीदी थी। इसी बाइक से वे वारदात के लिए जाते थे।

सांवेर थाना प्रभारी अनिल चौहान ने बताया 28 जुलाई को फरियादी इमरान बेग ने शिकायत पर 3 अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का बैग लूट लिया है। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की। इस दौरान गुरुवार दोपहर पुलिस को एक सूचना मिली कि कुछ अज्ञात बदमाश लाल रंग की बाइक पर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं, जिस पर पुलिस ने रेकी करते हुए 3 आरोपियों आयुष कुमावत (18) ,गौरव गडरिया(19), सौरभ पाखरे(20) को गिरफ्तार कर लिया।

शौक ने बनाया दिया लुटेरा

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पहले प्रिंटिंग प्रेस में काम करते थे। सौरभ और आयुष गर्लफ्रेंड को घुमाने और उन्हें होटलों में खाना खिलाने के लिए उन्होंने लूट की वारदातें शुरू की। लुटेरों ने सबसे पहले ₹15 हजार की एक लूट की। उन्होंने सेकेंड हैंड अपाचे बाइक कुछ और रुपए मिलाकर खरीदी। इसके बाद वह इंदौर और सांवेर के कई इलाकों में लूट की वारदात करते थे।

आरोपियों के लूट का तरीका बड़ा अलग था। वे बाइक सवार मुस्लिम परिवार को निशाना बनाते थे, क्योंकि महिलाएं बुर्का पहने होती थीं और उनका पर्स कंधे पर लटका रहता था। अक्सर बाइक पर आगे कोई बच्चा बैठा होता रहता, इसलिए लूट के बाद पीछा करने का डर भी नहीं रहता था।

लुट के बाद तुरंत हिस्सा बांटते थे

आरोपी इंदौर के रहने वाले थे, इसलिए उन्होंने सांवेर और बायपास के कुछ इलाकों को लूट की वारदात के लिए चुन रखा था। लूट करने के बाद वह गांव के रास्ते से होते हुए एरोड्रम स्थित सुपर कॉरिडोर पर रुकते थे। वहीं पर ही लूट के माल का हिस्सा करते थे। आरोपियों ने लूट की बाइक के नंबर भी बदल रखे थे। इस कारण से पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहे थे।

खबरें और भी हैं...